योगी आदित्यनाथ की कांग्रेस को चेतावनी: अराजकता बंद करो, वरना बचा राजनीतिक अस्तित्व भी खत्म होगा
सारांश
मुख्य बातें
उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने 12 अक्टूबर 2026 को लखनऊ में मीडिया से बातचीत के दौरान कांग्रेस पर तीखा हमला बोला और उसे देश में अराजकता फैलाने का पर्याय करार दिया। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में चेताया कि यदि कांग्रेस ने अपनी राजनीतिक विफलताओं को छिपाने के लिए अव्यवस्था का रास्ता नहीं छोड़ा, तो जनता उसका जो राजनीतिक अस्तित्व बचा है, उसे भी समाप्त कर देगी।
मुख्यमंत्री का सीधा प्रहार
मुख्यमंत्री योगी ने कहा कि देश की सबसे पुरानी राजनीतिक पार्टी अपनी गलतियों से सबक लेने के बजाय लोकतंत्र और संवैधानिक संस्थाओं को कठघरे में खड़ा कर रही है। उनके अनुसार, कांग्रेस ने गैर-जिम्मेदार राजनीतिक आचरण से देश में भीतर पहचान का संकट पैदा किया और फिर भ्रष्ट आचरण के कारण जनता का विश्वास खो दिया। उन्होंने कहा कि इसके बावजूद कांग्रेस और उसके सहयोगी दलों के रवैये में कोई बदलाव नहीं आया है।
उत्तर प्रदेश से लेकर राष्ट्रीय स्तर तक का संदर्भ
योगी आदित्यनाथ ने कांग्रेस के सिमटते जनाधार का जिक्र करते हुए कहा कि उत्तर प्रदेश की जनता ने 41 वर्ष पहले, यानी 1985 के बाद से, कांग्रेस को सत्ता से दूर रखा है। उन्होंने तर्क दिया कि देश के अन्य राज्यों में भी एक-एक कर जनता का कांग्रेस से मोहभंग होता गया, फिर भी पार्टी नेतृत्व इस अस्वीकृति के कारणों पर आत्मचिंतन करने को तैयार नहीं है। यह ऐसे समय में आया है जब कांग्रेस राष्ट्रीय स्तर पर अपनी प्रासंगिकता बहाल करने के लिए संघर्ष कर रही है।
दिल्ली की अव्यवस्था पर निशाना
मुख्यमंत्री ने कहा कि पिछले कई दिनों से दिल्ली में कांग्रेस लगातार अव्यवस्था पैदा कर रही है, आम नागरिकों को परेशान किया जा रहा है और संवैधानिक संस्थाओं की विश्वसनीयता पर सवाल उठाए जा रहे हैं। योगी के अनुसार, लोकतंत्र में असहमति और विरोध की जगह है, लेकिन उसके नाम पर जनता को परेशान करना और संवैधानिक संस्थाओं को निशाना बनाना किसी भी स्थिति में स्वीकार्य नहीं हो सकता।
ईवीएम और न्यायपालिका पर दोहरे रवैये का आरोप
योगी आदित्यनाथ ने कांग्रेस के दोहरे रवैये की आलोचना करते हुए कहा कि जब चुनाव में जीत मिलती है तो वह अपना पुरुषार्थ बताती है, और जब हार होती है तो ईवीएम तथा चुनाव आयोग को दोषी ठहराया जाता है। उन्होंने आगे कहा कि न्यायालय के मेरिट-आधारित फैसले पर भी न्यायपालिका को कटघरे में खड़ा करने और धमकाने का प्रयास किया जाता है। गौरतलब है कि यह आरोप ऐसे समय में आए हैं जब विभिन्न संवैधानिक संस्थाओं की स्वतंत्रता को लेकर राष्ट्रीय बहस जारी है।
नेतृत्व बदलाव और आगे की राह
मुख्यमंत्री योगी ने कांग्रेस कार्यकर्ताओं और नेताओं को सलाह दी कि वे अपने नेतृत्व की अकर्मण्यता और भ्रष्ट आचरण पर विचार करें। उनका कहना था कि जिस नेतृत्व पर जनता का विश्वास नहीं रहा, उसे बदलने की जरूरत है। उन्होंने जोर दिया कि कांग्रेस को अराजकता छोड़कर मुद्दों और मेरिट के आधार पर चर्चा करनी चाहिए, क्योंकि यही देश के लोकतंत्र और जनता के हित में होगा।