17 अक्टूबर 2026
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सीएम योगी का नवरात्रि पर बड़ा बयान: 2017 से पहले माफिया थे रक्तबीज, डबल इंजन सरकार ने किया दमन

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सीएम योगी का नवरात्रि पर बड़ा बयान: 2017 से पहले माफिया थे रक्तबीज, डबल इंजन सरकार ने किया दमन

सारांश

नवरात्रि महासप्तमी पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने माँ कालरात्रि के प्रतीक से जोड़ते हुए 2017 से पहले के माफिया राज को 'रक्तबीज' की संज्ञा दी और डबल इंजन सरकार की उपलब्धियाँ गिनाईं — पुलिस रिस्पॉन्स टाइम 65 से 5 मिनट और महिला श्रम भागीदारी 12 से 36 प्रतिशत।

मुख्य बातें

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने 17 अक्टूबर 2026 को एक्स पर नवरात्रि महासप्तमी के अवसर पर बयान दिया।
उन्होंने 2017 से पहले के माफिया और अपराधियों को 'रक्तबीज रूपी आसुरी शक्तियाँ' बताया।
पुलिस रिस्पॉन्स टाइम 2016 के 65 मिनट से घटकर अब मात्र 5 मिनट होने का दावा।
महिला श्रम बल भागीदारी 12% से बढ़कर 36% से अधिक होने का सरकारी दावा।
मिशन शक्ति , 1090 हेल्पलाइन , महिला बीट पुलिसिंग और सेफ सिटी परियोजना को महिला सुरक्षा में भूमिका का श्रेय।

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शारदीय नवरात्रि महासप्तमी के अवसर पर 17 अक्टूबर 2026 को एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर पोस्ट कर कहा कि वर्ष 2017 से पहले उत्तर प्रदेश में माफिया, दंगाई और अपराधी 'रक्तबीज' की भाँति समाज में भय और अराजकता फैला रहे थे। उन्होंने दावा किया कि डबल इंजन सरकार की जीरो टॉलरेंस नीति ने इन 'आसुरी शक्तियों' का दमन कर प्रदेश में कानून का राज स्थापित किया है।

मुख्यमंत्री का बयान और धार्मिक संदर्भ

मुख्यमंत्री योगी ने माँ कालरात्रि के स्वरूप को उद्धृत करते हुए कहा कि दुष्टों और असुरों का संहार कर भक्तों को अभय देने वाली माँ कालरात्रि का संदेश यही है कि अधर्म, अत्याचार और आतंक का अंत ही न्याय, शांति और निर्भय समाज की स्थापना का आधार है। उन्होंने इस धार्मिक प्रतीकात्मकता को 2017 से पहले की कानून-व्यवस्था की स्थिति से जोड़ा।

अपनी एक्स पोस्ट में उन्होंने लिखा, 'वर्ष 2017 से पहले प्रदेश में रक्तबीज रूपी माफिया, दंगाइयों और अपराधियों के आतंक से उत्पन्न भय और अराजकता के अंधकार व वातावरण ने बहन-बेटियों की सुरक्षा, शिक्षा व स्वावलंबन की राह में गंभीर बाधाएं खड़ी कर दी थीं।'

सरकार का दावा: पुलिस रिस्पॉन्स टाइम में नाटकीय सुधार

योगी आदित्यनाथ ने विशेष रूप से पुलिस रिस्पॉन्स टाइम का उल्लेख किया। उनके अनुसार वर्ष 2016 में पुलिस का औसत रिस्पॉन्स टाइम 65 मिनट था, जो अब घटकर मात्र 5 मिनट रह गया है। उन्होंने इसे महिला सुरक्षा के प्रति सरकार की प्रतिबद्धता का 'स्पष्ट प्रमाण' बताया।

गौरतलब है कि सरकार ने इस दावे के पक्ष में कोई स्वतंत्र सत्यापन स्रोत नहीं बताया है, लेकिन यह आँकड़ा मुख्यमंत्री के आधिकारिक बयान का हिस्सा है।

महिला सुरक्षा पहलें और उनके दावे

मुख्यमंत्री ने मिशन शक्ति, इंटीग्रेटेड 1090 हेल्पलाइन, महिला बीट पुलिसिंग और सेफ सिटी परियोजना का उल्लेख करते हुए कहा कि इन पहलों ने घर की चौखट से लेकर सड़क, शिक्षण संस्थानों और कार्यस्थलों तक एक सुरक्षित वातावरण सुनिश्चित किया है। उन्होंने कहा कि इसी सुरक्षा के विश्वास से प्रेरित होकर महिलाएं अब नाइट शिफ्ट में भी निडर होकर कार्य कर रही हैं।

महिला श्रम बल भागीदारी और आर्थिक दावे

योगी सरकार के अनुसार उत्तर प्रदेश में महिला श्रम बल भागीदारी 12 प्रतिशत से बढ़कर 36 प्रतिशत से अधिक हो गई है। मुख्यमंत्री ने इसे 'नारी शक्ति के अर्थशक्ति बनने' की संज्ञा दी। उन्होंने अपनी पोस्ट में कहा कि कृषि, उद्योग, सेवा और उद्यमिता सहित विभिन्न क्षेत्रों में नारी शक्ति की बढ़ती भागीदारी ने प्रदेश की जीएसडीपी और प्रति व्यक्ति आय में तीन गुनी वृद्धि में महत्वपूर्ण योगदान दिया है।

यह ऐसे समय में आया है जब उत्तर प्रदेश सरकार अपनी अगली विधानसभा चुनावी तैयारी के मद्देनज़र शासन की उपलब्धियों को लगातार रेखांकित कर रही है। मुख्यमंत्री के इस बयान को धार्मिक पर्व के अवसर पर राजनीतिक संदेश देने के प्रयास के रूप में भी देखा जा रहा है।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन इनका स्वतंत्र सत्यापन अब तक सार्वजनिक नहीं हुआ है। महत्त्वपूर्ण यह है कि इन दावों की पृष्ठभूमि में उत्तर प्रदेश के 2027 विधानसभा चुनाव की तैयारी है, जो इस बयान को महज नवरात्रि शुभकामना से कहीं अधिक राजनीतिक महत्त्व देती है।
RashtraPress
17 अक्टूबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

सीएम योगी ने 2017 से पहले के माफिया को 'रक्तबीज' क्यों कहा?
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने नवरात्रि महासप्तमी पर माँ कालरात्रि द्वारा रक्तबीज असुर के वध की पौराणिक कथा को 2017 से पहले उत्तर प्रदेश में माफिया और अपराधियों के 'आतंक' से जोड़ा। यह उनकी उस बड़ी राजनीतिक थीसिस का हिस्सा है जिसमें वे अपनी सरकार को 'अधर्म के विरुद्ध धर्म की स्थापना' के रूप में प्रस्तुत करते हैं।
उत्तर प्रदेश में पुलिस रिस्पॉन्स टाइम में कितना सुधार हुआ है?
मुख्यमंत्री योगी के अनुसार उत्तर प्रदेश में पुलिस का रिस्पॉन्स टाइम वर्ष 2016 के 65 मिनट से घटकर अब मात्र 5 मिनट रह गया है। यह दावा सरकार के आधिकारिक बयान का हिस्सा है, हालाँकि इसका स्वतंत्र सत्यापन अभी सार्वजनिक रूप से उपलब्ध नहीं है।
उत्तर प्रदेश में महिला श्रम बल भागीदारी कितनी बढ़ी है?
सरकार के दावे के अनुसार उत्तर प्रदेश में महिला श्रम बल भागीदारी 12 प्रतिशत से बढ़कर 36 प्रतिशत से अधिक हो गई है। मुख्यमंत्री ने इसे प्रदेश की जीएसडीपी और प्रति व्यक्ति आय में तीन गुनी वृद्धि से भी जोड़ा।
मिशन शक्ति और 1090 हेल्पलाइन क्या हैं?
मिशन शक्ति उत्तर प्रदेश सरकार की महिला सुरक्षा, सम्मान और स्वावलंबन के लिए चलाई जा रही व्यापक पहल है। 1090 हेल्पलाइन महिलाओं के लिए एकीकृत आपातकालीन सहायता सेवा है, जिसे सीएम योगी ने महिला बीट पुलिसिंग और सेफ सिटी परियोजना के साथ महिला सुरक्षा सुनिश्चित करने का प्रमुख माध्यम बताया।
यह बयान किस संदर्भ में आया और इसका राजनीतिक महत्त्व क्या है?
यह बयान शारदीय नवरात्रि महासप्तमी के अवसर पर 17 अक्टूबर 2026 को एक्स पर दिया गया। धार्मिक पर्व के साथ शासन की उपलब्धियाँ जोड़ने की यह रणनीति उत्तर प्रदेश के आगामी विधानसभा चुनावों की पृष्ठभूमि में भी महत्त्वपूर्ण मानी जा रही है।
राष्ट्र प्रेस
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