जयप्रकाश नारायण जयंती: PM मोदी ने किया नमन, बोले— 'विकसित भारत' के लिए उनके आदर्शों के प्रति प्रतिबद्ध
सारांश
मुख्य बातें
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 11 अक्टूबर को लोकनायक जयप्रकाश नारायण की जयंती पर उन्हें भावपूर्ण श्रद्धांजलि अर्पित की और कहा कि 'विकसित भारत' के निर्माण की राह पर चलते हुए देश उनके आदर्शों को साकार करने के लिए प्रतिबद्ध है। मोदी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर अपनी पोस्ट में जयप्रकाश नारायण के जीवन और विचारों को हर पीढ़ी के लिए प्रेरणास्रोत बताया।
PM मोदी का संदेश
प्रधानमंत्री मोदी ने एक्स पर लिखा, 'उन्होंने लोगों को यह विश्वास दिलाया कि सार्वजनिक जीवन देश के नवनिर्माण का ज़रिया बन सकता है। आपातकाल के दौरान उनकी निडर आवाज़ भी उल्लेखनीय थी।' उन्होंने यह भी रेखांकित किया कि लोकनायक जेपी सुशासन सुनिश्चित करने और समाज के हाशिए पर रहने वाले लोगों तक पहुँचने के लिए सदा समर्पित रहे।
मोदी ने लिखा, 'विकसित भारत के निर्माण की दिशा में काम करते हुए हम उनके आदर्शों को पूरा करने के लिए प्रतिबद्ध हैं।' यह संदेश ऐसे समय में आया है जब सरकार अपनी विकास-केंद्रित नीतियों को ऐतिहासिक नेताओं की विरासत से जोड़ने का प्रयास कर रही है।
राजनाथ सिंह की श्रद्धांजलि
रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने भी एक्स पर पोस्ट कर जयप्रकाश नारायण को नमन किया। उन्होंने कहा, 'उनका जीवन लोकतांत्रिक मूल्यों और राष्ट्रहित के प्रति अटूट प्रतिबद्धता का प्रतीक है।' राजनाथ ने 'संपूर्ण क्रांति' के आह्वान को राजनीति में शुचिता, शासन में जवाबदेही और समाज में नैतिक पुनर्जागरण का संकल्प बताया।
उन्होंने यह भी कहा कि आपातकाल के काले अध्याय में जयप्रकाश नारायण ने अदम्य साहस के साथ तानाशाही का विरोध किया और संविधान तथा नागरिक स्वतंत्रता की रक्षा के लिए उनका संघर्ष भारतीय इतिहास में सदैव स्मरणीय रहेगा।
लोकसभा स्पीकर ओम बिरला का संदेश
लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने जयप्रकाश नारायण को श्रद्धापूर्वक नमन करते हुए लिखा, 'भारतीय लोकतंत्र के इतिहास में जयप्रकाश नारायण जी का नाम साहस, सिद्धांतों और जनशक्ति में अटूट विश्वास के साथ सदैव स्मरण किया जाएगा।' उन्होंने स्वतंत्रता संग्राम से लेकर लोकतांत्रिक मूल्यों की रक्षा तक उनके अवदान को अन्याय के विरुद्ध संघर्ष का प्रतीक बताया।
बिरला ने यह भी उल्लेख किया कि सर्वोदय और भूदान आंदोलनों से जुड़कर जयप्रकाश नारायण ने समाज के अंतिम पायदान पर खड़े व्यक्ति के उत्थान और सामाजिक समानता के विचार को आगे बढ़ाया। उनके अनुसार, लोकनायक के विचार और लोकतांत्रिक मूल्यों के प्रति उनका संकल्प पीढ़ियों को प्रेरित करता रहेगा।
जयप्रकाश नारायण की विरासत
गौरतलब है कि जयप्रकाश नारायण भारतीय राजनीति में 'लोकनायक' के रूप में जाने जाते हैं। 1975 के आपातकाल के दौरान उन्होंने 'संपूर्ण क्रांति' का नारा दिया था, जो तत्कालीन सत्ता के विरुद्ध जनआंदोलन का प्रतीक बना। सर्वोदय आंदोलन और विनोबा भावे के भूदान आंदोलन से जुड़कर उन्होंने ग्रामीण भारत के सशक्तिकरण की दिशा में भी महत्वपूर्ण योगदान दिया।
प्रत्येक वर्ष 11 अक्टूबर को उनकी जयंती पर देशभर में नेता और नागरिक उन्हें स्मरण करते हैं। इस वर्ष भी केंद्र सरकार के शीर्ष नेताओं ने उनके आदर्शों को वर्तमान शासन-दर्शन से जोड़ते हुए श्रद्धांजलि अर्पित की, जो लोकनायक की विरासत की प्रासंगिकता को रेखांकित करती है।