एप्पल इंडिया की आय वित्त वर्ष 2026 में पहली बार ₹1 लाख करोड़ पार, मुनाफा 66% उछला
सारांश
मुख्य बातें
एप्पल इंडिया प्राइवेट लिमिटेड की परिचालन आय मार्च 2026 में समाप्त वित्त वर्ष में पहली बार ₹1 लाख करोड़ के मनोवैज्ञानिक स्तर को पार कर गई है — और यह उपलब्धि तब हासिल हुई जब भारत के समग्र स्मार्टफोन बाज़ार की रफ़्तार अपेक्षाकृत धीमी रही। बिजनेस इंटेलिजेंस प्लेटफॉर्म ALTinfo द्वारा रजिस्ट्रार ऑफ कंपनीज (RoC) में दाखिल दस्तावेजों के आधार पर तैयार रिपोर्ट के मुताबिक, कंपनी की आय सालाना आधार पर 31 प्रतिशत बढ़कर ₹1,03,853 करोड़ रही, जो वित्त वर्ष 2025 में ₹79,060 करोड़ थी।
आय और मुनाफे की तस्वीर
वित्त वर्ष 2026 में 31 प्रतिशत की राजस्व वृद्धि, पिछले वित्त वर्ष में दर्ज 18 प्रतिशत की बढ़ोतरी से कहीं अधिक है — यानी विस्तार की गति में स्पष्ट तेज़ी आई है। इससे भी उल्लेखनीय प्रदर्शन मुनाफे का रहा: एप्पल इंडिया का शुद्ध मुनाफा 66 प्रतिशत की छलाँग लगाते हुए ₹5,311 करोड़ पर पहुँच गया, जो वित्त वर्ष 2025 में ₹3,196 करोड़ था। तुलना के लिए, वित्त वर्ष 2025 में मुनाफे में केवल 16 प्रतिशत की वृद्धि हुई थी।
प्रीमियम बाज़ार में एप्पल का दबदबा
यह मजबूत प्रदर्शन ऐसे समय में आया है जब भारत के समग्र स्मार्टफोन बाज़ार में काउंटरपॉइंट रिसर्च के आँकड़ों के अनुसार वित्त वर्ष 2026 में बिक्री की मात्रा के लिहाज़ से केवल 2 प्रतिशत और मूल्य के लिहाज़ से 9 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज हुई। गौरतलब है कि ₹30,000 से अधिक कीमत वाले प्रीमियम स्मार्टफोन खंड ने व्यापक बाज़ार को पीछे छोड़ते हुए बिक्री में 12 प्रतिशत की बढ़त हासिल की। एप्पल इस प्रीमियम लहर की सबसे बड़ी लाभार्थी रही — आईफोन की बिक्री की मात्रा में वित्त वर्ष 2026 में 24 प्रतिशत की वृद्धि हुई, जबकि एक वर्ष पहले यह 11 प्रतिशत थी।
सैमसंग से मुकाबला
ताज़ा आँकड़ों के साथ एप्पल इंडिया की आय, घरेलू बाज़ार में उसके प्रमुख प्रतिस्पर्धी सैमसंग इलेक्ट्रॉनिक्स इंडिया की आय के करीब आ गई है। सैमसंग इलेक्ट्रॉनिक्स इंडिया ने वित्त वर्ष 2026 में ₹1.12 लाख करोड़ की कुल आय दर्ज की, जो एप्पल इंडिया से थोड़ी अधिक है। हालाँकि, दोनों कंपनियों के आँकड़ों की सीधी तुलना उचित नहीं होगी, क्योंकि सैमसंग का कारोबार स्मार्टफोन से कहीं आगे — टेलीविजन, घरेलू उपकरण, दूरसंचार नेटवर्क उपकरण और निर्यात — तक फैला हुआ है। रिपोर्टों के अनुसार, वित्त वर्ष 2026 में सैमसंग के मोबाइल फोन कारोबार की आय 1.4 प्रतिशत घटकर ₹81,472 करोड़ रह गई — यानी मोबाइल खंड में एप्पल ने सैमसंग को पीछे छोड़ दिया है।
क्या होगा आगे
भारत में एप्पल की यह रफ़्तार ऐसे समय में आई है जब कंपनी देश में अपनी मैन्युफैक्चरिंग क्षमता का विस्तार कर रही है और घरेलू उत्पादन को बढ़ावा देने पर ज़ोर दे रही है। प्रीमियम उपभोक्ता खर्च में बढ़ोतरी और बढ़ते मध्यवर्ग की क्रय शक्ति को देखते हुए, विश्लेषकों का मानना है कि एप्पल इंडिया का विस्तार अगले कुछ वर्षों में भी जारी रह सकता है।