क्या एआई मेडिकल क्षेत्र में रिसर्च को बढ़ावा देगा?
सारांश
Key Takeaways
- एआई मेडिकल रिसर्च में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।
- समय की बचत और उत्पादकता में वृद्धि संभव है।
- सरकार एआई के लिए नीतियां बना रही है।
- मध्य प्रदेश में एआई के उपयोग की कई संभावनाएं हैं।
- प्रधानमंत्री मोदी का विजन एआई को विकसित भारत में शामिल करने का है।
भोपाल, 15 जनवरी (राष्ट्र प्रेस)। आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) भविष्य में मेडिकल क्षेत्र में रिसर्च को प्रगति देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। इससे न केवल समय की बचत होगी, बल्कि उत्पादकता में भी वृद्धि होगी। यह जानकारी एक वरिष्ठ अधिकारी ने गुरुवार को साझा की।
रीजनल एआई इंपैक्ट कॉन्फ्रेंस के दौरान मध्य प्रदेश सरकार में डिप्टी सेक्रेटरी डीके नागेंद्र ने बताया कि वर्तमान में एआई का उपयोग हर क्षेत्र में तेजी से बढ़ रहा है। सरकार इसके लिए उपयुक्त नीतियां बना रही है, और यह आने वाले समय में अन्य क्षेत्रों के साथ-साथ मेडिकल रिसर्च में भी महत्वपूर्ण योगदान देगा। इससे न केवल समय की बचत होगी, बल्कि उत्पादकता में भी वृद्धि संभव है।
कार्यक्रम में मध्य प्रदेश सरकार के चीफ सेक्रेटरी अनुराग जैन ने कहा कि हमारे देश की समृद्धि के लिए एआई अत्यंत आवश्यक है। जब एआई का उपयोग होता है, तो उत्पादकता में सुधार होता है और समय की बचत होती है।
उन्होंने कहा कि हमें विकसित भारत के सपने को साकार करने के लिए 8-9 प्रतिशत की वृद्धि दर प्राप्त करनी होगी, जिसमें एआई की भूमिका महत्वपूर्ण होगी।
कार्यक्रम में डॉ. मोहन यादव ने बताया कि राज्य सरकार एआई को नागरिक-केंद्रित, पारदर्शी और कुशल शासन के रूप में स्थापित करने के लिए ठोस कदम उठा रही है। एआई आधारित प्रशासनिक व्यवस्था, तकनीकी नवाचार, और शैक्षणिक क्षेत्र में एआई योगदान विकसित भारत 2047 के लक्ष्य को प्राप्त करने में सहायक होंगे। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी हर क्षेत्र में भारत को आगे बढ़ाने के लिए प्रयासरत हैं।
उन्होंने बताया कि प्रदेश के माइनिंग और हेल्थ सेक्टर में एआई के उपयोग की संभावनाएं काफी अधिक हैं। मध्यप्रदेश में विकास की असीम संभावनाएं हैं, और हमारी सरकार प्रधानमंत्री मोदी के विजन के अनुरूप हर कदम पर कार्य कर रही है।