डॉ. राम मनोहर लोहिया की पुण्यतिथि: राजनाथ सिंह, गडकरी समेत दर्जनभर नेताओं ने किया नमन
सारांश
मुख्य बातें
स्वतंत्रता संग्राम सेनानी और प्रखर समाजवादी चिंतक डॉ. राम मनोहर लोहिया की पुण्यतिथि पर 12 अक्टूबर 2026 को देशभर के वरिष्ठ नेताओं ने उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह, केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी, शिवराज सिंह चौहान, मनोहर लाल सहित कई राज्यों के मुख्यमंत्रियों ने एक्स पर पोस्ट करके लोहिया के योगदान को याद किया। सामाजिक न्याय, राजनीतिक शुचिता और वंचितों के अधिकारों के लिए लोहिया का संघर्ष आज भी राजनीतिक विमर्श में प्रासंगिक बना हुआ है।
रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह की श्रद्धांजलि
रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने एक्स पर लिखा, 'प्रखर समाजवादी चिंतक, स्वतंत्रता सेनानी एवं सामाजिक न्याय के पुरोधा डॉ. राममनोहर लोहिया की पुण्यतिथि पर उन्हें विनम्र श्रद्धांजलि। उनका जीवन राजनीतिक शुचिता, सामाजिक न्याय और वंचितों के अधिकारों के लिए संघर्ष की प्रेरणा देता है।' सिंह ने यह भी जोड़ा कि लोहिया ने समाज में व्याप्त असमानताओं को दूर करने तथा राष्ट्रीय एकता को सुदृढ़ करने के लिए निरंतर प्रयास किए।
केंद्रीय मंत्रियों के उद्गार
सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने एक्स पर कहा, 'अपनी प्रखर देशभक्ति और तेजस्वी विचारों के कारण डॉ. राम मनोहर लोहिया ने सभी के मन में अपार सम्मान प्राप्त किया।' केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने लिखा कि राष्ट्र की सेवा और समाज के शोषित-वंचित वर्ग के उत्थान में लोहिया का योगदान सभी को प्रेरित करता रहेगा। केंद्रीय मंत्री मनोहर लाल ने भी पोस्ट किया कि डॉ. लोहिया ने अपने विचारों और सिद्धांतों से देश की राजनीति में उच्च आदर्श स्थापित किए।
मुख्यमंत्रियों ने दी भावभीनी श्रद्धांजलि
उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने लोहिया को 'सप्त क्रांति के प्रणेता' बताते हुए कहा कि जन-कल्याण और सामाजिक समता के लिए उनका संघर्ष राष्ट्र को नई दिशा प्रदान करता रहेगा। दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने कहा कि लोहिया ने अपना संपूर्ण जीवन अन्याय, असमानता और भेदभाव के विरुद्ध गरीबों और वंचितों के लिए समर्पित किया। राजस्थान के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने लोकतंत्र को जन-आंदोलन का स्वरूप देने में लोहिया के अविस्मरणीय योगदान को याद किया।
अन्य राज्यों के मुख्यमंत्रियों की प्रतिक्रिया
हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सैनी ने कहा कि लोहिया के विचारों ने समाज के वंचित और शोषित वर्गों के अधिकारों को मुखरता प्रदान की। उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने राष्ट्र की स्वाधीनता और सामाजिक समानता के लिए लोहिया के वैचारिक योगदान को स्मरणीय बताया। गौरतलब है कि इस वर्ष लोहिया की पुण्यतिथि पर विभिन्न दलों के नेताओं की ओर से एक साथ इतनी बड़ी संख्या में श्रद्धांजलि अर्पित की गई, जो उनकी विचारधारा की व्यापक स्वीकार्यता को दर्शाती है।
डॉ. लोहिया की विरासत और प्रासंगिकता
डॉ. राम मनोहर लोहिया ने स्वतंत्रता संग्राम से लेकर स्वतंत्र भारत की राजनीति तक समाजवादी आंदोलन को नई धार दी। उनकी 'सप्त क्रांति' की अवधारणा — जिसमें जाति, लिंग, आर्थिक असमानता और राजनीतिक भ्रष्टाचार के खिलाफ संघर्ष शामिल था — आज भी सामाजिक न्याय की बहस के केंद्र में बनी हुई है। यह ऐसे समय में और अधिक प्रासंगिक हो जाती है, जब देश में सामाजिक समानता और समावेशी विकास को लेकर नीतिगत बहस तेज है। लोहिया के विचारों की छाप आज भी विभिन्न राजनीतिक दलों की नीतियों और बयानबाजी में देखी जा सकती है।