12 अक्टूबर 2026
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डॉ. राम मनोहर लोहिया की पुण्यतिथि: राजनाथ सिंह, गडकरी समेत दर्जनभर नेताओं ने किया नमन

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डॉ. राम मनोहर लोहिया की पुण्यतिथि: राजनाथ सिंह, गडकरी समेत दर्जनभर नेताओं ने किया नमन

सारांश

डॉ. राम मनोहर लोहिया की पुण्यतिथि पर रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह से लेकर उत्तर प्रदेश, राजस्थान, हरियाणा और उत्तराखंड के मुख्यमंत्रियों तक — दर्जनभर नेताओं ने एक्स पर श्रद्धांजलि दी। सामाजिक न्याय और सप्त क्रांति के इस पुरोधा की विरासत आज भी राजनीतिक विमर्श को आकार दे रही है।

मुख्य बातें

12 अक्टूबर 2026 को डॉ.
राम मनोहर लोहिया की पुण्यतिथि पर देशभर के वरिष्ठ नेताओं ने श्रद्धांजलि अर्पित की।
रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने लोहिया को 'सामाजिक न्याय के पुरोधा' बताते हुए उनके योगदान को राष्ट्र के लिए मार्गदर्शक कहा।
उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने लोहिया को 'सप्त क्रांति के प्रणेता' के रूप में याद किया।
केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी, शिवराज सिंह चौहान और मनोहर लाल समेत कई केंद्रीय मंत्रियों ने एक्स पर पोस्ट किए।
दिल्ली, राजस्थान, हरियाणा और उत्तराखंड के मुख्यमंत्रियों ने भी भावभीनी श्रद्धांजलि दी।

स्वतंत्रता संग्राम सेनानी और प्रखर समाजवादी चिंतक डॉ. राम मनोहर लोहिया की पुण्यतिथि पर 12 अक्टूबर 2026 को देशभर के वरिष्ठ नेताओं ने उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह, केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी, शिवराज सिंह चौहान, मनोहर लाल सहित कई राज्यों के मुख्यमंत्रियों ने एक्स पर पोस्ट करके लोहिया के योगदान को याद किया। सामाजिक न्याय, राजनीतिक शुचिता और वंचितों के अधिकारों के लिए लोहिया का संघर्ष आज भी राजनीतिक विमर्श में प्रासंगिक बना हुआ है।

रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह की श्रद्धांजलि

रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने एक्स पर लिखा, 'प्रखर समाजवादी चिंतक, स्वतंत्रता सेनानी एवं सामाजिक न्याय के पुरोधा डॉ. राममनोहर लोहिया की पुण्यतिथि पर उन्हें विनम्र श्रद्धांजलि। उनका जीवन राजनीतिक शुचिता, सामाजिक न्याय और वंचितों के अधिकारों के लिए संघर्ष की प्रेरणा देता है।' सिंह ने यह भी जोड़ा कि लोहिया ने समाज में व्याप्त असमानताओं को दूर करने तथा राष्ट्रीय एकता को सुदृढ़ करने के लिए निरंतर प्रयास किए।

केंद्रीय मंत्रियों के उद्गार

सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने एक्स पर कहा, 'अपनी प्रखर देशभक्ति और तेजस्वी विचारों के कारण डॉ. राम मनोहर लोहिया ने सभी के मन में अपार सम्मान प्राप्त किया।' केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने लिखा कि राष्ट्र की सेवा और समाज के शोषित-वंचित वर्ग के उत्थान में लोहिया का योगदान सभी को प्रेरित करता रहेगा। केंद्रीय मंत्री मनोहर लाल ने भी पोस्ट किया कि डॉ. लोहिया ने अपने विचारों और सिद्धांतों से देश की राजनीति में उच्च आदर्श स्थापित किए।

मुख्यमंत्रियों ने दी भावभीनी श्रद्धांजलि

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने लोहिया को 'सप्त क्रांति के प्रणेता' बताते हुए कहा कि जन-कल्याण और सामाजिक समता के लिए उनका संघर्ष राष्ट्र को नई दिशा प्रदान करता रहेगा। दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने कहा कि लोहिया ने अपना संपूर्ण जीवन अन्याय, असमानता और भेदभाव के विरुद्ध गरीबों और वंचितों के लिए समर्पित किया। राजस्थान के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने लोकतंत्र को जन-आंदोलन का स्वरूप देने में लोहिया के अविस्मरणीय योगदान को याद किया।

अन्य राज्यों के मुख्यमंत्रियों की प्रतिक्रिया

हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सैनी ने कहा कि लोहिया के विचारों ने समाज के वंचित और शोषित वर्गों के अधिकारों को मुखरता प्रदान की। उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने राष्ट्र की स्वाधीनता और सामाजिक समानता के लिए लोहिया के वैचारिक योगदान को स्मरणीय बताया। गौरतलब है कि इस वर्ष लोहिया की पुण्यतिथि पर विभिन्न दलों के नेताओं की ओर से एक साथ इतनी बड़ी संख्या में श्रद्धांजलि अर्पित की गई, जो उनकी विचारधारा की व्यापक स्वीकार्यता को दर्शाती है।

डॉ. लोहिया की विरासत और प्रासंगिकता

डॉ. राम मनोहर लोहिया ने स्वतंत्रता संग्राम से लेकर स्वतंत्र भारत की राजनीति तक समाजवादी आंदोलन को नई धार दी। उनकी 'सप्त क्रांति' की अवधारणा — जिसमें जाति, लिंग, आर्थिक असमानता और राजनीतिक भ्रष्टाचार के खिलाफ संघर्ष शामिल था — आज भी सामाजिक न्याय की बहस के केंद्र में बनी हुई है। यह ऐसे समय में और अधिक प्रासंगिक हो जाती है, जब देश में सामाजिक समानता और समावेशी विकास को लेकर नीतिगत बहस तेज है। लोहिया के विचारों की छाप आज भी विभिन्न राजनीतिक दलों की नीतियों और बयानबाजी में देखी जा सकती है।

संपादकीय दृष्टिकोण

जिसमें हर दल महान हस्तियों को अपनी विचारधारा के अनुकूल ढालने की कोशिश करता है। असली प्रश्न यह है कि जिस सामाजिक न्याय और राजनीतिक शुचिता के लिए लोहिया ने संघर्ष किया, उन मूल्यों पर आज की राजनीति कितनी खरी उतरती है — श्रद्धांजलि के शब्दों से परे।
RashtraPress
12 अक्टूबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

डॉ. राम मनोहर लोहिया कौन थे?
डॉ. राम मनोहर लोहिया स्वतंत्रता संग्राम सेनानी, प्रखर समाजवादी चिंतक और 'सप्त क्रांति' की अवधारणा के प्रणेता थे। उन्होंने जाति, लिंग और आर्थिक असमानता के विरुद्ध आजीवन संघर्ष किया और भारतीय राजनीति में सामाजिक न्याय की अलख जगाई।
लोहिया की 'सप्त क्रांति' क्या है?
डॉ. लोहिया की 'सप्त क्रांति' सात सामाजिक और राजनीतिक बदलावों की अवधारणा है — जिसमें जाति उन्मूलन, लैंगिक समानता, आर्थिक न्याय, निजी स्वतंत्रता, लोकतांत्रिक अधिकार और विदेशी वर्चस्व से मुक्ति शामिल हैं। यह विचार आज भी सामाजिक न्याय की बहस में प्रासंगिक माना जाता है।
12 अक्टूबर 2026 को किन-किन नेताओं ने लोहिया को श्रद्धांजलि दी?
रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह, केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी, शिवराज सिंह चौहान और मनोहर लाल के साथ-साथ उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता, राजस्थान के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा, हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सैनी और उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने श्रद्धांजलि दी।
डॉ. लोहिया के विचार आज भी क्यों प्रासंगिक हैं?
डॉ. लोहिया ने सामाजिक समानता, राजनीतिक शुचिता और वंचितों के अधिकारों के लिए जो वैचारिक ढाँचा तैयार किया, वह आज भी सामाजिक न्याय की नीतिगत बहस का आधार है। विभिन्न दलों के नेता उनकी विरासत को अपनी राजनीति में संदर्भित करते हैं, जो उनकी व्यापक स्वीकार्यता को दर्शाता है।
राजनाथ सिंह ने लोहिया की पुण्यतिथि पर क्या कहा?
रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने एक्स पर लिखा कि डॉ. लोहिया का जीवन राजनीतिक शुचिता, सामाजिक न्याय और वंचितों के अधिकारों के लिए संघर्ष की प्रेरणा देता है। उन्होंने कहा कि लोहिया के विचार आज भी समावेशी, न्यायपूर्ण एवं संवेदनशील समाज के निर्माण की दिशा में मार्गदर्शन करते हैं।
राष्ट्र प्रेस
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