नवरात्र पर योगी आदित्यनाथ का संदेश: मातृशक्ति की सुरक्षा और स्वावलंबन से बनेगा विकसित उत्तर प्रदेश
सारांश
मुख्य बातें
उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने 12 अक्टूबर 2026 को शारदीय नवरात्र के पावन अवसर पर प्रदेशवासियों को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि मां दुर्गा की महिषासुर पर विजय धर्म और न्याय की पुनर्स्थापना का शाश्वत प्रतीक है। उन्होंने स्पष्ट किया कि अहंकार, दुराग्रह, आसक्ति और नकारात्मक प्रवृत्तियों पर विनम्रता, साहस, शक्ति, संकल्प, न्याय और धर्म की विजय का भाव ही मां के नौ स्वरूपों में निहित है। मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि मातृशक्ति को सुरक्षित, सम्मानित और आत्मनिर्भर बनाना इसी चेतना का व्यावहारिक आधार है।
योगी की पाती: आदिशक्ति के प्राकट्य का संदर्भ
'योगी की पाती' में मुख्यमंत्री ने लिखा कि जब महिषासुर के अत्याचार से तीनों लोकों में त्राहि-त्राहि मच गई, तब देवताओं की सामूहिक ऊर्जा से एक दिव्य शक्ति का प्राकट्य हुआ जो साक्षात् आदिशक्ति थीं। उन्होंने बताया कि मां दुर्गा ने महिषासुर का वध कर धर्म और न्याय की पुनर्स्थापना की। योगी आदित्यनाथ ने यह भी उल्लेख किया कि लंका विजय से पूर्व प्रभु श्रीराम ने मां जगतजननी की साधना की थी — साधना के लिए 108 नीलकमलों में एक कम पड़ने पर उन्होंने अपना नयन अर्पित करने का संकल्प किया, तब मां प्रकट हुईं और विजय का वर दिया।
नवरात्र का सामाजिक संदेश
मुख्यमंत्री ने कहा कि ममता और वात्सल्य की प्रतिमूर्ति मां त्रैलोक्य की रक्षा के लिए चंडी का रूप धारण करती हैं और मधु-कैटभ, शुंभ-निशुंभ तथा रक्तबीज जैसे दानवों का संहार करती हैं। उन्होंने कहा कि आज भी जब समाज नकारात्मक प्रवृत्तियों से संघर्ष करता है, तब नवरात्र यह याद दिलाता है कि सज्जनता तभी प्रभावी होती है जब उसमें शक्ति और संकल्प का सामर्थ्य हो। मां विंध्यवासिनी, मां पाटेश्वरी और मां शाकम्भरी जैसे प्रमुख शक्तिपीठों में श्रद्धालुओं की आस्था और युवाओं की बढ़ती सहभागिता को उन्होंने नई पीढ़ी के सांस्कृतिक जुड़ाव का प्रमाण बताया।
मिशन शक्ति और महिला सशक्तीकरण की उपलब्धियाँ
योगी आदित्यनाथ ने बताया कि उनकी सरकार ने वर्ष 2020 में शारदीय नवरात्र पर मिशन शक्ति अभियान प्रारंभ किया था, जिसका उद्देश्य नारी सुरक्षा, सम्मान और सशक्तीकरण को जनभागीदारी से जोड़ना था। उन्होंने बताया कि आज 44,000 से अधिक महिलाएं उत्तर प्रदेश पुलिस बल का हिस्सा हैं और पुलिस भर्ती में महिलाओं के लिए 20 प्रतिशत आरक्षण सुनिश्चित किया गया है। गौरतलब है कि ऊदा देवी पासी, झलकारी बाई कोरी और रानी अवंतीबाई लोधी जैसी वीरांगनाओं के नाम पर तीन महिला पीएसी बटालियन भी गठित की गई हैं।
स्वयं सहायता समूह और बालिका शिक्षा
मुख्यमंत्री ने कहा कि मुख्यमंत्री कन्या सुमंगला योजना से बालिकाओं की शिक्षा और उज्ज्वल भविष्य को प्रोत्साहन मिल रहा है। उन्होंने बताया कि 10 लाख से अधिक स्वयं सहायता समूहों से जुड़कर एक करोड़ से अधिक महिलाएं स्वावलंबन की नई गाथा लिख रही हैं। यह ऐसे समय में आया है जब उत्तर प्रदेश में महिला आर्थिक भागीदारी को नीति का केंद्र बनाने की कोशिशें तेज हो रही हैं।
प्रदेशवासियों से अपील
मुख्यमंत्री ने प्रदेशवासियों से अपील की कि नवरात्र के पावन अवसर पर उपासना और उपवास के साथ-साथ यह संकल्प भी लें कि किसी बहन की सुरक्षा के लिए उसकी आवाज़ बनेंगे, किसी बालिका की शिक्षा में सहयोग करेंगे और किसी महिला के आत्मनिर्भर बनने की राह में संबल बनेंगे। उन्होंने कहा कि आदिशक्ति की आराधना तभी पूर्ण होगी जब प्रदेश की मातृशक्ति सुरक्षित, सम्मानित और स्वावलंबी बनेगी — और इसी से विकसित उत्तर प्रदेश के संकल्प की सिद्धि होगी।