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उषा मंगेशकर को मिलेगा भूपेन हजारिका पुरस्कार, 29 नवंबर को दिल्ली के भारत मंडपम में समारोह

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उषा मंगेशकर को मिलेगा भूपेन हजारिका पुरस्कार, 29 नवंबर को दिल्ली के भारत मंडपम में समारोह

सारांश

भारतीय संगीत की दो महान परंपराओं का मिलन — उषा मंगेशकर को भूपेन हजारिका की 100वीं जयंती पर उनके नाम का पुरस्कार मिलेगा। 29 नवंबर को दिल्ली के भारत मंडपम में होने वाले इस समारोह में PM मोदी भी शामिल होंगे, जो पूर्वोत्तर की सांस्कृतिक विरासत को राष्ट्रीय मंच देगा।

मुख्य बातें

दिग्गज पार्श्व गायिका उषा मंगेशकर को 29 नवंबर 2026 को भूपेन हजारिका पुरस्कार से सम्मानित किया जाएगा।
समारोह नई दिल्ली के भारत मंडपम में आयोजित होगा; प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भी शामिल होंगे।
पुरस्कार में ₹10 लाख की नकद राशि शामिल है।
असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने राज्य मंत्रिमंडल की बैठक के बाद यह घोषणा की।
यह आयोजन भूपेन हजारिका की 100वीं जयंती के शताब्दी समारोहों का हिस्सा है; हजारिका को 2019 में मरणोपरांत भारत रत्न मिला था।

दिग्गज पार्श्व गायिका उषा मंगेशकर को 29 नवंबर 2026 को नई दिल्ली के भारत मंडपम में आयोजित होने वाले समारोह में प्रतिष्ठित 'भूपेन हजारिका पुरस्कार' से सम्मानित किया जाएगा। असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने 23 अक्टूबर को राज्य मंत्रिमंडल की बैठक के बाद यह घोषणा की। यह पुरस्कार महान असमिया संगीतकार भूपेन हजारिका की 100वीं जयंती के उपलक्ष्य में आयोजित शताब्दी समारोहों का हिस्सा है।

पुरस्कार और समारोह का विवरण

मुख्यमंत्री सरमा ने बताया कि इस पुरस्कार में ₹10 लाख की राशि शामिल है। उषा मंगेशकर को यह सम्मान भारतीय संगीत में उनके असाधारण योगदान के लिए दिया जाएगा। गौरतलब है कि यह पुरस्कार स्वयं उन्हीं संगीत परंपराओं की विरासत को आगे बढ़ाने वाली एक विलक्षण प्रतिभा को दिया जा रहा है, जिन्हें भूपेन हजारिका ने जीवनभर पोषित किया।

सरमा ने यह भी बताया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी इस राष्ट्रीय कार्यक्रम में सम्मिलित होंगे, जिससे इस शताब्दी समारोह को राष्ट्रीय स्तर पर विशेष महत्व मिल जाता है।

भूपेन हजारिका: एक अमर सांस्कृतिक विरासत

8 सितंबर 1926 को असम के सादिया में जन्मे भूपेन हजारिका अपनी विशिष्ट आवाज़ और मानवतावादी संगीत के लिए 'सुधाकांठा' अर्थात 'कोयल' के नाम से जाने जाते थे। उनकी रचनाओं में मानवता, सामाजिक न्याय, समानता, सांप्रदायिक सद्भाव और आम जनजीवन की झलक मिलती थी।

असमिया लोक परंपराओं से प्रेरणा लेकर उन्होंने ऐसा संगीत रचा जो भाषाई और क्षेत्रीय सीमाओं को पार कर गया। उनकी रचनाएँ आज भी भारत की सांस्कृतिक धरोहर में अमिट स्थान रखती हैं।

हजारिका के सम्मान और पुरस्कार

भूपेन हजारिका को अपने जीवनकाल और मरणोपरांत अनेक प्रतिष्ठित पुरस्कारों से नवाज़ा गया। उन्हें 1992 में भारतीय सिनेमा के सर्वोच्च सम्मान दादासाहेब फाल्के पुरस्कार से सम्मानित किया गया। इसके अलावा उन्हें 2001 में पद्म भूषण और 2012 में पद्म विभूषण प्राप्त हुआ। मरणोपरांत 2019 में उन्हें भारत के सर्वोच्च नागरिक सम्मान भारत रत्न से भी अलंकृत किया गया।

शताब्दी समारोह का महत्व

यह शताब्दी समारोह केवल एक संगीतकार की जयंती नहीं, बल्कि असम और समूचे पूर्वोत्तर भारत की सांस्कृतिक पहचान को राष्ट्रीय मंच पर पुनर्स्थापित करने का एक बड़ा अवसर है। यह ऐसे समय में आया है जब पूर्वोत्तर राज्यों की कला, संस्कृति और साहित्य को मुख्यधारा में लाने के प्रयास तेज़ हुए हैं।

प्रधानमंत्री की उपस्थिति इस आयोजन को और व्यापक राष्ट्रीय प्रतिष्ठा देगी और हजारिका के संगीत व दर्शन को नई पीढ़ी तक पहुँचाने में सहायक होगी।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन असल सवाल यह है कि क्या ये शताब्दी समारोह पूर्वोत्तर की सांस्कृतिक विरासत को दिल्ली-केंद्रित मंच पर महज़ एक 'इवेंट' तक सीमित रखते हैं या असमिया और आदिवासी कला परंपराओं के लिए दीर्घकालिक नीतिगत बदलाव भी लाते हैं। प्रधानमंत्री की उपस्थिति इस आयोजन को राजनीतिक वज़न देती है, परंतु हजारिका का संगीत जिस सामाजिक न्याय और मानवतावाद की बात करता था, उस पर बहस आज भी प्रासंगिक है। भारत रत्न मिलने के सात वर्ष बाद भी असम में हजारिका की स्मृति से जुड़े सांस्कृतिक संस्थानों की स्थिति पर ध्यान देना उतना ही ज़रूरी है।
RashtraPress
23 अक्टूबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

उषा मंगेशकर को भूपेन हजारिका पुरस्कार क्यों दिया जा रहा है?
उषा मंगेशकर को भारतीय संगीत में उनके दीर्घकालिक और असाधारण योगदान के लिए यह पुरस्कार दिया जा रहा है। यह सम्मान भूपेन हजारिका की 100वीं जयंती के उपलक्ष्य में असम सरकार द्वारा आयोजित शताब्दी समारोह के अवसर पर प्रदान किया जाएगा।
भूपेन हजारिका पुरस्कार समारोह कब और कहाँ होगा?
यह समारोह 29 नवंबर 2026 को नई दिल्ली के भारत मंडपम में आयोजित होगा। असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा के अनुसार, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भी इस कार्यक्रम में उपस्थित रहेंगे।
भूपेन हजारिका पुरस्कार में कितनी राशि दी जाती है?
इस पुरस्कार में ₹10 लाख की नकद राशि शामिल है। मुख्यमंत्री सरमा ने राज्य मंत्रिमंडल की बैठक के बाद मीडिया को यह जानकारी दी।
भूपेन हजारिका कौन थे और उनकी विरासत क्या है?
भूपेन हजारिका 8 सितंबर 1926 को असम के सादिया में जन्मे महान संगीतकार, गायक और कवि थे, जिन्हें 'सुधाकांठा' के नाम से जाना जाता था। उन्हें 1992 में दादासाहेब फाल्के पुरस्कार, 2001 में पद्म भूषण, 2012 में पद्म विभूषण और मरणोपरांत 2019 में भारत रत्न से सम्मानित किया गया।
भूपेन हजारिका की 100वीं जयंती शताब्दी समारोह किस उद्देश्य से आयोजित हो रहा है?
यह शताब्दी समारोह संगीत, सिनेमा और साहित्य में हजारिका के योगदान को उजागर करने और असम व पूर्वोत्तर के सांस्कृतिक राजदूत के रूप में उनकी विरासत को पुनर्जीवित करने के उद्देश्य से आयोजित किया जा रहा है। प्रधानमंत्री की भागीदारी से इसे राष्ट्रीय स्तर पर प्रमुखता मिलने की उम्मीद है।
राष्ट्र प्रेस
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