14 अक्टूबर 2026
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यूपी की नारी बन रही ग्रामीण अर्थव्यवस्था की निर्माता: नवरात्रि पर सीएम योगी का संदेश

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यूपी की नारी बन रही ग्रामीण अर्थव्यवस्था की निर्माता: नवरात्रि पर सीएम योगी का संदेश

सारांश

नवरात्रि की चतुर्थी पर सीएम योगी आदित्यनाथ ने यूपी की महिलाओं को ग्रामीण अर्थव्यवस्था की असली निर्माता बताया। बीसी सखी, लखपति दीदी और ड्रोन दीदी जैसी पहलों का हवाला देते हुए उन्होंने कहा कि 2017 के बाद से नीति और नीयत दोनों बदली हैं — और अब गाँव की नारी समृद्ध होगी तो प्रदेश समृद्ध होगा।

मुख्य बातें

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने 14 अक्टूबर 2026 , शारदीय नवरात्रि चतुर्थी पर एक्स पर पोस्ट कर यूपी की नारी को ग्रामीण अर्थव्यवस्था की निर्माता बताया।
बीसी सखी , लखपति दीदी और ड्रोन दीदी योजनाओं को ग्रामीण महिलाओं की आर्थिक भूमिका के प्रमाण के रूप में प्रस्तुत किया गया।
स्वयं सहायता समूहों (SHG) और किसान उत्पादक संगठनों (FPO) के ज़रिये आजीविका और उद्यमिता के अवसर बढ़ाए जा रहे हैं।
योगी ने कहा कि 2017 से पहले महिलाओं के लिए न अवसर था, न संसाधन और न सरकारी नीति।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन में डबल इंजन सरकार को इस बदलाव का श्रेय दिया गया।

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने 14 अक्टूबर 2026 को शारदीय नवरात्रि की चतुर्थी के अवसर पर मां कूष्मांडा के चरणों में श्रद्धा अर्पित की और प्रदेशवासियों को सृजन, ऊर्जा तथा समृद्धि की प्रतीक देवी की आराधना का संदेश दिया। इस अवसर पर उन्होंने एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर पोस्ट कर कहा कि उत्तर प्रदेश की नारी अब केवल विकास की लाभार्थी नहीं, बल्कि गाँव की अर्थव्यवस्था की निर्माता और नए भारत की भाग्य विधाता बन रही है।

महिला सशक्तिकरण की नई दिशा

मुख्यमंत्री ने अपने पोस्ट में कहा, "जहाँ नारी को शक्ति व अवसर मिलता है, वहाँ अभाव परिश्रम में, परिश्रम आत्मनिर्भरता में और आत्मनिर्भरता समृद्धि में बदलती है।" उन्होंने यह भी रेखांकित किया कि वर्ष 2017 से पहले महिलाओं के लिए न अवसर था, न संसाधन, और न ही सरकार के पास समुचित नीति और नीयत।

योगी ने कहा कि आज प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन में प्रदेश की डबल इंजन सरकार गाँव की बहनों को आत्मनिर्भरता की नई राह से जोड़ रही है। यह बदलाव महज नारों तक सीमित नहीं, बल्कि ज़मीनी कार्यक्रमों के ज़रिये साकार हो रहा है।

बीसी सखी, लखपति दीदी और ड्रोन दीदी

मुख्यमंत्री ने तीन प्रमुख पहलों का उल्लेख किया जो ग्रामीण महिलाओं की भूमिका को नया आयाम दे रही हैं। बीसी सखी गाँवों में बैंकिंग सेवाओं की सशक्त कड़ी बन रही हैं। लखपति दीदी आर्थिक स्वावलंबन की नई पहचान बन गई हैं। ड्रोन दीदी कृषि क्षेत्र में आधुनिक तकनीक का नेतृत्व कर रही हैं।

स्वयं सहायता समूहों (SHG) और किसान उत्पादक संगठनों (FPO) के माध्यम से ग्रामीण महिलाओं के लिए आजीविका, उद्यमिता और कृषि आधारित रोज़गार के अवसरों का विस्तार किया जा रहा है।

ग्रामीण अर्थव्यवस्था पर प्रभाव

योगी ने ज़ोर दिया कि अब महिलाएँ केवल परिवार की समृद्धि का आधार नहीं, बल्कि गाँव की अर्थव्यवस्था की संचालक और नए उत्तर प्रदेश की विकास यात्रा की नेतृत्वकर्ता बन रही हैं। बैंकिंग सेवाओं से लेकर आधुनिक कृषि तकनीक और स्वरोज़गार तक महिलाओं की भागीदारी गाँवों में आजीविका के नए अवसर पैदा कर रही है।

स्वयं सहायता समूहों के ज़रिये महिलाएँ सामूहिक प्रयासों को उद्यमिता में बदल रही हैं, जिससे ग्रामीण परिवारों की आर्थिक क्षमता के साथ साथ निर्णय प्रक्रिया में भी उनकी भागीदारी मज़बूत हो रही है।

नवरात्रि का सन्दर्भ और राजनीतिक संदेश

गौरतलब है कि यह संदेश शारदीय नवरात्रि के अवसर पर आया है — एक ऐसा पर्व जो स्त्री शक्ति की आराधना का प्रतीक है। मुख्यमंत्री ने धार्मिक उत्सव को महिला सशक्तिकरण की नीतिगत उपलब्धियों से जोड़कर एक व्यापक सामाजिक संदेश दिया।

मुख्यमंत्री योगी का यह कथन आने वाले समय में उत्तर प्रदेश में ग्रामीण महिलाओं को केंद्र में रखकर नीतियाँ बनाने की दिशा में सरकार की प्रतिबद्धता को रेखांकित करता है।

संपादकीय दृष्टिकोण

लखपति दीदी और ड्रोन दीदी जैसी योजनाओं के ज़मीनी आँकड़े कितने सत्यापित हैं। स्वयं सहायता समूहों की संख्या बढ़ना और उनकी आमदनी में वास्तविक वृद्धि — दोनों अलग बातें हैं। सरकार 2017 को जिस तरह 'शून्य से शुरुआत' के रूप में पेश करती है, वह सपा बसपा के दौर की महिला योजनाओं को नज़रअंदाज़ करता है। ग्रामीण महिलाओं की आर्थिक स्वायत्तता की दिशा में प्रगति तब ही विश्वसनीय मानी जाएगी जब स्वतंत्र एजेंसियाँ इसे प्रमाणित करें।
RashtraPress
14 अक्टूबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

सीएम योगी ने नवरात्रि पर महिलाओं के बारे में क्या कहा?
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने 14 अक्टूबर 2026 को नवरात्रि चतुर्थी पर एक्स पर पोस्ट कर कहा कि यूपी की नारी अब ग्रामीण अर्थव्यवस्था की निर्माता और नए भारत की भाग्य विधाता बन रही है। उन्होंने बीसी सखी, लखपति दीदी और ड्रोन दीदी योजनाओं का उल्लेख करते हुए महिला सशक्तिकरण में हुए बदलाव को रेखांकित किया।
बीसी सखी, लखपति दीदी और ड्रोन दीदी योजनाएँ क्या हैं?
बीसी सखी योजना के तहत ग्रामीण महिलाएँ बैंकिंग संवाददाता के रूप में गाँवों में वित्तीय सेवाएँ पहुँचाती हैं। लखपति दीदी कार्यक्रम महिलाओं को स्वयं सहायता समूहों के ज़रिये सालाना एक लाख रुपये से अधिक आमदनी का लक्ष्य देता है। ड्रोन दीदी योजना महिला किसानों को कृषि में ड्रोन तकनीक से जोड़ती है।
योगी सरकार से पहले यूपी में महिलाओं की स्थिति कैसी थी?
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के अनुसार, वर्ष 2017 से पहले उत्तर प्रदेश में महिलाओं के लिए न पर्याप्त अवसर थे, न संसाधन और न ही सरकार के पास समुचित नीति और नीयत थी। हालाँकि यह दावा सरकारी पक्ष का है; विपक्षी दलों का मानना है कि पिछली सरकारों ने भी महिला विकास के लिए योजनाएँ चलाई थीं।
स्वयं सहायता समूह और FPO ग्रामीण महिलाओं की कैसे मदद कर रहे हैं?
स्वयं सहायता समूह (SHG) और किसान उत्पादक संगठन (FPO) ग्रामीण महिलाओं को सामूहिक उद्यमिता, बचत और कृषि आधारित रोज़गार से जोड़ रहे हैं। इन संगठनों के ज़रिये महिलाएँ सामूहिक रूप से छोटे व्यवसाय चला सकती हैं और निर्णय प्रक्रिया में भागीदारी बढ़ा सकती हैं।
योगी का यह संदेश नवरात्रि पर क्यों आया?
शारदीय नवरात्रि स्त्री शक्ति की आराधना का पर्व है, और मुख्यमंत्री ने इसे महिला सशक्तिकरण की सरकारी उपलब्धियों से जोड़ा। चतुर्थी पर मां कूष्मांडा — जो सृजन और ऊर्जा की प्रतीक मानी जाती हैं — को श्रद्धा अर्पित करते हुए योगी ने सामाजिक और सांस्कृतिक संदर्भ में महिला विकास का संदेश दिया।
राष्ट्र प्रेस
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