यूपीसीडा और जेएनपीए के बीच ऐतिहासिक एमओयू, फार्मा हब के लिए मल्टीमोडल लॉजिस्टिक्स का मार्ग प्रशस्त

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यूपीसीडा और जेएनपीए के बीच ऐतिहासिक एमओयू, फार्मा हब के लिए मल्टीमोडल लॉजिस्टिक्स का मार्ग प्रशस्त

सारांश

उत्तर प्रदेश ने फार्मास्यूटिकल उद्योग को नई ऊंचाइयों पर पहुंचाने के लिए यूपीसीडा और जेएनपीए के बीच एक महत्वपूर्ण एमओयू पर हस्ताक्षर किए हैं। यह समझौता ललितपुर फार्मा पार्क को वैश्विक निर्यात केंद्र में बदलने में मदद करेगा।

Key Takeaways

  • यूपीसीडा और जेएनपीए के बीच एमओयू पर हस्ताक्षर
  • ललितपुर फार्मा पार्क को वैश्विक निर्यात केंद्र बनाना
  • मल्टीमोडल लॉजिस्टिक्स का विकास
  • औद्योगिक विकास में तेजी लाने का प्रयास
  • निवेशकों के लिए विश्वस्तरीय सुविधाएं

लखनऊ, 4 अप्रैल (राष्ट्र प्रेस)। उत्तर प्रदेश को देश के प्रमुख फार्मास्यूटिकल उत्पादन केंद्र के रूप में स्थापित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए उत्तर प्रदेश राज्य औद्योगिक विकास प्राधिकरण (यूपीसीडा) और जवाहरलाल नेहरू पोर्ट प्राधिकरण (जेएनपीए) के बीच एक महत्वपूर्ण समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर हस्ताक्षर किए गए हैं। यह समझौता ललितपुर फार्मा पार्क को एक वैश्विक निर्यात केंद्र के रूप में विकसित करने में सहायक होगा।

यह एमओयू यूपीसीडा के मुख्य कार्यकारी अधिकारी विजय किरण आनंद और जेएनपीए के अध्यक्ष गौरव दयाल द्वारा संपादित किया गया। इस साझेदारी का मुख्य उद्देश्य उत्तर भारत के औद्योगिक क्षेत्रों को अंतरराष्ट्रीय बाजारों से निर्बाध तरीके से जोड़ना है। समझौते के तहत दादरी-खुर्जा रेल लिंक के माध्यम से ललितपुर फार्मा पार्क को पश्चिमी और पूर्वी डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर (डब्ल्यूडीएफसी और ईडीएफसी) से जोड़ा जाएगा।

इससे औषधीय उत्पादों का तेज, सुरक्षित और किफायती परिवहन संभव हो सकेगा। यह नेटवर्क उत्पादों को सीधे जेएनपीए तक पहुंचाएगा, जो भारत का सबसे बड़ा कंटेनर बंदरगाह है और 200 से अधिक अंतरराष्ट्रीय बंदरगाहों से जुड़ा हुआ है।

यूपीसीडा के सीईओ विजय किरण आनंद ने कहा कि ललितपुर फार्मा पार्क, योगी आदित्यनाथ के उस दृष्टिकोण का हिस्सा है, जिसके तहत उत्तर प्रदेश को औषधि निर्माण और स्वास्थ्य सेवाओं के क्षेत्र में अग्रणी बनाना है। यह साझेदारी निवेशकों को विश्वस्तरीय लॉजिस्टिक सुविधाएं प्रदान करेगी, जिससे उनकी वैश्विक प्रतिस्पर्धा क्षमता में वृद्धि होगी। इस समझौते के तहत फार्मा क्लस्टर की इकाइयों को कच्चे माल के आयात और तैयार उत्पादों के निर्यात के लिए सुगम लॉजिस्टिक सहायता दी जाएगी, जिससे निर्यात-आयात गतिविधियों में तेजी आएगी।

फार्मा क्षेत्र की आवश्यकताओं के अनुसार तकनीकी और परिचालन सहयोग भी सुनिश्चित किया जाएगा। इससे उद्योग, लॉजिस्टिक्स प्रदाताओं और अन्य हितधारकों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित होगा और सप्लाई चेन अधिक सक्षम बनेगी। यह साझेदारी राज्य के औद्योगिक विकास को राष्ट्रीय लॉजिस्टिक्स नेटवर्क से जोड़ेगी, जिससे ईज ऑफ डूइंग बिजनेस को बढ़ावा मिलेगा और उत्तर प्रदेश निवेश के लिए और अधिक आकर्षक बनेगा।

ललितपुर फार्मा पार्क, औद्योगिक कॉरिडोर के निकट स्थित होने के कारण, दादरी-खुर्जा लिंक के माध्यम से वैश्विक शिपिंग मार्गों से जुड़कर निर्यात-उन्मुख विनिर्माण को नई गति प्रदान करेगा। यह पहल न केवल औद्योगिक विकास को तेज करेगी, बल्कि रोजगार सृजन, निवेश आकर्षण और उत्तर प्रदेश को फार्मा निर्यात के क्षेत्र में अग्रणी बनाने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।

Point of View

जिससे राज्य में रोजगार और निवेश के नए अवसर उत्पन्न होंगे। यह न केवल स्थानीय उद्योगों को लाभ पहुंचाएगा, बल्कि प्रदेश को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर एक प्रमुख फार्मा हब के रूप में स्थापित करेगा।
NationPress
09/04/2026

Frequently Asked Questions

ललितपुर फार्मा पार्क क्या है?
ललितपुर फार्मा पार्क एक औद्योगिक क्षेत्र है जिसे औषधीय उत्पादों के उत्पादन और निर्यात के लिए विकसित किया जा रहा है।
यूपीसीडा और जेएनपीए का यह समझौता क्यों महत्वपूर्ण है?
यह समझौता फार्मा उद्योग के लिए मल्टीमोडल लॉजिस्टिक्स का मार्ग प्रशस्त करेगा, जिससे उत्पादों का तेजी से और सस्ते में परिवहन संभव होगा।
इस समझौते से उत्तर प्रदेश को क्या लाभ होगा?
उत्तर प्रदेश को औद्योगिक विकास में तेजी और निवेश आकर्षण में वृद्धि का लाभ होगा, जिससे प्रदेश को फार्मा निर्यात के क्षेत्र में एक प्रमुख स्थान मिलेगा।
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