क्या उपराष्ट्रपति चुनाव में एनडीए के उम्मीदवार सी.पी. राधाकृष्णन का नामांकन सफल होगा?

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क्या उपराष्ट्रपति चुनाव में एनडीए के उम्मीदवार सी.पी. राधाकृष्णन का नामांकन सफल होगा?

सारांश

क्या एनडीए के उम्मीदवार सी.पी. राधाकृष्णन उपराष्ट्रपति चुनाव में जीत हासिल कर पाएंगे? यह जानने के लिए पढ़ें कि किस प्रकार प्रमुख नेता और मंत्री उनके नामांकन के समय उपस्थित थे। साथ ही, जानें कि एनडीए का पक्ष संख्याबल के मामले में कितना मजबूत है।

मुख्य बातें

राधाकृष्णन को उम्मीदवार बनाया है।
प्रधानमंत्री मोदी प्रमुख प्रस्तावक रहे हैं।
नामांकन के समय कई केंद्रीय मंत्री उपस्थित थे।
संख्याबल के मामले में एनडीए का पक्ष मजबूत है।
विपक्षी गठबंधन की स्थिति भी महत्वपूर्ण है।

नई दिल्ली, 20 अगस्त (राष्ट्र प्रेस)। उपराष्ट्रपति चुनाव के लिए राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (एनडीए) के उम्मीदवार सी.पी. राधाकृष्णन ने बुधवार को अपना नामांकन पत्र प्रस्तुत किया। इस महत्वपूर्ण अवसर पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी उनके साथ उपस्थित थे। नामांकन के वक्त, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह और गृह मंत्री अमित शाह सहित कई अन्य प्रमुख केंद्रीय मंत्री और एनडीए के नेता भी वहां मौजूद रहे।

सी.पी. राधाकृष्णन ने चार सेटों में नामांकन दाखिल किया, जिनमें से प्रत्येक पर 20 प्रस्तावकों और 20 अनुमोदकों के हस्ताक्षर थे। प्रधानमंत्री मोदी मुख्य प्रस्तावक के तौर पर पहले सेट पर हस्ताक्षर किए और उन्हें जमा किया, जबकि अन्य केंद्रीय मंत्रियों और एनडीए नेताओं ने बाकी सेटों पर हस्ताक्षर किए।

सी.पी. राधाकृष्णन के नामांकन के दौरान एनडीए ने अपनी एकजुटता प्रदर्शित की। लोजपा (रामबिलास) के अध्यक्ष चिराग पासवान, जदयू के ललन सिंह, हिंदुस्तानी आवाम मोर्चा के जीतन राम मांझी और अपना दल की नेता अनुप्रिया पटेल सहित एनडीए के अन्य दलों के शीर्ष मंत्री नामांकन के समय राधाकृष्णन के साथ नजर आए।

यह चुनाव जगदीप धनखड़ के उपराष्ट्रपति पद से इस्तीफे के बाद आयोजित किया जा रहा है। धनखड़ ने 21 जुलाई को स्वास्थ्य कारणों का हवाला देते हुए अचानक से उपराष्ट्रपति पद से इस्तीफा दिया था। वर्तमान में, सत्तापक्ष ने सी.पी. राधाकृष्णन को उम्मीदवार बनाया है, जबकि विपक्षी गठबंधन की ओर से बी. सुदर्शन रेड्डी चुनावी मैदान में हैं।

संख्याबल के दृष्टिकोण से एनडीए के सी.पी. राधाकृष्णन का पक्ष मजबूत नजर आता है। वर्तमान में, लोकसभा में 543 सांसद हैं, जबकि राज्यसभा में कुल 245 सदस्य हैं। भाजपा के निचले सदन में 240 और उच्च सदन में 102 सांसद हैं, जिससे एनडीए के सदस्यों की कुल संख्या 421 (298 लोकसभा में और 128 राज्यसभा में) हो जाती है।

इसके अतिरिक्त, अन्य गैर-गठबंधन दलों में वाईएसआरसीपी ने एनडीए उम्मीदवार को समर्थन देने की घोषणा की है। उनके 11 सांसदों के साथ सी.पी. राधाकृष्णन के समर्थन में कुल संख्या 433 हो जाती है।

विपक्षी 'इंडिया' ब्लॉक पार्टियों के पास 235 लोकसभा सांसद और 77 राज्यसभा सांसद हैं। उनकी संयुक्त संख्या 312 है, और यदि आम आदमी पार्टी के 11 सांसदों का समर्थन मिलता है, तो कुल संख्या 325 होगी।

संपादकीय दृष्टिकोण

और यह देखना दिलचस्प होगा कि विपक्षी गठबंधन किस प्रकार प्रतिक्रिया करेगा। इस चुनाव में संख्याबल महत्वपूर्ण रहेगा, और सभी पार्टियों को अपनी रणनीतियों पर ध्यान केंद्रित करना होगा।
RashtraPress
13 मई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

सी.पी. राधाकृष्णन कौन हैं?
सी.पी. राधाकृष्णन एनडीए के उम्मीदवार हैं, जिन्होंने उपराष्ट्रपति चुनाव के लिए नामांकन भरा है।
प्रधानमंत्री मोदी ने उनके नामांकन में क्या भूमिका निभाई?
प्रधानमंत्री मोदी मुख्य प्रस्तावक के रूप में राधाकृष्णन के नामांकन पत्र पर हस्ताक्षर किए।
इस चुनाव का महत्व क्या है?
यह चुनाव देश की राजनीतिक दिशा को प्रभावित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है।
एनडीए के संख्याबल की स्थिति क्या है?
एनडीए के पास 421 सांसदों की ताकत है, जो इसे एक मजबूत पक्ष बनाता है।
विपक्षी गठबंधन की स्थिति क्या है?
विपक्षी 'इंडिया' ब्लॉक के पास 312 सांसद हैं, जो चुनाव में चुनौती पेश कर सकते हैं।
राष्ट्र प्रेस