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क्या विधान परिषद में चीनी मांझे पर सख्ती और आजमगढ़ में आवासीय योजना की मांग उठाई गई?

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क्या विधान परिषद में चीनी मांझे पर सख्ती और आजमगढ़ में आवासीय योजना की मांग उठाई गई?

सारांश

उत्तर प्रदेश विधान परिषद में विजय बहादुर पाठक ने चीनी मांझे की बिक्री और आजमगढ़ में आवासीय योजना की आवश्यकता पर जोर दिया। उन्होंने सरकार से तात्कालिक हस्तक्षेप की मांग की। क्या ये मुद्दे प्रदेश की सुरक्षा और विकास को प्रभावित कर सकते हैं?

मुख्य बातें

चीनी मांझा पर सख्ती की जरूरत है।
आजमगढ़ में आवासीय योजनाएं जल्द शुरू करें।
जनहित को प्राथमिकता देना अत्यंत आवश्यक है।

लखनऊ, 19 दिसंबर (राष्ट्र प्रेस)। उत्तर प्रदेश विधान परिषद के सदस्य विजय बहादुर पाठक ने सदन में जनहित और लोक महत्व के दो महत्वपूर्ण मुद्दों को उठाते हुए सरकार से तात्कालिक हस्तक्षेप की मांग की है।

एक ओर उन्होंने प्रतिबंध के बावजूद प्रदेश में खुलेआम बिक रहे जानलेवा चीनी मांझे पर कड़ी कार्रवाई की आवश्यकता बताई, वहीं दूसरी ओर मुख्यमंत्री शहरी विस्तारीकरण/नए शहर प्रोत्साहन योजना के तहत आजमगढ़ में सुनियोजित आवासीय योजना की मांग की।

एमएलसी विजय बहादुर पाठक ने नियम-39 क (1) के अंतर्गत जानकारी देते हुए बताया कि 25 फरवरी 2025 को उन्होंने नियम-110 के तहत सदन और सरकार के ध्यान में यह मुद्दा लाया था कि प्रतिबंधित चीनी मांझा मानव जीवन के साथ-साथ पशु-पक्षियों के लिए भी प्राणघातक साबित हो रहा है। इसके बावजूद प्रदेश में इसकी बिक्री जारी है, जिससे कई लोग अपनी जान गंवा चुके हैं।

उन्होंने चेतावनी दी कि मकर संक्रांति के अवसर पर पतंगबाजी की परंपरा के चलते इसकी मांग और बढ़ जाती है, जिससे हादसों की आशंका भी बढ़ जाती है। ऐसे में इस गंभीर विषय पर विनिश्चय किए जाने की उन्होंने मांग की।

एमएलसी पाठक ने नियम-115 के अंतर्गत सरकार का ध्यान आकर्षित करते हुए कहा कि मुख्यमंत्री शहरी विस्तारीकरण/नए शहर प्रोत्साहन योजना के तहत प्रदेश के कई जनपदों, लखनऊ, बरेली, मुरादाबाद, गोरखपुर में नई आवासीय योजनाएं संचालित की जा रही हैं, जो सराहनीय है।

उन्होंने कहा कि बेहतर रोड कनेक्टिविटी और राष्ट्रीय राजमार्गों के जंक्शन के कारण आजमगढ़ तेजी से आर्थिक और व्यावसायिक केंद्र के रूप में उभर रहा है। 10 लाख से अधिक नगरीय व अर्धनगरीय आबादी, विश्वविद्यालय और राजकीय मेडिकल कॉलेज जैसे संस्थानों के बावजूद आजमगढ़ में अब तक कोई सुनियोजित आवासीय योजना संचालित नहीं हो पाई है।

एमएलसी ने मांग की कि आजमगढ़ में शहरीकरण को बढ़ावा देने और बढ़ती आवासीय जरूरतों को पूरा करने के लिए मुख्यमंत्री शहरी विस्तारीकरण/नए शहर प्रोत्साहन योजना के तहत जल्द ही आवासीय परियोजना शुरू की जाए, ताकि जनपद का संतुलित और नियोजित विकास सुनिश्चित हो सके।

--- राष्ट्र प्रेस

विकेटी/एएमटी

संपादकीय दृष्टिकोण

जो समाज के विभिन्न पहलुओं को ध्यान में रखती हैं।
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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

आजमगढ़ में आवासीय योजनाएं क्यों आवश्यक हैं?
आजमगढ़ की बढ़ती जनसंख्या और विकास के कारण सुनियोजित आवासीय योजनाओं की आवश्यकता है।
राष्ट्र प्रेस
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