वर्धा सड़क हादसा: समृद्धि हाईवे पर कार-ट्रक टक्कर में 6 की जलकर मौत, उपमुख्यमंत्री सुनेत्रा पवार ने जताया दुख
सारांश
मुख्य बातें
महाराष्ट्र के वर्धा जिले में 20 जुलाई 2025 को समृद्धि राजमार्ग पर विरुल गांव के निकट एक भीषण सड़क हादसे में 6 लोगों की जलकर मौत हो गई, जब एक कार और ट्रक के बीच जोरदार टक्कर के बाद ट्रक में आग भड़क उठी। इस दर्दनाक हादसे पर महाराष्ट्र की उपमुख्यमंत्री सुनेत्रा पवार ने एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर पोस्ट कर गहरी संवेदनाएँ व्यक्त की हैं।
हादसे का घटनाक्रम
प्राप्त जानकारी के अनुसार, समृद्धि राजमार्ग पर कार और ट्रक की आमने-सामने टक्कर के बाद ट्रक में आग लग गई। ट्रक में सवार 2 लोगों की मौत आग की चपेट में आने से हुई, जबकि कार में सवार 4 लोग जलते हुए ट्रक के नीचे दबकर काल के गाल में समा गए। हादसा इतना भयावह था कि शवों को बाहर निकालने के लिए कार को काटना पड़ा।
पीड़ितों की पहचान
कार में सवार चारों लोग वर्धा जिले के एक गांव के निवासी बताए जा रहे हैं। पीड़ितों में जुड़वां बहनें भी शामिल थीं, जो पुणे में दाखिले की प्रक्रिया पूरी करके वापस लौट रही थीं। इस खबर ने पूरे इलाके को शोक में डुबो दिया है।
प्रशासन की प्रतिक्रिया
हादसे की सूचना मिलते ही पुलिस और फायर ब्रिगेड की टीमें तत्काल मौके पर पहुँचीं और राहत एवं बचाव कार्य शुरू किया। उपमुख्यमंत्री सुनेत्रा पवार ने एक्स पर लिखा, 'वर्धा जिले के विरुल गांव के पास समृद्धि राजमार्ग पर घटी भयावह दुर्घटना अत्यंत हृदयविदारक है। इस दुर्घटना में निर्दोष नागरिकों की जान चली गई, जिससे गहरा सदमा लगा है।'
उन्होंने आगे कहा कि 'राज्य सरकार प्रभावित परिवारों को हर संभव सहायता प्रदान करने और घायलों को आवश्यक उपचार दिलाने के लिए प्रतिबद्ध है।'
समृद्धि हाईवे पर बढ़ते हादसे
यह ऐसे समय में आया है जब समृद्धि राजमार्ग — जिसे हिंदू हृदयसम्राट बालासाहेब ठाकरे महाराष्ट्र समृद्धि महामार्ग के नाम से जाना जाता है — पर दुर्घटनाओं की संख्या को लेकर पहले से चिंताएँ जताई जाती रही हैं। गौरतलब है कि उच्च गति वाले इस राजमार्ग पर पिछले कुछ वर्षों में कई बड़े हादसे हो चुके हैं, जिसने सड़क सुरक्षा उपायों पर सवाल खड़े किए हैं।
आगे क्या
पुलिस ने मामला दर्ज कर जाँच शुरू कर दी है। राज्य सरकार ने पीड़ित परिवारों को हरसंभव मदद का आश्वासन दिया है। इस हादसे के बाद समृद्धि राजमार्ग पर सुरक्षा मानकों की समीक्षा की माँग एक बार फिर उठने की संभावना है।