सीएम योगी का दावा: यूपी में महिला पुलिसकर्मी 10,000 से बढ़कर 44,000 पार, नारी सुरक्षा बनी नई पहचान
सारांश
मुख्य बातें
उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने 12 अक्टूबर 2026 को शारदीय नवरात्रि की द्वितीया के अवसर पर मां ब्रह्मचारिणी की पूजा-अर्चना की और सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर उत्तर प्रदेश में महिला सुरक्षा की दिशा में हुए बदलावों की विस्तृत चर्चा की। उन्होंने कहा कि 2017 से पहले नारी सुरक्षा के सवालों से घिरा रहने वाला उत्तर प्रदेश आज सशक्तीकरण और सुरक्षा की नई मिसाल बन चुका है।
मां ब्रह्मचारिणी और सशक्तीकरण का संदेश
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने नवरात्रि के इस पावन अवसर को नारी-शक्ति से जोड़ते हुए कहा कि मां ब्रह्मचारिणी का तप और संकल्प यह सिखाता है कि दृढ़ इच्छाशक्ति से असंभव दिखने वाले लक्ष्य भी सिद्ध किए जा सकते हैं। उन्होंने प्रदेशवासियों से नवरात्र पर महिलाओं की सुरक्षा, बालिकाओं की शिक्षा और महिला स्वावलंबन के लिए संकल्प लेने की अपील की। उनके अनुसार, मां दुर्गा की महिषासुर पर विजय धर्म और न्याय की पुनर्स्थापना का प्रतीक है।
महिला पुलिस कार्यबल में बड़ा विस्तार
मुख्यमंत्री के अनुसार, 20 प्रतिशत आरक्षण की नीति के चलते उत्तर प्रदेश में महिला पुलिस कार्यबल 10,000 से बढ़कर 44,000 से अधिक हो गया है। इसके अतिरिक्त तीन महिला पीएसी बटालियनों का गठन किया गया है — लखनऊ में वीरांगना ऊदा देवी पासी, गोरखपुर में वीरांगना झलकारी बाई कोरी और बदायूं में वीरांगना अवंतीबाई लोधी के नाम पर। यह ऐसे समय में आया है जब देशभर में महिला पुलिस प्रतिनिधित्व बढ़ाने की माँग लंबे समय से उठती रही है।
मिशन शक्ति और सुरक्षा तंत्र
योगी सरकार ने दावा किया है कि मिशन शक्ति के पाँच चरणों, सेफ सिटी परियोजना, मिशन शक्ति केंद्रों और महिला बीट पुलिसिंग जैसी पहलों ने प्रदेश के महिला सुरक्षा तंत्र को व्यापक और सुदृढ़ बनाया है। मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि विगत 9.5 वर्षों में अपराध के प्रति जीरो टॉलरेंस की नीति, तकनीक आधारित निगरानी और पुलिस की त्वरित कार्रवाई ने महिलाओं के लिए भयमुक्त वातावरण बनाने में निर्णायक भूमिका निभाई है। गौरतलब है कि ये दावे सरकारी आँकड़ों पर आधारित हैं और विपक्ष इनसे असहमति जताता रहा है।
सशक्त नारी-समृद्ध उत्तर प्रदेश का संकल्प
मुख्यमंत्री ने प्रदेशवासियों को आश्वस्त किया कि डबल इंजन सरकार की 'सशक्त नारी-समृद्ध उत्तर प्रदेश' की यात्रा अनवरत जारी है। उन्होंने कहा कि मातृशक्ति को सुरक्षित, सम्मानित और आत्मनिर्भर बनाना इस समग्र चेतना का आधार है। आलोचकों का कहना है कि महिला सुरक्षा के व्यापक मूल्यांकन के लिए स्वतंत्र एजेंसियों के आँकड़ों को भी ध्यान में रखना ज़रूरी है।
आगे की राह
योगी सरकार के इन दावों की पृष्ठभूमि में उत्तर प्रदेश के आगामी राजनीतिक परिदृश्य की भी अहमियत है। नवरात्रि जैसे पर्वों पर महिला सशक्तीकरण के संदेश को सार्वजनिक मंच से उठाना सरकार की रणनीतिक संवाद-शैली का हिस्सा माना जा रहा है। यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि आने वाले समय में महिला सुरक्षा से जुड़े नीतिगत क़दम ज़मीनी स्तर पर कितना प्रभाव दिखाते हैं।