एप्पल का भारत में उत्पादन 53% बढ़ा, ग्लोबल आईफोन प्रोडक्शन में हिस्सेदारी 25% से अधिक
सारांश
मुख्य बातें
नई दिल्ली, 10 मार्च (राष्ट्र प्रेस)। प्रमुख अमेरिकी तकनीकी कंपनी एप्पल ने 2025 में भारत में अपने उत्पादन में करीब 53 प्रतिशत की वृद्धि की है और इस दौरान लगभग 5.5 करोड़ यूनिट्स की असेंबली की है, जबकि पिछले वर्ष यह आंकड़ा 3.6 करोड़ यूनिट्स था। यह जानकारी विभिन्न रिपोर्टों में प्रकाशित हुई है।
ब्लूमबर्ग द्वारा जारी की गई रिपोर्ट के अनुसार, एप्पल अमेरिका में चीनी उत्पादों पर लगने वाले टैरिफ से बचने के लिए अपने लगभग एक चौथाई फ्लैगशिप उत्पादों का उत्पादन भारत में कर रहा है।
रिपोर्ट में यह भी बताया गया है कि एप्पल वैश्विक स्तर पर लगभग 22-23 करोड़ आईफोन का उत्पादन करता है, जिसमें भारत की हिस्सेदारी तेजी से बढ़ रही है। इसका मुख्य कारण सरकार द्वारा प्रोडक्शन लिंक्ड इंसेंटिव (पीएलआई) के तहत उपलब्ध कराए जाने वाले प्रोत्साहन हैं।
पीएलआई के तहत मिलने वाले प्रोत्साहन ने एप्पल को चीन की तुलना में कमजोर आपूर्ति श्रृंखलाओं और रसद संबंधी चुनौतियों जैसी संरचनात्मक लागत संबंधी खामियों को दूर करने में मदद की है।
एप्पल अब भारत में फॉक्सकॉन टेक्नोलॉजी ग्रुप, टाटा इलेक्ट्रॉनिक्स और पेगाट्रॉन कॉर्प जैसे आपूर्तिकर्ताओं के माध्यम से आईफोन 17 सीरीज के सभी मॉडल, जिनमें प्रो और प्रो मैक्स भी शामिल हैं, का निर्माण कर रही है। पुराने मॉडल जैसे आईफोन 15 और 16 को घरेलू बिक्री और निर्यात के लिए स्थानीय स्तर पर ही बनाया जा रहा है।
भारत में 9 अरब डॉलर से अधिक की बिक्री के बाद, एप्पल अपने रिटेल नेटवर्क का विस्तार कर रहा है और अब इसके छह स्टोर हो चुके हैं। इसके साथ ही, कंपनी इस वर्ष के अंत में भारत में एप्पल पे लॉन्च करने की योजना बना रही है।
इंडस्ट्री के आंकड़ों के अनुसार, 2025 में भारत से निर्यात होने वाली सबसे मूल्यवान वस्तु एप्पल का आईफोन बन गया है। इस दौरान देश में स्थित प्लांट्स से एप्पल ने लगभग 23 अरब डॉलर मूल्य के आईफोन का निर्यात किया, जिनमें से अधिकांश अमेरिका भेजे गए।
जनवरी से दिसंबर की अवधि में कुल 30.13 अरब डॉलर मूल्य के निर्यात के साथ, स्मार्टफोन पहली बार भारत की शीर्ष निर्यात श्रेणी बन गई है। कुल स्मार्टफोन निर्यात में एप्पल की हिस्सेदारी 76 प्रतिशत रही है।