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एप्पल इंडिया की आय वित्त वर्ष 2026 में पहली बार ₹1 लाख करोड़ पार, मुनाफा 66% उछला

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एप्पल इंडिया की आय वित्त वर्ष 2026 में पहली बार ₹1 लाख करोड़ पार, मुनाफा 66% उछला

सारांश

एप्पल इंडिया ने वित्त वर्ष 2026 में ₹1 लाख करोड़ की आय का ऐतिहासिक आँकड़ा पार किया — और वह भी तब, जब समग्र बाज़ार की वृद्धि महज 2% रही। आईफोन बिक्री में 24% की छलाँग और 66% उछला मुनाफा बताता है कि भारत का प्रीमियम उपभोक्ता अब एप्पल की असली विकास इंजन है।

मुख्य बातें

एप्पल इंडिया की परिचालन आय वित्त वर्ष 2026 में पहली बार ₹1,03,853 करोड़ पर पहुँची, सालाना वृद्धि 31% ।
शुद्ध मुनाफा 66% बढ़कर ₹5,311 करोड़ हुआ, जो वित्त वर्ष 2025 में ₹3,196 करोड़ था।
आईफोन की बिक्री मात्रा में 24% की वृद्धि, जबकि पिछले वित्त वर्ष में यह 11% थी।
काउंटरपॉइंट रिसर्च के अनुसार, ₹30,000+ के प्रीमियम खंड में बिक्री 12% बढ़ी; समग्र बाज़ार वृद्धि केवल 2% ।
मोबाइल खंड में एप्पल इंडिया ( ₹1,03,853 करोड़ ) ने सैमसंग के मोबाइल कारोबार ( ₹81,472 करोड़ ) को पीछे छोड़ा।

एप्पल इंडिया प्राइवेट लिमिटेड की परिचालन आय मार्च 2026 में समाप्त वित्त वर्ष में पहली बार ₹1 लाख करोड़ के मनोवैज्ञानिक स्तर को पार कर गई है — और यह उपलब्धि तब हासिल हुई जब भारत के समग्र स्मार्टफोन बाज़ार की रफ़्तार अपेक्षाकृत धीमी रही। बिजनेस इंटेलिजेंस प्लेटफॉर्म ALTinfo द्वारा रजिस्ट्रार ऑफ कंपनीज (RoC) में दाखिल दस्तावेजों के आधार पर तैयार रिपोर्ट के मुताबिक, कंपनी की आय सालाना आधार पर 31 प्रतिशत बढ़कर ₹1,03,853 करोड़ रही, जो वित्त वर्ष 2025 में ₹79,060 करोड़ थी।

आय और मुनाफे की तस्वीर

वित्त वर्ष 2026 में 31 प्रतिशत की राजस्व वृद्धि, पिछले वित्त वर्ष में दर्ज 18 प्रतिशत की बढ़ोतरी से कहीं अधिक है — यानी विस्तार की गति में स्पष्ट तेज़ी आई है। इससे भी उल्लेखनीय प्रदर्शन मुनाफे का रहा: एप्पल इंडिया का शुद्ध मुनाफा 66 प्रतिशत की छलाँग लगाते हुए ₹5,311 करोड़ पर पहुँच गया, जो वित्त वर्ष 2025 में ₹3,196 करोड़ था। तुलना के लिए, वित्त वर्ष 2025 में मुनाफे में केवल 16 प्रतिशत की वृद्धि हुई थी।

प्रीमियम बाज़ार में एप्पल का दबदबा

यह मजबूत प्रदर्शन ऐसे समय में आया है जब भारत के समग्र स्मार्टफोन बाज़ार में काउंटरपॉइंट रिसर्च के आँकड़ों के अनुसार वित्त वर्ष 2026 में बिक्री की मात्रा के लिहाज़ से केवल 2 प्रतिशत और मूल्य के लिहाज़ से 9 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज हुई। गौरतलब है कि ₹30,000 से अधिक कीमत वाले प्रीमियम स्मार्टफोन खंड ने व्यापक बाज़ार को पीछे छोड़ते हुए बिक्री में 12 प्रतिशत की बढ़त हासिल की। एप्पल इस प्रीमियम लहर की सबसे बड़ी लाभार्थी रही — आईफोन की बिक्री की मात्रा में वित्त वर्ष 2026 में 24 प्रतिशत की वृद्धि हुई, जबकि एक वर्ष पहले यह 11 प्रतिशत थी।

सैमसंग से मुकाबला

ताज़ा आँकड़ों के साथ एप्पल इंडिया की आय, घरेलू बाज़ार में उसके प्रमुख प्रतिस्पर्धी सैमसंग इलेक्ट्रॉनिक्स इंडिया की आय के करीब आ गई है। सैमसंग इलेक्ट्रॉनिक्स इंडिया ने वित्त वर्ष 2026 में ₹1.12 लाख करोड़ की कुल आय दर्ज की, जो एप्पल इंडिया से थोड़ी अधिक है। हालाँकि, दोनों कंपनियों के आँकड़ों की सीधी तुलना उचित नहीं होगी, क्योंकि सैमसंग का कारोबार स्मार्टफोन से कहीं आगे — टेलीविजन, घरेलू उपकरण, दूरसंचार नेटवर्क उपकरण और निर्यात — तक फैला हुआ है। रिपोर्टों के अनुसार, वित्त वर्ष 2026 में सैमसंग के मोबाइल फोन कारोबार की आय 1.4 प्रतिशत घटकर ₹81,472 करोड़ रह गई — यानी मोबाइल खंड में एप्पल ने सैमसंग को पीछे छोड़ दिया है।

क्या होगा आगे

भारत में एप्पल की यह रफ़्तार ऐसे समय में आई है जब कंपनी देश में अपनी मैन्युफैक्चरिंग क्षमता का विस्तार कर रही है और घरेलू उत्पादन को बढ़ावा देने पर ज़ोर दे रही है। प्रीमियम उपभोक्ता खर्च में बढ़ोतरी और बढ़ते मध्यवर्ग की क्रय शक्ति को देखते हुए, विश्लेषकों का मानना है कि एप्पल इंडिया का विस्तार अगले कुछ वर्षों में भी जारी रह सकता है।

संपादकीय दृष्टिकोण

बल्कि भारत के उपभोक्ता बाज़ार की बदलती प्राथमिकताओं का प्रमाण है — जहाँ मात्रा की जगह मूल्य तेज़ी से केंद्र में आ रहा है। उल्लेखनीय यह है कि समग्र स्मार्टफोन बाज़ार की 2% वृद्धि के बावजूद एप्पल ने 31% राजस्व वृद्धि हासिल की — यानी बाज़ार हिस्सेदारी का स्पष्ट स्थानांतरण हो रहा है। सैमसंग के मोबाइल कारोबार में 1.4% की गिरावट और एप्पल की 24% आईफोन बिक्री वृद्धि यह संकेत देती है कि प्रीमियम खंड में दोनों के बीच की खाई और चौड़ी हो रही है। असली सवाल यह है कि क्या भारत में एप्पल की मैन्युफैक्चरिंग विस्तार की महत्वाकांक्षा इस व्यावसायिक गति को दीर्घकालिक बनाए रख सकती है।
RashtraPress
20 अक्टूबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

एप्पल इंडिया की वित्त वर्ष 2026 में आय कितनी रही?
एप्पल इंडिया की परिचालन आय वित्त वर्ष 2026 में सालाना आधार पर 31 प्रतिशत बढ़कर ₹1,03,853 करोड़ रही, जो वित्त वर्ष 2025 में ₹79,060 करोड़ थी। यह पहली बार है जब कंपनी ने ₹1 लाख करोड़ का आँकड़ा पार किया है।
एप्पल इंडिया का मुनाफा वित्त वर्ष 2026 में कितना बढ़ा?
एप्पल इंडिया का शुद्ध मुनाफा वित्त वर्ष 2026 में 66 प्रतिशत की छलाँग लगाकर ₹5,311 करोड़ हो गया, जबकि एक साल पहले यह ₹3,196 करोड़ था। वित्त वर्ष 2025 में मुनाफे में केवल 16 प्रतिशत की वृद्धि हुई थी।
भारत में आईफोन की बिक्री इतनी तेज़ी से क्यों बढ़ी?
काउंटरपॉइंट रिसर्च के अनुसार, भारत में ₹30,000 से अधिक कीमत वाले प्रीमियम स्मार्टफोन खंड में बिक्री 12 प्रतिशत बढ़ी, जो समग्र बाज़ार (2%) से कहीं अधिक है। इस प्रीमियम लहर का सबसे अधिक फायदा एप्पल को मिला और आईफोन की बिक्री मात्रा वित्त वर्ष 2026 में 24 प्रतिशत बढ़ी।
एप्पल इंडिया और सैमसंग इंडिया की आय की तुलना कैसी है?
सैमसंग इलेक्ट्रॉनिक्स इंडिया ने वित्त वर्ष 2026 में ₹1.12 लाख करोड़ की कुल आय दर्ज की, जो एप्पल से थोड़ी अधिक है। हालाँकि सैमसंग का कारोबार स्मार्टफोन से आगे TV, घरेलू उपकरण और नेटवर्क उपकरण तक फैला है; मोबाइल खंड में सैमसंग की आय 1.4 प्रतिशत घटकर ₹81,472 करोड़ रही, जो एप्पल इंडिया से कम है।
यह आँकड़े कहाँ से आए हैं?
ये आँकड़े एप्पल इंडिया द्वारा रजिस्ट्रार ऑफ कंपनीज (RoC) में दाखिल किए गए दस्तावेजों पर आधारित हैं, जिनका विश्लेषण बिजनेस इंटेलिजेंस प्लेटफॉर्म ALTinfo ने किया है। बाज़ार वृद्धि के आँकड़े काउंटरपॉइंट रिसर्च की रिपोर्ट से लिए गए हैं।
राष्ट्र प्रेस
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