सीएम योगी का बयान: जो मुकाबला नहीं कर पाए, वे अफवाहों से फैला रहे हैं अव्यवस्था
सारांश
Key Takeaways
- सीएम योगी ने कहा कि अफवाहें फैलाने वाले लोग जनता का विश्वास खो चुके हैं।
- ‘एक भारत-श्रेष्ठ भारत’ के निर्माण की आवश्यकता है।
- हमें मिलकर कार्य करना है और अव्यवस्था को नहीं फैलने देना है।
- भारत विकास की नई ऊंचाइयों को छू रहा है।
कैथल/लखनऊ, १४ मार्च (राष्ट्र प्रेस)। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि जनता ने जिन लोगों को बाहर का रास्ता दिखा दिया है, जिन्होंने जनता का विश्वास खो दिया है, वे अब अफवाहों और अराजकता के माध्यम से अव्यवस्था फैलाने का प्रयास कर रहे हैं। ऐसे में हमें एकजुट होकर कार्य करना होगा और अव्यवस्था व अराजकता को फैलने से रोकना है। हमें ‘एक भारत-श्रेष्ठ भारत’ के निर्माण में मजबूती से कार्य करना है, क्योंकि जब देश सुरक्षित है, तब सनातन भी सुरक्षित है, और जब सनातन सुरक्षित है, तो देश भी सुरक्षित रहेगा। दोनों को अलग नहीं किया जा सकता।
सीएम योगी ने वर्तमान वैश्विक परिदृश्य का उल्लेख करते हुए कहा कि खाड़ी देशों में युद्ध चल रहा है, जिससे वैश्विक अर्थव्यवस्था प्रभावित होगी, लेकिन भारत किसानों की मेहनत और देश के यशस्वी नेतृत्व के मार्गदर्शन में विकास की यात्रा को आगे बढ़ा रहा है। १४५ करोड़ भारतीय एकजुट होकर नेतृत्व पर विश्वास जता रहे हैं और कह रहे हैं कि जो भी आदेश देश के नेतृत्व का होगा, हम सब उसका पालन करेंगे। जब दुनिया अराजकता से त्रस्त है, तब भारत मजबूती के साथ विकास की नई ऊंचाइयों को छू रहा है।
सीएम योगी आदित्यनाथ ने शनिवार को बाबा मुकुट नाथ मठ, सौंगल गांव में ब्रह्मलीन श्री महंत पीर गणेश नाथ जी का आठमान भंडारा, देशमेल और शंखाढाल कार्यक्रम में भाग लिया। उन्होंने पूजा-अर्चना की और ब्रह्मलीन संतों के प्रति श्रद्धांजलि अर्पित की। सीएम योगी ने सफल आयोजन के लिए सौंगल के पीर शेरनाथ जी महाराज को शुभकामनाएं दीं। इस अवसर पर शेरनाथ जी को पीर की उपाधि भी दी गई।
उन्होंने कहा कि हमारा कर्तव्य है कि जो लोग देशहित में कार्य कर रहे हैं, उन्हें समर्थन दें और जो लोग देशविरोधी आचरण कर रहे हैं, उन्हें नकारें और बाहर का रास्ता दिखाएं। भारत का हर सनातन धर्मावलंबी चाहता था कि अयोध्या में राम मंदिर का निर्माण हो, क्योंकि राम सनातन का प्रतीक और भारत के आधार स्तंभ हैं। ५०० वर्ष पूर्व विदेशी आक्रांता ने रामजन्मभूमि पर मंदिर का अपमान किया था। वर्षों तक हिंदू संघर्ष करता रहा लेकिन कोई सुनने वाला नहीं था।
सीएम योगी ने कहा कि जब नरेंद्र मोदी प्रधानमंत्री बने, तब अयोध्या में रामलला के भव्य मंदिर के निर्माण की प्रक्रिया को नई ऊंचाई मिली। आज अयोध्या में दुनिया का सबसे भव्य मंदिर तैयार हो चुका है। आजादी के बाद कई सरकारें बनीं, लेकिन किसी ने आस्था के बारे में नहीं सोचा। जब केंद्र और प्रदेश में एक समान सरकार बनी, तब राम मंदिर का निर्माण संभव हुआ और यूपी तथा देशवासियों को सुरक्षा की गारंटी मिली।
सीएम योगी ने कहा कि काशीसनातन और देश के प्रति अन्याय किया, उन्हें जनता ने अविश्वास का प्रतीक बना दिया और भारतीय जनता पार्टी तथा मोदी जी के नेतृत्व में विश्वास जताया।
सीएम योगी ने विपक्षी दलों पर निशाना साधते हुए कहा कि जिन लोगों ने विश्वास खो दिया है, वे भारत की संवैधानिक संस्थाओं पर अविश्वास जता रहे हैं। जब वे जीतते हैं, तो उनकी उपलब्धियां होती हैं और हारने पर संवैधानिक संस्थाओं पर उंगली उठाते हैं। 'कड़वा-कड़वा थू और मीठा-मीठा गप' नहीं चलेगा। जो लोग सनातन विरोधी आचरण कर रहे हैं, उन्हें जनता स्वीकार नहीं करेगी। भारत की आन, बान, शान से खेलने की इजाजत किसी को नहीं दी जाएगी।
सीएम योगी ने कहा कि हमें अपनी कमियों पर भी ध्यान देना चाहिए। दुश्मन हमारी कमजोरियों को देखना चाहता है। पाकिस्तान भारत में नशे को बढ़ावा देने का प्रयास कर रहा है। सीएम ने धर्मसभा में आह्वान किया कि युवा पीढ़ी और समाज को जागरूक करें, नशे के खिलाफ अभियान चलाएं, नशा नाश का कारण है, इसलिए नशे के खिलाफ किया गया कार्य देश की सेवा है। नशे के सौदागर देश के दुश्मन हैं और उन्हें पनपने नहीं देना चाहिए। भारत की युवा पीढ़ी ऊर्जा से परिपूर्ण है और जब भी उसे अवसर मिला, उसने देश-दुनिया में अपनी प्रतिभा का लोहा मनवाया है। नशे के सौदागरों को युवा पीढ़ी के साथ खिलवाड़ करने की छूट नहीं दी जानी चाहिए। धर्मसभाओं के माध्यम से आमजन को जागरूक करना चाहिए।
मुख्यमंत्री ने कहा कि शेरनाथ जी महाराज ने सभी के सहयोग से गुरु महंत गणेश नाथ जी के प्रति कृतज्ञता व्यक्त करते हुए इस आयोजन का साहसिक निर्णय लिया। कई दशकों के बाद सौंगल में संतों-योगेश्वरों और भक्तों का इतना बड़ा जमावड़ा हुआ। इस भूमि ने हर युग में अपने प्रभाव का प्रदर्शन किया है। यहां की उपस्थिति बताती है कि सनातन की ध्वज पताका संतों के सानिध्य में हमेशा ऊंची रहेगी। सनातनी जीते जी सम्मान देते हैं और जिनका भौतिक रूप से अस्तित्व नहीं है, उनके प्रति कृतज्ञता ज्ञापित करने के लिए ऐसे आयोजन करते हैं।
सीएम योगी ने सिकंदर के अहंकार के पतन और सिद्ध योगी के व्यक्तित्व पर भी प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि भारत की सिद्ध संतों और संन्यासियों की परंपरा ने सदैव सदाचार, कर्तव्य और राष्ट्र के प्रति समर्पण के भाव को सर्वोच्च मान्यता दी। समाज और राष्ट्र के लिए खुद को समर्पित किया, इसलिए भारत के संन्यासियों के प्रति सभी के मन में आदर का भाव रहता है। यही आदर का भाव जीवन की ताकत है। श्रद्धा और समर्पण का भाव हमें विनम्र और संस्कारित बनाता है।
उन्होंने कहा कि पंजाब-हरियाणा वीर-भक्ति की भूमि रही है। इस भूमि ने सिद्ध संतों-योगेश्वरों की लंबी परंपरा को आगे बढ़ाया है। उस परंपरा ने सुरक्षा का ऐसा अभेद्य दुर्ग खड़ा किया है कि कोई विदेशी आक्रांता आसानी से भारत में प्रवेश नहीं कर पाया। संत शक्ति जागरूक हो और धर्म व सत्य के मार्ग पर चलते हुए राष्ट्र चेतना को जागरूक करती रहे, तो कोई ताकत भारत और सनातन धर्मावलंबियों का बाल-बांका नहीं कर सकती है।
सीएम योगी ने कहा कि धर्मस्थल केवल पूजा का स्थान और आस्था के केंद्र नहीं हैं, बल्कि ये राष्ट्र की चेतना के भी केंद्र हैं। यह आस्था के साथ समरसता के केंद्र बनें। हर व्यक्ति को आस्था को प्रकट करने की स्वतंत्रता मिलनी चाहिए। जब जाति, आपसी मतभेद और एक-दूसरे को नीचा दिखाने की प्रवृत्तियाँ हावी हो रही थीं, तब देश कमजोर हुआ। विदेशी आक्रांताओं ने धर्मस्थलों को नष्ट किया और बहन-बेटियों की इज्जत से खिलवाड़ किया। आज देश स्वतंत्र है। हम सभी को नए भारत पर गर्व का अनुभव करना चाहिए। भारत दुनिया की सबसे बड़ी ताकत बनने की ओर बढ़ रहा है। आज इतनी बड़ी धर्मसभा में हम सभी एकजुट होकर सुरक्षित वातावरण में कार्य कर रहे हैं। सीएम ने सनातन की ताकत का जिक्र करते हुए कहा कि शासन-प्रशासन के सहयोग के बिना ही गांव के लोग बड़े से बड़े आयोजन कर रहे हैं। हम सौंगल (कैथल) में इतना बड़ा आयोजन कर रहे हैं, जो दुनिया में अन्य कहीं संभव नहीं हो सकता।
इस अवसर पर आयोजक महंत शेरनाथ जी महाराज ने अतिथियों का स्वागत किया। कार्यक्रम में महंत पीर बाबा बालकनाथ (विधायक), महंत राजनाथ जी महाराज, महंत हरिनाथ जी महाराज, महंत पूर्णनाथ जी महाराज, महंत लहरनाथ जी महाराज, महंत जिताई नाथ जी महाराज, महंत कृष्णनाथ जी महाराज, महंत समुद्रनाथ जी महाराज और भाजपा के पूर्व जिलाध्यक्ष अशोक गुर्जर आदि उपस्थित रहे।