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यूपी में फिर भाजपा सरकार बनेगी, इमरजेंसी लोकतंत्र का काला अध्याय: अभिजात मिश्रा

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यूपी में फिर भाजपा सरकार बनेगी, इमरजेंसी लोकतंत्र का काला अध्याय: अभिजात मिश्रा

सारांश

यूपी भाजपा के नए महासचिव अभिजात मिश्रा का दावा — प्रदेश में फिर बनेगी भाजपा सरकार। साथ ही उन्होंने 1975 की इमरजेंसी को लोकतंत्र का काला अध्याय बताया और सपा की पीडीए रणनीति को 'जाति की राजनीति' करार दिया।

मुख्य बातें

अभिजात मिश्रा को उत्तर प्रदेश भाजपा की नई संगठनात्मक टीम में महासचिव नियुक्त किया गया है।
मिश्रा ने दावा किया कि उत्तर प्रदेश में आगामी विधानसभा चुनाव में भाजपा की सरकार फिर बनेगी।
उन्होंने 1975 की इमरजेंसी को भारतीय लोकतंत्र का काला अध्याय बताया और युवाओं को इससे अवगत कराने की बात कही।
अखिलेश यादव की पीडीए (PDA) रणनीति को खारिज करते हुए कहा कि भाजपा 'सबका साथ, सबका विकास' के मंत्र पर चलती है।
सपा सांसदों के भाजपा में शामिल होने की अटकलों पर कहा — भाजपा चाहती है हर नागरिक उसकी विचारधारा से जुड़े।

उत्तर प्रदेश भारतीय जनता पार्टी (BJP) की नई संगठनात्मक टीम में महासचिव नियुक्त किए जाने के बाद अभिजात मिश्रा ने 25 जून को लखनऊ में पार्टी नेतृत्व के प्रति आभार व्यक्त किया। उन्होंने स्पष्ट किया कि संगठन की ओर से मिली जिम्मेदारी को पूरी निष्ठा और समर्पण के साथ निभाया जाएगा तथा आगामी विधानसभा चुनावों की तैयारी के मद्देनज़र पार्टी को बूथ स्तर तक सुदृढ़ किया जाएगा।

चुनावी तैयारी और संगठन विस्तार

मिश्रा ने कहा कि उत्तर प्रदेश में चुनावी तैयारियाँ तेज़ गति से आगे बढ़ाई जाएंगी। उन्होंने दावा किया, 'प्रदेश में एक बार फिर भाजपा की सरकार बनेगी।' उनके अनुसार पार्टी का लक्ष्य केवल चुनाव जीतना नहीं, बल्कि अपनी नीतियों और विकास कार्यों को जनता तक और अधिक प्रभावी ढंग से पहुँचाना है। पार्टी कार्यकर्ताओं के सहयोग से संगठन को जमीनी स्तर पर और मज़बूत करने की योजना है।

पीडीए रणनीति पर भाजपा का पलटवार

समाजवादी पार्टी (SP) प्रमुख अखिलेश यादव की पिछड़ा, दलित और अल्पसंख्यक (PDA) रणनीति पर प्रतिक्रिया देते हुए मिश्रा ने कहा कि भाजपा किसी एक जाति, वर्ग या समुदाय की राजनीति नहीं करती। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 'सबका साथ, सबका विकास' के मंत्र का हवाला देते हुए कहा कि पार्टी सभी वर्गों को साथ लेकर चलने में विश्वास रखती है। उन्होंने कहा, 'हमारे लिए देश का हर नागरिक सम्मान के योग्य है।'

इमरजेंसी: लोकतंत्र का काला अध्याय

कांग्रेस द्वारा लगाए गए 1975 के आपातकाल की बरसी को भाजपा द्वारा 'ब्लैक डे' के रूप में मनाए जाने के प्रश्न पर मिश्रा ने कहा कि वह आपातकाल भारतीय लोकतंत्र के इतिहास का काला अध्याय था। उस दौर में संविधान और लोकतांत्रिक संस्थाओं को कमज़ोर किया गया तथा सरकार के विरोध में आवाज़ उठाने वाले पत्रकारों और राजनीतिक नेताओं को जेल भेजा गया। उन्होंने कहा कि आज की युवा पीढ़ी को उस दौर की घटनाओं से अवगत कराना ज़रूरी है।

मिश्रा ने जोड़ा कि इसी उद्देश्य से भाजपा हर वर्ष इस विषय को विशेष रूप से युवाओं के बीच ले जाती है, ताकि लोकतांत्रिक अधिकारों के महत्व को नई पीढ़ी समझ सके।

सपा में टूट की अटकलों पर प्रतिक्रिया

समाजवादी पार्टी के कुछ सांसदों के भाजपा में शामिल होने की चर्चाओं पर मिश्रा ने कहा कि भाजपा करोड़ों कार्यकर्ताओं और देशवासियों की पार्टी है। उन्होंने कहा कि पार्टी की इच्छा है कि देश का हर नागरिक भाजपा की विचारधारा से जुड़े और राष्ट्र निर्माण में योगदान दे। उन्होंने अधिक से अधिक लोगों को पार्टी की विचारधारा अपनाने का आह्वान किया।

आगे क्या

उत्तर प्रदेश में अगले विधानसभा चुनाव से पहले भाजपा के नए संगठनात्मक ढाँचे की यह सक्रियता पार्टी की रणनीतिक तैयारी का संकेत है। अभिजात मिश्रा जैसे नए चेहरों को महत्वपूर्ण जिम्मेदारी देकर पार्टी जमीनी संगठन को नई ऊर्जा देने की कोशिश में है।

संपादकीय दृष्टिकोण

जहाँ सपा की पीडीए गोलबंदी ने 2024 के लोकसभा चुनाव में भाजपा को यूपी में उल्लेखनीय नुकसान पहुँचाया था। इमरजेंसी को 'काला दिन' बताना भाजपा का वार्षिक राजनीतिक कथा-निर्माण है, जो कांग्रेस को रक्षात्मक स्थिति में रखता है — लेकिन आलोचकों का कहना है कि यह मुद्दा महंगाई, बेरोज़गारी और किसान समस्याओं जैसे ज़मीनी सवालों से ध्यान हटाने का भी काम करता है। संगठनात्मक फेरबदल और आक्रामक बयानबाज़ी के बावजूद, यूपी में 2027 का रास्ता भाजपा के लिए 2022 जितना सरल नहीं दिखता।
RashtraPress
26 जून 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

अभिजात मिश्रा को यूपी भाजपा में क्या जिम्मेदारी मिली है?
अभिजात मिश्रा को उत्तर प्रदेश भाजपा की नई संगठनात्मक टीम में महासचिव नियुक्त किया गया है। उन्होंने 25 जून को लखनऊ में पार्टी नेतृत्व के प्रति आभार जताते हुए कहा कि इस जिम्मेदारी को पूरी निष्ठा से निभाएंगे।
अभिजात मिश्रा ने यूपी चुनाव को लेकर क्या दावा किया?
मिश्रा ने कहा कि उत्तर प्रदेश में आगामी विधानसभा चुनाव में एक बार फिर भाजपा की सरकार बनेगी। उन्होंने बूथ स्तर तक संगठन को मज़बूत करने और जनता तक पार्टी की नीतियाँ पहुँचाने की योजना का ज़िक्र किया।
भाजपा 1975 की इमरजेंसी को 'ब्लैक डे' क्यों मनाती है?
भाजपा के अनुसार 1975 में लगाया गया आपातकाल भारतीय लोकतंत्र का काला अध्याय था, जिसमें संविधान, लोकतांत्रिक संस्थाओं को कमज़ोर किया गया और पत्रकारों व विपक्षी नेताओं को जेल भेजा गया। मिश्रा ने कहा कि युवा पीढ़ी को इन घटनाओं से अवगत कराने के लिए पार्टी हर वर्ष यह दिन मनाती है।
सपा की पीडीए रणनीति पर भाजपा का क्या रुख है?
मिश्रा ने सपा प्रमुख अखिलेश यादव की पीडीए (पिछड़ा, दलित और अल्पसंख्यक) रणनीति को 'जाति-आधारित राजनीति' बताते हुए खारिज किया। उन्होंने कहा कि भाजपा प्रधानमंत्री मोदी के 'सबका साथ, सबका विकास' के मंत्र पर चलती है और किसी विशेष जाति या समुदाय तक सीमित नहीं है।
सपा सांसदों के भाजपा में शामिल होने की चर्चाओं पर मिश्रा ने क्या कहा?
मिश्रा ने सीधे तौर पर इन अटकलों की पुष्टि या खंडन नहीं किया। उन्होंने कहा कि भाजपा करोड़ों कार्यकर्ताओं की पार्टी है और चाहती है कि देश का हर नागरिक उसकी विचारधारा से जुड़कर राष्ट्र निर्माण में योगदान दे।
राष्ट्र प्रेस
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