योगी आदित्यनाथ का नवरात्रि संदेश: सशक्त नारी ही विकसित भारत की नींव, UP में महिला पुलिसकर्मी 44,000 पार
सारांश
मुख्य बातें
उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने 15 अक्टूबर 2026 को शारदीय नवरात्रि के पंचम दिवस पर कहा कि सशक्त नारी ही समर्थ उत्तर प्रदेश और विकसित भारत की आधारशिला है। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट कर कहा कि प्रदेश की बेटियाँ आज अवसरों के अभाव से आगे निकलकर अपनी प्रतिभा और परिश्रम से सफलता के नए कीर्तिमान स्थापित कर रही हैं। यह बयान ऐसे समय में आया है जब राज्य सरकार नारी-केंद्रित योजनाओं के क्रियान्वयन के आँकड़े सार्वजनिक कर रही है।
नवरात्रि पर मुख्यमंत्री का संदेश
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने एक्स पर लिखा, 'वात्सल्य, ममता और पोषण की अधिष्ठात्री देवी माँ स्कन्दमाता की आराधना हमें यह पावन संदेश देती है कि जब नारीशक्ति स्वस्थ, शिक्षित और समर्थ होती है, तभी राष्ट्र का वर्तमान सुरक्षित और भविष्य उज्ज्वल होता है।' उन्होंने महिला सशक्तीकरण को केवल सामाजिक नहीं, बल्कि राष्ट्रनिर्माण का अनिवार्य स्तंभ बताया।
2017 से पहले की स्थिति पर योगी का आरोप
मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्ष 2017 से पहले की पूर्ववर्ती सरकारें बेटियों को संबल देने के बजाय अपने राजनीतिक कुनबे को पोषित करने में व्यस्त थीं। उनके अनुसार, उस दौर में अस्पतालों की बदहाली, दवाओं का अभाव और संस्थागत प्रसव की लचर व्यवस्था के कारण मातृ-शिशु मृत्यु दर चिंताजनक स्थिति में थी। माताओं का स्वास्थ्य और बेटियों की शिक्षा घोर उपेक्षा और भ्रष्टाचार की भेंट चढ़ गई थी।
शिक्षा और बुनियादी ढाँचे में सुधार के आँकड़े
योगी ने कहा कि पिछले साढ़े 9 वर्षों में डबल इंजन सरकार ने इस स्थिति को बदला है। ऑपरेशन कायाकल्प के ज़रिये प्राथमिक विद्यालयों में मूलभूत सुविधाओं का सैचुरेशन 36 प्रतिशत से बढ़कर 96 प्रतिशत से अधिक हो गया है। स्कूल ड्रॉपआउट दर 20 प्रतिशत से घटकर 3 प्रतिशत से भी कम रह गई है — जो राज्य के शैक्षिक परिदृश्य में उल्लेखनीय बदलाव है।
योजनाओं का विस्तार और महिला पुलिस बल
मुख्यमंत्री ने एक्स पोस्ट में बताया कि अटल आवासीय विद्यालयों के ज़रिये श्रमिक और वंचित वर्ग की बेटियों को आधुनिक, विश्वस्तरीय आवासीय शिक्षा मिल रही है। कस्तूरबा बालिका विद्यालयों में कक्षा 12 तक पढ़ाई की सुविधा का विस्तार किया गया है। प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना और पोषण अभियान से गर्भवती माताओं को पोषण व आर्थिक संबल मिला है, जबकि आयुष्मान भारत योजना के तहत करोड़ों महिलाओं को निःशुल्क कैशलेस उपचार उपलब्ध हुआ है।
महिला सुरक्षा के मोर्चे पर उन्होंने बताया कि जनवरी 2016 तक प्रदेश में महिला पुलिसकर्मियों की संख्या 10,000 थी, जो आज बढ़कर 44,000 से अधिक हो गई है। मुख्यमंत्री अभ्युदय योजना के तहत बेटियों को प्रतियोगी परीक्षाओं की निःशुल्क तैयारी का अवसर मिल रहा है।
आगे की राह
योगी सरकार का यह बयान नवरात्रि के अवसर पर महिला सशक्तीकरण की नीतिगत प्रतिबद्धता को रेखांकित करता है। राज्य सरकार के आँकड़ों पर विशेषज्ञों और विपक्ष की स्वतंत्र समीक्षा अभी बाकी है, लेकिन शैक्षिक संकेतकों में दावा की गई प्रगति यदि धरातल पर सिद्ध होती है, तो यह नीति-निर्माताओं के लिए एक मॉडल बन सकती है। आने वाले समय में इन योजनाओं की जमीनी समीक्षा यह तय करेगी कि महिला सशक्तीकरण के ये आँकड़े वास्तविक बदलाव में कितने तब्दील हुए हैं।