शेयर बाजार ने युद्ध विराम के बाद दिखाई शानदार वृद्धि, मार्केट कैप में 17 लाख करोड़ का इजाफा
सारांश
Key Takeaways
- शेयर बाजार में युद्ध विराम के बाद बड़ी तेजी आई।
- सेंसेक्स 2,946.32 अंक और निफ्टी 873.70 अंक बढ़ा।
- मार्केट कैप लगभग 17 लाख करोड़ रुपए बढ़ा।
- कोई भी सूचकांक लाल निशान में नहीं बंद हुआ।
- कच्चे तेल की कीमतों में भी गिरावट आई है।
मुंबई, 8 अप्रैल (राष्ट्र प्रेस)। भारतीय शेयर बाजार में बुधवार के कारोबारी सत्र के दौरान उत्साहजनक तेजी का अनुभव हुआ। दिन के अंत में, सेंसेक्स 2,946.32 अंक या 3.95 प्रतिशत की बढ़त के साथ 77,563.90 और निफ्टी 873.70 अंक या 3.78 प्रतिशत की वृद्धि के साथ 23,997.35 पर पहुँच गया।
इस दिन बाजार में चौतरफा तेजी देखी गई, जिसमें रियल्टी और ऑटो स्टॉक्स ने प्रमुख भूमिका निभाई। निफ्टी रियल्टी (6.75 प्रतिशत) और निफ्टी ऑटो (6.69 प्रतिशत) सबसे बड़े लाभार्थी रहे। अन्य प्रमुख क्षेत्रों में निफ्टी प्राइवेट बैंक (5.56 प्रतिशत), निफ्टी फाइनेंशियल सर्विस (5.54 प्रतिशत), निफ्टी पीएसयू बैंक (5.46 प्रतिशत), निफ्टी कंज्यूमर ड्यूरबेल्स (5.23 प्रतिशत) और निफ्टी इन्फ्रा (4.13 प्रतिशत) शामिल थे।
कोई भी सूचकांक लाल निशान में बंद नहीं हुआ।
लार्जकैप के साथ-साथ मिडकैप और स्मॉलकैप में भी महत्वपूर्ण बढ़त देखी गई। निफ्टी मिडकैप 100 इंडेक्स 2,198.95 अंक या 4.03 प्रतिशत की वृद्धि के साथ 56,799.50 पर और निफ्टी स्मॉलकैप 100 इंडेक्स 694.75 अंक या 4.39 प्रतिशत की बढ़त के साथ 16,538.05 पर था।
सेंसेक्स पैक में इंडिगो, एलएंडटी, बजाज फाइनेंस, एमएंडएम, एक्सिस बैंक, मारुति सुजुकी, अल्ट्राटेक सीमेंट, टाइटन, बजाज फिनसर्व, एचडीएफसी बैंक, अदाणी पोर्ट्स, आईसीआईसीआई बैंक, कोटक महिंद्रा बैंक, एशियन पेंट्स, टाटा स्टील और एसबीआई प्रमुख लाभार्थी रहे। केवल टेक महिंद्रा, सन फार्मा और पावर ग्रिड ही लाल निशान में बंद हुए।
बाजार में इस तेजी के कारण, बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज (बीएसई) पर सूचीबद्ध सभी कंपनियों का मार्केट कैप लगभग 17 लाख करोड़ रुपए बढ़कर लगभग 446 लाख करोड़ रुपए हो गया है, जो पहले 429 लाख करोड़ रुपए था।
वेंचुरा के रिसर्च हेड विनीत बोलिंजकर का कहना है कि अमेरिका-ईरान के बीच युद्ध विराम से जोखिम में सुधार आया है, जिससे कच्चे तेल की कीमतों में भी गिरावट आई है।
उन्होंने यह भी कहा कि निवेशकों को अपने पोर्टफोलियो में उन लार्जकैप कंपनियों को शामिल करना चाहिए, जिनकी आय मजबूत है।
युद्ध विराम की घोषणा के बाद कच्चे तेल की कीमत में गिरावट आई है और ब्रेंट क्रूड का दाम लगभग 14 प्रतिशत कम होकर 94 डॉलर प्रति बैरल हो गया है।