भूपेन हजारिका पुण्यतिथि: केंद्रीय मंत्रियों और मुख्यमंत्रियों ने 'सुधाकंठ' को दी भावभीनी श्रद्धांजलि
सारांश
मुख्य बातें
'भारत रत्न' डॉ. भूपेन हजारिका की पुण्यतिथि पर 5 नवंबर 2026 को देशभर के केंद्रीय मंत्रियों और मुख्यमंत्रियों ने उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की। असमिया संस्कृति की आत्मा को वैश्विक पटल तक ले जाने वाले इस महान गायक, संगीतकार और गीतकार की विरासत आज भी करोड़ों भारतीयों के हृदय में जीवित है।
केंद्रीय मंत्रियों की श्रद्धांजलि
केंद्रीय मंत्री मनोहर लाल ने एक्स पर अपनी भावनाएँ साझा करते हुए लिखा, 'विलक्षण प्रतिभा के धनी, महान संगीतज्ञ एवं अद्वितीय रचनाकार, 'भारत रत्न' डॉ. भूपेन हजारिका की पुण्यतिथि पर उन्हें विनम्र श्रद्धांजलि अर्पित करता हूं। भूपेन दा की जीवन यात्रा में 'एक भारत, श्रेष्ठ भारत' की भावना का स्पष्ट प्रभाव दिखता है।' उन्होंने यह भी कहा कि हजारिका की कालजई रचनाओं ने भाषा और क्षेत्र की सीमाएँ तोड़कर राष्ट्र को एकजुट करने का काम किया।
सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने एक्स पर लिखा, 'बहुमुखी प्रतिभा के धनी, विख्यात गीतकार, संगीतकार एवं गायक भारत रत्न भूपेन हजारिका की पुण्यतिथि पर उन्हें सादर नमन।' कानून और न्याय मंत्री अर्जुन राम मेघवाल ने भी एक्स पर श्रद्धांजलि देते हुए कहा कि 'भूपेन दा' ने असम की लोक-संस्कृति को स्वर दिया और उसे देश-दुनिया के मंच पर पहचान दिलाई।
मुख्यमंत्रियों की भावपूर्ण प्रतिक्रिया
उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने एक्स पर पोस्ट करते हुए लिखा कि हजारिका ने अपनी सुरीली आवाज़ और कालजयी रचनाओं से असम की माटी की खुशबू को पूरे विश्व तक पहुँचाया और संगीत को एकता, करुणा व मानवता का स्वर बनाया।
राजस्थान के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने एक्स पर अपनी श्रद्धांजलि में कहा कि हजारिका ने ब्रह्मपुत्र की संस्कृति और भारतीय लोक संगीत को वैश्विक पहचान दिलाई तथा समाज को समरसता और बंधुत्व की डोर में बाँधने वाले उनके अमर गीत युगों-युगों तक प्रेरणा देते रहेंगे।
उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने एक्स पर लिखा कि हजारिका ने अपनी कला और संगीत के माध्यम से भारतीय संस्कृति, लोकधुनों एवं जनभावनाओं को वैश्विक पहचान दिलाई। उनकी आवाज़ में सांस्कृतिक विरासत, आम जनमानस की संवेदनाएँ और मानवता का संदेश जीवंत रूप से अभिव्यक्त होता था।
असम के मुख्यमंत्री की विशेष भावना
असम के मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सर्मा ने एक्स पर अत्यंत भावनात्मक श्रद्धांजलि अर्पित की। उन्होंने लिखा, 'डॉ. भूपेन हजारिका, एक ऐसा नाम जो असम और उसके बाहर हर घर में गूंजता है। असम के सांस्कृतिक परिदृश्य में भारत रत्न डॉ. हजारिका का योगदान अद्वितीय है और हम सौभाग्यशाली हैं कि हमें उनके कार्यक्रमों को प्रत्यक्ष देखने का अवसर मिला।' उन्होंने 'सुधाकंठ' को अपनी श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए उनकी विरासत को सँजोने का संकल्प दोहराया।
अन्य नेताओं का नमन
उत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने भी एक्स पर श्रद्धांजलि देते हुए कहा कि हजारिका ने अपने मधुर संगीत और ओजस्वी स्वर से भारतीय संगीत को नई ऊँचाइयाँ प्रदान कीं। गौरतलब है कि डॉ. हजारिका को वर्ष 2019 में मरणोपरांत भारत के सर्वोच्च नागरिक सम्मान 'भारत रत्न' से नवाज़ा गया था। उनका जन्म 8 सितंबर 1926 को सदिया, असम में हुआ था और 5 नवंबर 2011 को उनका निधन हुआ था। उनकी रचनाएँ आज भी भारतीय संगीत की अमूल्य थाती हैं।