सीएम योगी का नवरात्रि पर बड़ा बयान: 2017 से पहले माफिया थे रक्तबीज, डबल इंजन सरकार ने किया दमन
सारांश
मुख्य बातें
उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शारदीय नवरात्रि महासप्तमी के अवसर पर 17 अक्टूबर 2026 को एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर पोस्ट कर कहा कि वर्ष 2017 से पहले उत्तर प्रदेश में माफिया, दंगाई और अपराधी 'रक्तबीज' की भाँति समाज में भय और अराजकता फैला रहे थे। उन्होंने दावा किया कि डबल इंजन सरकार की जीरो टॉलरेंस नीति ने इन 'आसुरी शक्तियों' का दमन कर प्रदेश में कानून का राज स्थापित किया है।
मुख्यमंत्री का बयान और धार्मिक संदर्भ
मुख्यमंत्री योगी ने माँ कालरात्रि के स्वरूप को उद्धृत करते हुए कहा कि दुष्टों और असुरों का संहार कर भक्तों को अभय देने वाली माँ कालरात्रि का संदेश यही है कि अधर्म, अत्याचार और आतंक का अंत ही न्याय, शांति और निर्भय समाज की स्थापना का आधार है। उन्होंने इस धार्मिक प्रतीकात्मकता को 2017 से पहले की कानून-व्यवस्था की स्थिति से जोड़ा।
अपनी एक्स पोस्ट में उन्होंने लिखा, 'वर्ष 2017 से पहले प्रदेश में रक्तबीज रूपी माफिया, दंगाइयों और अपराधियों के आतंक से उत्पन्न भय और अराजकता के अंधकार व वातावरण ने बहन-बेटियों की सुरक्षा, शिक्षा व स्वावलंबन की राह में गंभीर बाधाएं खड़ी कर दी थीं।'
सरकार का दावा: पुलिस रिस्पॉन्स टाइम में नाटकीय सुधार
योगी आदित्यनाथ ने विशेष रूप से पुलिस रिस्पॉन्स टाइम का उल्लेख किया। उनके अनुसार वर्ष 2016 में पुलिस का औसत रिस्पॉन्स टाइम 65 मिनट था, जो अब घटकर मात्र 5 मिनट रह गया है। उन्होंने इसे महिला सुरक्षा के प्रति सरकार की प्रतिबद्धता का 'स्पष्ट प्रमाण' बताया।
गौरतलब है कि सरकार ने इस दावे के पक्ष में कोई स्वतंत्र सत्यापन स्रोत नहीं बताया है, लेकिन यह आँकड़ा मुख्यमंत्री के आधिकारिक बयान का हिस्सा है।
महिला सुरक्षा पहलें और उनके दावे
मुख्यमंत्री ने मिशन शक्ति, इंटीग्रेटेड 1090 हेल्पलाइन, महिला बीट पुलिसिंग और सेफ सिटी परियोजना का उल्लेख करते हुए कहा कि इन पहलों ने घर की चौखट से लेकर सड़क, शिक्षण संस्थानों और कार्यस्थलों तक एक सुरक्षित वातावरण सुनिश्चित किया है। उन्होंने कहा कि इसी सुरक्षा के विश्वास से प्रेरित होकर महिलाएं अब नाइट शिफ्ट में भी निडर होकर कार्य कर रही हैं।
महिला श्रम बल भागीदारी और आर्थिक दावे
योगी सरकार के अनुसार उत्तर प्रदेश में महिला श्रम बल भागीदारी 12 प्रतिशत से बढ़कर 36 प्रतिशत से अधिक हो गई है। मुख्यमंत्री ने इसे 'नारी शक्ति के अर्थशक्ति बनने' की संज्ञा दी। उन्होंने अपनी पोस्ट में कहा कि कृषि, उद्योग, सेवा और उद्यमिता सहित विभिन्न क्षेत्रों में नारी शक्ति की बढ़ती भागीदारी ने प्रदेश की जीएसडीपी और प्रति व्यक्ति आय में तीन गुनी वृद्धि में महत्वपूर्ण योगदान दिया है।
यह ऐसे समय में आया है जब उत्तर प्रदेश सरकार अपनी अगली विधानसभा चुनावी तैयारी के मद्देनज़र शासन की उपलब्धियों को लगातार रेखांकित कर रही है। मुख्यमंत्री के इस बयान को धार्मिक पर्व के अवसर पर राजनीतिक संदेश देने के प्रयास के रूप में भी देखा जा रहा है।