जेपी जयंती 2026: शिवराज, गडकरी, योगी समेत दर्जनभर नेताओं ने लोकनायक को किया नमन
सारांश
मुख्य बातें
भारत रत्न लोकनायक जयप्रकाश नारायण की जयंती पर 11 अक्टूबर 2026 को देशभर के केंद्रीय मंत्रियों और मुख्यमंत्रियों ने एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर पोस्ट कर उन्हें भावपूर्ण श्रद्धांजलि अर्पित की। केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान, सड़क परिवहन मंत्री नितिन गडकरी, केंद्रीय मंत्री मनोहर लाल, उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और राजस्थान के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा सहित कई वरिष्ठ नेताओं ने जेपी के 'सम्पूर्ण क्रांति' के आह्वान और लोकतंत्र की रक्षा में उनकी अटूट भूमिका को याद किया। यह श्रद्धांजलि ऐसे समय में आई है जब लोकनायक की विरासत को लेकर राजनीतिक विमर्श देश में निरंतर प्रासंगिक बना हुआ है।
केंद्रीय मंत्रियों की श्रद्धांजलि
केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने एक्स पर लिखा, 'भारतीय लोकतांत्रिक मूल्यों की रक्षा के लिए 'सम्पूर्ण क्रांति' का आह्वान करने वाले राजनीति के युगपुरुष, भारत रत्न, लोकनायक जयप्रकाश नारायण की जयंती पर कोटि-कोटि नमन करता हूं! आपके प्रखर विचार और आदर्श जीवन सदैव भावी पीढ़ियों को अन्याय के विरुद्ध संघर्ष करने के लिए प्रेरित करते रहेंगे।'
केंद्रीय मंत्री मनोहर लाल ने कहा, 'आजीवन लोकतांत्रिक मूल्यों की रक्षा के लिए समर्पित सम्पूर्ण क्रांति के प्रणेता, भारत रत्न, लोकनायक जयप्रकाश नारायण की जयंती पर उन्हें श्रद्धापूर्वक नमन करता हूं। चाहे वह देश का स्वतंत्रता आंदोलन हो या फिर 1975 का दमनकारी आपातकाल, उन्होंने जनता को जनतंत्र की शक्ति का बोध कराया।'
सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने लिखा, 'लोकनायक जयप्रकाश नारायण लोकतांत्रिक मूल्यों और सामाजिक समरसता के प्रतीक थे। लोकतंत्र के काले अध्याय आपातकाल के विरुद्ध उनका संपूर्ण क्रांति का बिगुल सभी के लिए हमेशा प्रेरणा का केंद्र बना रहेगा।'
केंद्रीय पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने जेपी को 'निडर स्वतंत्रता सेनानी और दूरदर्शी नेता' बताते हुए कहा कि उन्होंने भारत छोड़ो आंदोलन में अहम भूमिका निभाई और बाद में आपातकाल के दौरान लोकतंत्र की सशक्त आवाज बने। केंद्रीय कानून एवं न्याय मंत्री अर्जुनराम मेघवाल ने उन्हें 'प्रखर राष्ट्रवादी चिंतक' और 'लोकतांत्रिक मूल्यों के सजग प्रहरी' कहकर नमन किया।
मुख्यमंत्रियों ने किया स्मरण
उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने जेपी को 'भारतीय राजनीति का युगपुरुष' बताते हुए कहा कि आपातकाल के कठिन दौर में उनकी आवाज लोकतांत्रिक चेतना का सशक्त स्वर बनी। उन्होंने कहा, 'उनका निर्भीक संघर्ष एवं त्यागमय जीवन हमें सत्ता से ऊपर संविधान, पद से ऊपर सिद्धांत और स्वयं से ऊपर राष्ट्रहित रखने की प्रेरणा देता है।'
राजस्थान के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने लिखा कि जेपी का समर्पित जीवन जनाधिकारों, लोकतांत्रिक चेतना और सामाजिक परिवर्तन के दृढ़ संकल्प का प्रतीक रहा। दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने याद दिलाया कि जब कांग्रेस ने आपातकाल थोपकर नागरिक अधिकारों को कुचलने का प्रयास किया, तब लोकनायक ने जनजागरण का शंखनाद किया।
उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने जेपी को 'महान स्वतंत्रता सेनानी, समाजवादी विचारक और प्रखर जननेता' बताया। बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने कहा कि राष्ट्र के प्रति जेपी का समर्पण और जनहित के प्रति प्रतिबद्धता सदैव देशवासियों को प्रेरित करती रहेगी। उत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने उन्हें 'सम्पूर्ण क्रांति आंदोलन का नायक' कहते हुए नमन किया।
लोकनायक की विरासत और राजनीतिक प्रासंगिकता
गौरतलब है कि जयप्रकाश नारायण को 1999 में मरणोपरांत भारत रत्न से सम्मानित किया गया था। उनकी 1974-75 की 'सम्पूर्ण क्रांति' — जो 1975 में लगाए गए आपातकाल के विरुद्ध थी — भारतीय लोकतंत्र के इतिहास का एक निर्णायक अध्याय है। उनकी इस विरासत को विभिन्न दलों के नेता अपने-अपने ढंग से याद करते हैं, जो दर्शाता है कि जेपी का व्यक्तित्व दलीय सीमाओं से परे जनमानस में गहरे पैठा हुआ है। प्रत्येक वर्ष उनकी जयंती पर इस तरह की सार्वजनिक श्रद्धांजलियाँ लोकतंत्र और जनसंघर्ष के प्रति जेपी के योगदान की समकालीन प्रासंगिकता को रेखांकित करती हैं। आने वाले वर्षों में भी उनके विचार भारतीय राजनीति और सामाजिक आंदोलनों को दिशा देते रहेंगे।