राजमाता विजयाराजे सिंधिया जयंती: PM मोदी, अमित शाह समेत नेताओं ने किया नमन
सारांश
मुख्य बातें
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, गृह मंत्री अमित शाह और अनेक केंद्रीय मंत्रियों ने 12 अक्टूबर 2026 को राजमाता विजयाराजे सिंधिया की जयंती पर उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की। ग्वालियर रियासत की अंतिम महारानी और भारतीय जनता पार्टी (BJP) की संस्थापक सदस्य विजयाराजे सिंधिया की स्मृति में एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर नेताओं की श्रद्धांजलियों का सिलसिला जारी रहा।
प्रधानमंत्री मोदी का संदेश
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने एक्स पर लिखा, 'राजमाता विजयाराजे सिंधिया को उनकी जयंती पर शत-शत नमन। राष्ट्रसेवा के प्रति उनका त्याग और समर्पण हर किसी के लिए प्रेरणास्रोत है। उनके आदर्श और विचार विकसित भारत के संकल्प को भी नई ऊर्जा प्रदान करने वाले हैं।' मोदी का यह संदेश राजमाता की राष्ट्रवादी विरासत को आज की राजनीतिक परिकल्पना से जोड़ने की कोशिश के रूप में देखा जा रहा है।
अमित शाह और अन्य मंत्रियों की श्रद्धांजलि
गृह मंत्री अमित शाह ने एक्स पर अपनी पोस्ट में कहा, 'भारतीय जनता पार्टी की संस्थापक सदस्य, राजमाता विजयाराजे सिंधिया की जयंती पर उन्हें कोटिशः नमन। राजसी वैभव का त्याग कर उन्होंने जनसेवा का मार्ग चुना और आजीवन राष्ट्रवादी विचारधारा को सशक्त बनाने में अपना संपूर्ण जीवन समर्पित कर दिया। आपातकाल के विरुद्ध संघर्ष में उन्होंने महीनों तक कारावास की यातनाएं सहीं, पर अपने सिद्धांतों से तनिक भी समझौता नहीं किया।' शाह ने उनके जीवन को प्रत्येक कार्यकर्ता के लिए प्रेरणा का स्रोत बताया।
केंद्रीय संचार मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया, जो राजमाता के पौत्र हैं, ने एक्स पर भावुक संदेश साझा किया। उन्होंने लिखा, 'मेरे जीवन की प्रेरणापुंज, मेरी पूज्य आजी अम्मा राजमाता विजयाराजे सिंधिया की जन्मजयंती पर उनके चरणों में कोटि-कोटि नमन करता हूं।' केंद्रीय वाणिज्य और उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने उनकी 'राष्ट्रसेवा और जनकल्याण के प्रति अटूट निष्ठा' को नमन किया।
राज्य नेताओं का अभिनंदन
केंद्रीय टेक्सटाइल मंत्री गिरिराज सिंह ने एक्स पर कहा कि राजमाता का राष्ट्र निर्माण और संगठन को सशक्त बनाने में योगदान अतुलनीय है। बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने उनके 'आदर्श, सादगी और राष्ट्र के प्रति अटूट निष्ठा' को प्रेरणास्रोत बताया। मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव ने उनके 'तपस्वी जीवन' को 'साहस, दया एवं संरक्षण का अविस्मरणीय अध्याय' कहा।
राजमाता विजयाराजे सिंधिया: एक परिचय
राजमाता विजयाराजे सिंधिया ग्वालियर के सिंधिया राजघराने से थीं और भारतीय राजनीति में उनकी भूमिका दशकों तक प्रभावशाली रही। वे भारतीय जनता पार्टी की संस्थापक सदस्यों में से एक थीं और 1975-77 के आपातकाल के दौरान उन्होंने कारावास की यातनाएं सहकर भी अपने सिद्धांतों से समझौता नहीं किया। गौरतलब है कि उनकी राजनीतिक विरासत आज भी BJP की वैचारिक पहचान का अभिन्न हिस्सा मानी जाती है।
विरासत का महत्व
यह ऐसे समय में आया है जब BJP अपनी संस्थापक विभूतियों की स्मृतियों को पार्टी की वैचारिक नींव के रूप में प्रस्तुत करने पर ज़ोर दे रही है। राजमाता की जयंती पर प्रधानमंत्री से लेकर मुख्यमंत्रियों तक के संदेश यह दर्शाते हैं कि उनकी विरासत पार्टी की पीढ़ी-दर-पीढ़ी प्रेरणा का स्रोत बनी हुई है। आने वाले दिनों में पार्टी स्तर पर उनकी स्मृति में कार्यक्रम आयोजित किए जाने की संभावना है।