15 अक्टूबर 2026
LIVE
Get it on Google Play Download on the App Store

योगी आदित्यनाथ का नवरात्रि संदेश: सशक्त नारी ही विकसित भारत की नींव, UP में महिला पुलिसकर्मी 44,000 पार

शेयर करें:
ऑडियो वॉइस लोड हो रही है…
योगी आदित्यनाथ का नवरात्रि संदेश: सशक्त नारी ही विकसित भारत की नींव, UP में महिला पुलिसकर्मी 44,000 पार

सारांश

नवरात्रि के पाँचवें दिन मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने एक्स पर नारी सशक्तीकरण का संकल्प दोहराया — स्कूल ड्रॉपआउट 20% से 3% नीचे और महिला पुलिसकर्मी 10,000 से 44,000 पार। आँकड़े बड़े हैं; अब ज़मीनी सत्यापन की बारी है।

मुख्य बातें

CM योगी आदित्यनाथ ने 15 अक्टूबर 2026 को नवरात्रि के पंचम दिवस पर एक्स पर महिला सशक्तीकरण संदेश साझा किया।
ऑपरेशन कायाकल्प से प्राथमिक विद्यालयों में सुविधाओं का सैचुरेशन 36% से बढ़कर 96% से अधिक हुआ।
स्कूल ड्रॉपआउट दर 20% से घटकर 3% से नीचे आई — सरकारी दावे के अनुसार।
महिला पुलिसकर्मियों की संख्या जनवरी 2016 के 10,000 से बढ़कर 44,000 से अधिक हुई।
अटल आवासीय विद्यालय , कस्तूरबा बालिका विद्यालय , PM मातृ वंदना योजना और आयुष्मान भारत का हवाला दिया।

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने 15 अक्टूबर 2026 को शारदीय नवरात्रि के पंचम दिवस पर कहा कि सशक्त नारी ही समर्थ उत्तर प्रदेश और विकसित भारत की आधारशिला है। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट कर कहा कि प्रदेश की बेटियाँ आज अवसरों के अभाव से आगे निकलकर अपनी प्रतिभा और परिश्रम से सफलता के नए कीर्तिमान स्थापित कर रही हैं। यह बयान ऐसे समय में आया है जब राज्य सरकार नारी-केंद्रित योजनाओं के क्रियान्वयन के आँकड़े सार्वजनिक कर रही है।

नवरात्रि पर मुख्यमंत्री का संदेश

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने एक्स पर लिखा, 'वात्सल्य, ममता और पोषण की अधिष्ठात्री देवी माँ स्कन्दमाता की आराधना हमें यह पावन संदेश देती है कि जब नारीशक्ति स्वस्थ, शिक्षित और समर्थ होती है, तभी राष्ट्र का वर्तमान सुरक्षित और भविष्य उज्ज्वल होता है।' उन्होंने महिला सशक्तीकरण को केवल सामाजिक नहीं, बल्कि राष्ट्रनिर्माण का अनिवार्य स्तंभ बताया।

2017 से पहले की स्थिति पर योगी का आरोप

मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्ष 2017 से पहले की पूर्ववर्ती सरकारें बेटियों को संबल देने के बजाय अपने राजनीतिक कुनबे को पोषित करने में व्यस्त थीं। उनके अनुसार, उस दौर में अस्पतालों की बदहाली, दवाओं का अभाव और संस्थागत प्रसव की लचर व्यवस्था के कारण मातृ-शिशु मृत्यु दर चिंताजनक स्थिति में थी। माताओं का स्वास्थ्य और बेटियों की शिक्षा घोर उपेक्षा और भ्रष्टाचार की भेंट चढ़ गई थी।

शिक्षा और बुनियादी ढाँचे में सुधार के आँकड़े

योगी ने कहा कि पिछले साढ़े 9 वर्षों में डबल इंजन सरकार ने इस स्थिति को बदला है। ऑपरेशन कायाकल्प के ज़रिये प्राथमिक विद्यालयों में मूलभूत सुविधाओं का सैचुरेशन 36 प्रतिशत से बढ़कर 96 प्रतिशत से अधिक हो गया है। स्कूल ड्रॉपआउट दर 20 प्रतिशत से घटकर 3 प्रतिशत से भी कम रह गई है — जो राज्य के शैक्षिक परिदृश्य में उल्लेखनीय बदलाव है।

योजनाओं का विस्तार और महिला पुलिस बल

मुख्यमंत्री ने एक्स पोस्ट में बताया कि अटल आवासीय विद्यालयों के ज़रिये श्रमिक और वंचित वर्ग की बेटियों को आधुनिक, विश्वस्तरीय आवासीय शिक्षा मिल रही है। कस्तूरबा बालिका विद्यालयों में कक्षा 12 तक पढ़ाई की सुविधा का विस्तार किया गया है। प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना और पोषण अभियान से गर्भवती माताओं को पोषण व आर्थिक संबल मिला है, जबकि आयुष्मान भारत योजना के तहत करोड़ों महिलाओं को निःशुल्क कैशलेस उपचार उपलब्ध हुआ है।

महिला सुरक्षा के मोर्चे पर उन्होंने बताया कि जनवरी 2016 तक प्रदेश में महिला पुलिसकर्मियों की संख्या 10,000 थी, जो आज बढ़कर 44,000 से अधिक हो गई है। मुख्यमंत्री अभ्युदय योजना के तहत बेटियों को प्रतियोगी परीक्षाओं की निःशुल्क तैयारी का अवसर मिल रहा है।

आगे की राह

योगी सरकार का यह बयान नवरात्रि के अवसर पर महिला सशक्तीकरण की नीतिगत प्रतिबद्धता को रेखांकित करता है। राज्य सरकार के आँकड़ों पर विशेषज्ञों और विपक्ष की स्वतंत्र समीक्षा अभी बाकी है, लेकिन शैक्षिक संकेतकों में दावा की गई प्रगति यदि धरातल पर सिद्ध होती है, तो यह नीति-निर्माताओं के लिए एक मॉडल बन सकती है। आने वाले समय में इन योजनाओं की जमीनी समीक्षा यह तय करेगी कि महिला सशक्तीकरण के ये आँकड़े वास्तविक बदलाव में कितने तब्दील हुए हैं।

संपादकीय दृष्टिकोण

000 से 44,000 — प्रभावशाली दिखते हैं, लेकिन इनकी स्वतंत्र पुष्टि अभी बाकी है। नवरात्रि पर सोशल मीडिया पोस्ट के ज़रिये नीतिगत उपलब्धियाँ गिनाना राजनीतिक संचार की एक सुनियोजित रणनीति है, जिसे तथ्य-जाँच से अलग रखना ज़रूरी है। असली सवाल यह है कि इन योजनाओं का लाभ सबसे वंचित तबके — ग्रामीण दलित और आदिवासी बेटियों — तक कितना पहुँचा है, जिसका जवाब सरकारी आँकड़े अकेले नहीं दे सकते। महिला सशक्तीकरण को राजनीतिक मौसम के अनुसार मापने की बजाय निरंतर नीतिगत जवाबदेही से मापा जाना चाहिए।
RashtraPress
15 अक्टूबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

मुख्यमंत्री योगी ने नवरात्रि पर महिला सशक्तीकरण पर क्या कहा?
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने 15 अक्टूबर 2026 को नवरात्रि के पंचम दिवस पर एक्स पर पोस्ट कर कहा कि सशक्त नारी ही समर्थ उत्तर प्रदेश और विकसित भारत की आधारशिला है। उन्होंने माँ स्कन्दमाता की आराधना का उल्लेख करते हुए नारीशक्ति को राष्ट्र के उज्ज्वल भविष्य से जोड़ा।
उत्तर प्रदेश में स्कूल ड्रॉपआउट दर में कितना सुधार हुआ है?
सरकारी दावे के अनुसार उत्तर प्रदेश में स्कूल ड्रॉपआउट दर 20 प्रतिशत से घटकर 3 प्रतिशत से भी कम रह गई है। इसके साथ ही ऑपरेशन कायाकल्प के ज़रिये प्राथमिक विद्यालयों में मूलभूत सुविधाओं का सैचुरेशन 36% से बढ़कर 96% से अधिक हो गया है।
उत्तर प्रदेश में महिला पुलिसकर्मियों की संख्या कितनी हो गई है?
मुख्यमंत्री योगी के अनुसार जनवरी 2016 तक प्रदेश में महिला पुलिसकर्मियों की संख्या 10,000 थी, जो अब बढ़कर 44,000 से अधिक हो गई है। यह वृद्धि महिला सुरक्षा तंत्र को मज़बूत करने की दिशा में एक उल्लेखनीय कदम बताई जा रही है।
अटल आवासीय विद्यालय और कस्तूरबा बालिका विद्यालय क्या हैं?
अटल आवासीय विद्यालय श्रमिक और वंचित वर्ग की बेटियों को आधुनिक आवासीय शिक्षा देने वाले संस्थान हैं। कस्तूरबा बालिका विद्यालयों में कक्षा 12 तक पढ़ाई की सुविधा का विस्तार किया गया है, जिससे बेटियों को शिक्षा पूरी करने का अवसर मिल रहा है।
मुख्यमंत्री अभ्युदय योजना से बेटियों को क्या लाभ मिल रहा है?
मुख्यमंत्री अभ्युदय योजना के तहत उत्तर प्रदेश की बेटियों को प्रतियोगी परीक्षाओं की निःशुल्क तैयारी का अवसर मिल रहा है। यह योजना आर्थिक रूप से कमज़ोर वर्ग की छात्राओं को UPSC, UPPSC और अन्य परीक्षाओं के लिए मार्गदर्शन प्रदान करती है।
राष्ट्र प्रेस
सिलसिला

जुड़े बिंदु

इस ख़बर के पीछे की कड़ियाँ — सबसे नई पहले।

8 बिंदु
  1. नवीनतम 23 घंटे पहले
  2. 2 दिन पहले
  3. 3 दिन पहले
  4. 3 दिन पहले
  5. 3 दिन पहले
  6. 4 महीने पहले
  7. 6 महीने पहले
  8. 1 साल पहले