30 अक्टूबर 2026
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योगी आदित्यनाथ बोले यूपी में महिला श्रम भागीदारी 13% से बढ़कर 36%, डबल इंजन सरकार ने बदली तस्वीर

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योगी आदित्यनाथ बोले  यूपी में महिला श्रम भागीदारी 13% से बढ़कर 36%, डबल इंजन सरकार ने बदली तस्वीर

सारांश

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का दावा — यूपी में महिला श्रम भागीदारी 2017 के 13% से उछलकर 36% पर पहुँची, रात के बाजार फिर जगमगाए। एक्स पोस्ट से शुरू हुई यह बहस 'सुरक्षा से समृद्धि' के नैरेटिव को राष्ट्रीय मंच देने की साफ कोशिश है।

मुख्य बातें

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने 30 अक्टूबर 2026 को एक्स पर पोस्ट कर यूपी की कानून व्यवस्था को 'डबल इंजन सरकार' की उपलब्धि बताया।
उनके अनुसार उत्तर प्रदेश में महिला श्रम बल भागीदारी 2017 के 13% से बढ़कर अब 36% हो गई है।
योगी ने कहा कि अपराध के प्रति 'जीरो टॉलरेंस' नीति से रात के बाजार अब सुरक्षित और खुले रहते हैं।
2017 से पहले महिलाओं की रात की शिफ्ट को लेकर परिवारों में असुरक्षा की चिंता रहती थी — यह परोक्ष रूप से पिछली सरकारों पर निशाना।
मुख्यमंत्री ने इसे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन में 'सुरक्षा से समृद्धि' की ओर बढ़ते 'नए उत्तर प्रदेश' की नई पहचान बताया।

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने 30 अक्टूबर 2026 को राज्य की कानून व्यवस्था और महिला सुरक्षा पर एक विस्तृत बयान देते हुए कहा कि प्रदेश में महिला श्रम बल भागीदारी 2017 के लगभग 13 प्रतिशत से बढ़कर अब 36 प्रतिशत हो चुकी है — जो उनके अनुसार 'सुरक्षा से समृद्धि' की ओर अग्रसर 'नए उत्तर प्रदेश' की नई पहचान है। मुख्यमंत्री ने यह बात सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर साझा की।

मुख्यमंत्री का बयान: क्या कहा योगी ने

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शुक्रवार सुबह एक्स पर पोस्ट करते हुए लिखा, "आज नए उत्तर प्रदेश में रात्रि के समय जगमगाते बाजारों और व्यावसायिक प्रतिष्ठानों की रोशनी केवल व्यापार की नहीं, बल्कि व्यापारी के विश्वास का प्रकाश है। नाइट शिफ्ट में अपने कार्यस्थल पर निर्भय होकर दायित्व निभाती हमारी मातृशक्ति का आत्मविश्वास केवल व्यक्तिगत उपलब्धि नहीं, बल्कि पूरे समाज की प्रगति का प्रतीक है।"

उन्होंने आगे कहा कि आज बाजार रात में भी खुले रहते हैं, व्यापारियों को व्यवसाय के विस्तार के नए अवसर मिल रहे हैं और बेटियाँ सुरक्षित वातावरण में अपनी प्रतिभा और परिश्रम से आगे बढ़ रही हैं।

2017 से पहले की स्थिति: पिछली सरकार पर निशाना

मुख्यमंत्री ने 2017 से पहले की परिस्थितियों का जिक्र करते हुए कहा, "वर्ष 2017 से पहले अपराध और असुरक्षा के कारण सूर्यास्त के साथ व्यापारिक गतिविधियाँ सीमित होने लगती थीं। देर रात तक कार्य करने वाली महिलाओं की सुरक्षा को लेकर परिवारों में चिंता बनी रहती थी।"

यह बयान परोक्ष रूप से पिछली सरकारों पर निशाना साधते हुए दिया गया, हालाँकि उन्होंने किसी दल या नेता का नाम नहीं लिया। गौरतलब है कि 2017 में भारतीय जनता पार्टी (BJP) के सत्ता में आने के बाद से योगी प्रशासन अपराध नियंत्रण को अपनी प्रमुख उपलब्धि के रूप में प्रस्तुत करता रहा है।

डबल इंजन सरकार और जीरो टॉलरेंस नीति

मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन में 'डबल इंजन सरकार' की भूमिका को रेखांकित किया। उन्होंने कहा कि अपराध और अपराधियों के प्रति 'जीरो टॉलरेंस' की नीति ने कानून व्यवस्था को सुदृढ़ किया एवं महिला सुरक्षा को प्राथमिकता दी।

यह ऐसे समय में आया है जब उत्तर प्रदेश में आगामी निकाय चुनावों को लेकर राजनीतिक हलचल बढ़ रही है और विपक्ष राज्य की कानून व्यवस्था को लेकर सरकार पर हमलावर रहा है।

महिला श्रम भागीदारी के आँकड़े

मुख्यमंत्री के अनुसार उत्तर प्रदेश में महिला श्रम बल भागीदारी दर 2017 में लगभग 13 प्रतिशत थी, जो अब बढ़कर 36 प्रतिशत हो चुकी है। उन्होंने इसे 'मातृशक्ति के बढ़ते आत्मविश्वास, आर्थिक सामर्थ्य और स्वावलंबन की सशक्त अभिव्यक्ति' बताया।

हालाँकि इन आँकड़ों का स्वतंत्र सत्यापन अभी बाकी है और विशेषज्ञों का कहना है कि श्रम भागीदारी दर में वृद्धि के पीछे केवल कानून व्यवस्था नहीं, बल्कि आर्थिक, सामाजिक और नीतिगत कारकों की भी भूमिका होती है।

आगे क्या

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का यह बयान 'नए उत्तर प्रदेश' की छवि को राष्ट्रीय मंच पर स्थापित करने की सुनियोजित कोशिश का हिस्सा दिखता है। राज्य सरकार से अपेक्षा है कि वह महिला श्रम भागीदारी के दावों को समर्थन देने वाले विस्तृत सरकारी आँकड़े सार्वजनिक करे, ताकि नीतिगत चर्चा तथ्यपरक आधार पर हो सके।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन इसके स्रोत और कार्यप्रणाली का स्वतंत्र सत्यापन ज़रूरी है — क्योंकि राष्ट्रीय नमूना सर्वेक्षण और PLFS के आँकड़े अक्सर राज्य सरकारों के दावों से भिन्न होते हैं। महिला श्रम भागीदारी में वृद्धि के पीछे सिर्फ कानून व्यवस्था नहीं, बल्कि मनरेगा विस्तार, स्वयं सहायता समूह और महामारी के बाद के आर्थिक बदलाव भी अहम भूमिका निभाते हैं। यह बयान आगामी निकाय चुनावों से ठीक पहले आया है, जो इसके राजनीतिक समय को रेखांकित करता है। विपक्ष के जवाब और स्वतंत्र डेटा के बिना, यह नैरेटिव एकांगी रहता है।
RashtraPress
30 अक्टूबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने यूपी की कानून व्यवस्था पर क्या कहा?
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने 30 अक्टूबर 2026 को एक्स पर पोस्ट कर कहा कि आज उत्तर प्रदेश में रात के बाजार जगमगाते हैं और बेटियाँ सुरक्षित वातावरण में आगे बढ़ रही हैं। उन्होंने इसका श्रेय प्रधानमंत्री मोदी के मार्गदर्शन में 'डबल इंजन सरकार' की जीरो टॉलरेंस नीति को दिया।
यूपी में महिला श्रम भागीदारी दर कितनी बढ़ी है?
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के अनुसार उत्तर प्रदेश में महिला श्रम बल भागीदारी 2017 के लगभग 13 प्रतिशत से बढ़कर अब 36 प्रतिशत हो गई है। हालाँकि इन आँकड़ों का स्वतंत्र सत्यापन अभी बाकी है।
डबल इंजन सरकार का मतलब क्या है?
'डबल इंजन सरकार' वह राजनीतिक पद है जिसका इस्तेमाल BJP केंद्र और राज्य दोनों में एक ही पार्टी की सरकार के लिए करती है। योगी आदित्यनाथ के अनुसार केंद्र में PM मोदी और राज्य में उनकी सरकार मिलकर उत्तर प्रदेश की कानून व्यवस्था और विकास में तेजी ला रही हैं।
2017 से पहले उत्तर प्रदेश की स्थिति कैसी थी, योगी ने क्या कहा?
मुख्यमंत्री योगी ने कहा कि 2017 से पहले अपराध और असुरक्षा के कारण सूर्यास्त के बाद व्यापारिक गतिविधियाँ सीमित हो जाती थीं और रात की पाली में काम करने वाली महिलाओं की सुरक्षा को लेकर परिवारों में गहरी चिंता रहती थी। यह टिप्पणी परोक्ष रूप से पूर्ववर्ती सरकारों पर निशाना मानी जा रही है।
योगी के इस बयान का राजनीतिक संदर्भ क्या है?
यह बयान उत्तर प्रदेश में आगामी निकाय चुनावों की तैयारियों के बीच आया है, जब विपक्ष राज्य की कानून व्यवस्था को मुद्दा बना रहा है। 'नए उत्तर प्रदेश' के नैरेटिव को राष्ट्रीय मंच देने की यह कोशिश BJP की चुनावी रणनीति का हिस्सा मानी जा रही है।
राष्ट्र प्रेस
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