योगी आदित्यनाथ बोले यूपी में साढ़े 9 साल में भय की जगह सुरक्षा, बेटियों को मिली खेल की उड़ान
सारांश
मुख्य बातें
उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने 16 अक्टूबर 2026 को शारदीय नवरात्रि के षष्ठ दिवस पर एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर पोस्ट करते हुए कहा कि विगत साढ़े 9 वर्षों में उत्तर प्रदेश ने बदलाव की एक नई गाथा लिखी है — जहाँ भय का स्थान सुरक्षा ने लिया, उपेक्षा की जगह प्रोत्साहन ने ली और संसाधनों के अभाव की जगह खेल सुविधाओं के विस्तार ने ले ली। मुख्यमंत्री ने यह संदेश मां कात्यायनी को नारीशक्ति के प्रतीक के रूप में नमन करते हुए दिया।
2017 से पहले का परिदृश्य और आज का बदलाव
मुख्यमंत्री योगी ने अपनी पोस्ट में 2017 से पहले के उत्तर प्रदेश का वर्णन करते हुए लिखा, "वर्ष 2017 से पहले प्रदेश में भय और अराजकता का ऐसा माहौल था, जहाँ बेटियों के सपनों पर पहरे थे, उनके हौसलों पर बंदिशें थीं और उनकी प्रतिभा अवसरों के अभाव में दम तोड़ने को मजबूर थी।" उन्होंने यह भी कहा कि उस दौर में खेल के मैदान माफिया के कब्जे में थे और संसाधन नदारद थे।
इसके विपरीत आज की स्थिति का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि बेटियों के सपनों को चारदीवारी में कैद करने के बजाय उन्हें उड़ान के पंख दिए जा रहे हैं। यह ऐसे समय में आया है जब राज्य सरकार खेल बुनियादी ढाँचे में बड़े पैमाने पर निवेश का दावा कर रही है।
खेल सुविधाओं का विस्तार: गाँव से विश्वविद्यालय तक
योगी ने बताया कि गाँव के खेल मैदानों और ब्लॉक स्तरीय मिनी स्टेडियम से लेकर जिला स्तरीय स्टेडियम, मंडल स्तरीय स्पोर्ट्स कॉलेज और मेरठ में मेजर ध्यानचंद खेल विश्वविद्यालय तक, बेटियों को अपनी प्रतिभा निखारने का सशक्त आधार मिल रहा है। गौरतलब है कि मेजर ध्यानचंद खेल विश्वविद्यालय उत्तर प्रदेश का पहला समर्पित खेल विश्वविद्यालय है।
उन्होंने यह भी बताया कि ओलंपिक, कॉमनवेल्थ और एशियन गेम्स के पदक विजेताओं को लाखों करोड़ों के पुरस्कार दिए जा रहे हैं। साथ ही 'पदक लाओ, पद पाओ' योजना के तहत सीधी भर्ती की सुविधा भी दी जा रही है, जो खिलाड़ियों की प्रतिभा को प्रोत्साहन, उपलब्धियों को सम्मान और भविष्य को सुरक्षा प्रदान करती है।
अंतरराष्ट्रीय मंच पर यूपी की बेटियों का परचम
मुख्यमंत्री ने इस बदलाव की अंतरराष्ट्रीय गूंज का भी उल्लेख किया। उन्होंने एथलेटिक्स में पारुल चौधरी, प्रियंका गोस्वामी, प्राची चौधरी और अन्नू रानी; जूडो में अस्मिता डे; क्रिकेट में दीप्ति शर्मा और मेघना सिंह; हॉकी में वंदना कटारिया; तथा कुश्ती में दिव्या काकरान के नाम लिए, जिन्होंने कॉमनवेल्थ और एशियन गेम्स में शानदार प्रदर्शन कर देश और प्रदेश का गौरव बढ़ाया है।
यह ऐसे समय में आया है जब राज्य सरकार 2027 के विधानसभा चुनावों से पहले अपनी उपलब्धियों को जन जन तक पहुँचाने में जुटी है।
नवरात्रि का संदर्भ और नारीशक्ति का संदेश
योगी ने मां कात्यायनी को "समस्त बाधाओं और आसुरी प्रवृत्तियों का संहार करने वाली" बताते हुए उन्हें नारीशक्ति के अदम्य साहस, अटूट संकल्प और अजेय पराक्रम का प्रतीक निरूपित किया। नवरात्रि के इस अवसर पर महिला सशक्तिकरण और खेल उपलब्धियों को जोड़ने का यह संदेश उत्तर प्रदेश सरकार की व्यापक 'बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ' नीति के अनुरूप है।
आने वाले समय में राज्य सरकार की इन योजनाओं की असली कसौटी जमीनी स्तर पर खेल प्रतिभाओं की संख्या और उनकी अंतरराष्ट्रीय सफलता से तय होगी।