क्या सिंधिया वंश ने राष्ट्र के स्वाभिमान की रक्षा के लिए संघर्ष किया?

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क्या सिंधिया वंश ने राष्ट्र के स्वाभिमान की रक्षा के लिए संघर्ष किया?

सारांश

ग्वालियर में ज्योतिरादित्य सिंधिया ने पानीपत शौर्य दिवस पर महान सेनानायक महादजी सिंधिया को श्रद्धांजलि दी। उन्होंने कहा कि सिंधिया वंश ने कभी साम्राज्य विस्तार के लिए नहीं, बल्कि राष्ट्र के स्वाभिमान की रक्षा के लिए लड़ा। उनका बलिदान आज भी प्रेरणा देता है।

Key Takeaways

  • सिंधिया वंश ने राष्ट्र के स्वाभिमान की रक्षा के लिए बलिदान दिया।
  • पानीपत शौर्य दिवस एक महत्वपूर्ण ऐतिहासिक दिवस है।
  • मराठा वीरों ने राष्ट्र के लिए अपने प्राणों का बलिदान दिया।
  • आज का भारत 'राष्ट्र प्रथम' की भावना के साथ आगे बढ़ रहा है।
  • इतिहास हमें चरित्र निर्माण के लिए पढ़ना चाहिए।

ग्वालियर 14 जनवरी (राष्ट्र प्रेस)। केंद्रीय संचार एवं पूर्वोत्तर क्षेत्र विकास मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने पानीपत शौर्य दिवस के अवसर पर मराठा साम्राज्य के सेनानायक महाराज महादजी सिंधिया को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए कहा कि सिंधिया राजवंश ने साम्राज्य का विस्तार नहीं, बल्कि राष्ट्र के स्वाभिमान की रक्षा के लिए संघर्ष किया था।

ग्वालियर के अचलेश्वर चौराहे पर आयोजित कार्यक्रम में पुष्पांजलि अर्पित करते हुए ज्योतिरादित्य सिंधिया ने पानीपत के तीसरे युद्ध में अपने प्राणों का बलिदान करने वाले मराठा वीरों को नमन किया।

केंद्रीय मंत्री सिंधिया ने कहा कि पानीपत शौर्य दिवस राष्ट्रबोध, त्याग और अदम्य साहस की जीवंत चेतना का प्रतीक है। 14 जनवरी 1761 की तिथि भारतीय इतिहास का एक ऐतिहासिक मोड़ है, जब मराठा वीरों ने किसी सत्ता या साम्राज्य के विस्तार के लिए नहीं, बल्कि राष्ट्र की आत्मा और स्वाभिमान की रक्षा के लिए युद्ध लड़ा।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व का उल्लेख करते हुए सिंधिया ने कहा कि आज का भारत ‘राष्ट्र प्रथम’ की भावना के साथ आगे बढ़ रहा है। राष्ट्रीय सुरक्षा, सामाजिक समरसता, और आत्मनिर्भर भारत जैसे सभी मूल्य उसी एकता और त्याग की नींव पर खड़े हैं, जिसकी प्रेरणा हमें पानीपत से मिलती है। इतिहास केवल परीक्षा पास करने के लिए नहीं, बल्कि चरित्र निर्माण के लिए पढ़ा जाना चाहिए।

सिंधिया ने गर्व से कहा कि सिंधिया वंश ने छत्रपति शिवाजी महाराज के हिंदवी स्वराज के स्वप्न को साकार करने के लिए हमेशा राष्ट्रहित में बलिदान दिया। पानीपत के युद्ध में उनके परिवार के 16 पूर्वजों का योगदान रहा, जिनका शौर्य और त्याग आज भी राष्ट्रभक्ति की अमर मिसाल है।

इससे पहले केंद्रीय मंत्री ने स्मार्ट सिटी प्रोजेक्ट के तहत ग्वालियर में बन रहे शौर्य स्मारक का अवलोकन किया। उन्होंने निर्देश दिए कि इस भव्य स्मारक में अतीत की गौरव गाथाओं के साथ भविष्य की आकांक्षाओं की झलक भी दिखनी चाहिए।

Point of View

जहां इतिहास हमें यह सिखाता है कि संघर्ष का अर्थ केवल शक्ति का विस्तार नहीं, बल्कि अपने देश और संस्कृति की रक्षा करना भी है। सिंधिया वंश का बलिदान आज भी हमारे लिए प्रेरणा स्रोत है।
NationPress
14/01/2026

Frequently Asked Questions

पानीपत शौर्य दिवस क्या है?
पानीपत शौर्य दिवस 14 जनवरी को मनाया जाता है, यह दिन मराठा वीरों के बलिदान को याद करने का है।
सिंधिया वंश किसके लिए प्रसिद्ध है?
सिंधिया वंश अपने बलिदान और राष्ट्र की रक्षा के लिए संघर्ष करने के लिए प्रसिद्ध है।
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