राजमाता विजयाराजे सिंधिया की जयंती: शिवराज, गडकरी, योगी समेत दर्जनों नेताओं ने किया नमन
सारांश
मुख्य बातें
भारतीय जनता पार्टी (BJP) की संस्थापक सदस्य और ग्वालियर रियासत की अंतिम महारानी राजमाता विजयाराजे सिंधिया की जयंती पर 12 अक्टूबर 2026 को देशभर के वरिष्ठ नेताओं ने उन्हें भावपूर्ण श्रद्धांजलि अर्पित की। केंद्रीय मंत्रियों से लेकर कई राज्यों के मुख्यमंत्रियों तक ने सोशल मीडिया पर अपनी श्रद्धा व्यक्त करते हुए राजमाता को त्याग, सादगी और राष्ट्रसेवा की प्रतिमूर्ति बताया।
केंद्रीय मंत्रियों की श्रद्धांजलि
केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने एक्स पर लिखा कि राजमाता 'सादगी, त्याग एवं समर्पण की प्रतिमूर्ति' थीं और उन्होंने जनसंघ से लेकर भारतीय जनता पार्टी तक को मध्यप्रदेश में सेवा व समर्पण से सींचकर सशक्त बनाया। उन्होंने राजमाता के साथ अपने व्यक्तिगत संबंधों को याद करते हुए कहा कि उन्हें उनका 'स्नेह और आशीर्वाद भरपूर मिला।'
केंद्रीय मंत्री मनोहर लाल ने अपनी एक्स पोस्ट में राजमाता को 'सरलता, सहजता और संवेदनशीलता की प्रतिमूर्ति' कहा और कहा कि उनके विचार राष्ट्र की सेवा के लिए सदैव प्रेरित करते रहेंगे। केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने भी एक्स पर 'विनम्र अभिवादन' अर्पित किया।
मुख्यमंत्रियों ने किया नमन
दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने एक्स पर लिखा कि राजमाता ने 'राष्ट्रसेवा को जीवन का ध्येय' बनाया और उनका मातृवत स्नेह व मार्गदर्शन कार्यकर्ताओं के लिए सदैव अमूल्य रहा।
हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सैनी ने राजमाता के आपातकाल के दौरान लोकतंत्र की रक्षा के लिए किए गए 'साहस और संघर्ष' को विशेष रूप से रेखांकित किया। राजस्थान के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने उनके 'सादगीपूर्ण जीवन और अटूट विचार-निष्ठा' को वंदनीय बताया।
उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि राजमाता ने 'राजसी वैभव को त्यागकर जनसेवा का मार्ग' चुना और लोकतंत्र को अपने संघर्ष, समर्पण और सिद्धांतनिष्ठा से सशक्त किया। उत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने भी उन्हें 'राष्ट्र के प्रति निष्ठा, सेवा, त्याग और दृढ़ संकल्प' का प्रेरणादायी उदाहरण बताया।
राजमाता विजयाराजे सिंधिया: एक परिचय
राजमाता विजयाराजे सिंधिया ग्वालियर रियासत की महारानी रहीं और भारतीय राजनीति में 'राजमाता' के नाम से सुविख्यात हुईं। उन्होंने जनसंघ के गठन में सक्रिय भूमिका निभाई और बाद में भारतीय जनता पार्टी (BJP) की स्थापना में संस्थापक सदस्य के रूप में योगदान दिया। 1975 के आपातकाल के विरोध में उन्होंने जेल का सामना किया, जिसे उनके अनुयायी उनके दृढ़ लोकतांत्रिक संकल्प का प्रतीक मानते हैं।
सिंधिया परिवार और BJP की विरासत
गौरतलब है कि राजमाता का परिवार आज भी भारतीय राजनीति में सक्रिय है। उनके पोते ज्योतिरादित्य सिंधिया केंद्र सरकार में मंत्री हैं। राजमाता की जयंती हर वर्ष BJP के भीतर बड़े उत्साह के साथ मनाई जाती है, क्योंकि उन्हें पार्टी की वैचारिक नींव को मज़बूत करने वाले स्तंभों में से एक माना जाता है।
आगे का स्वर
यह श्रद्धांजलि समारोह केवल स्मृति का अवसर नहीं, बल्कि BJP के लिए अपने संस्थागत मूल्यों और वैचारिक इतिहास को पुनर्जीवित करने का भी क्षण है। नेताओं की इस एकजुट अभिव्यक्ति से स्पष्ट है कि राजमाता विजयाराजे सिंधिया की विरासत पार्टी की सांगठनिक पहचान में आज भी केंद्रीय स्थान रखती है।