क्या एप्पल अपनी अपकमिंग आईफोन 17 सीरीज के सभी मॉडल भारत में तैयार करेगा?

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क्या एप्पल अपनी अपकमिंग आईफोन 17 सीरीज के सभी मॉडल भारत में तैयार करेगा?

सारांश

एप्पल अपने आईफोन 17 सीरीज के सभी मॉडल का उत्पादन भारत में करने जा रहा है, जो कंपनी की चीन पर निर्भरता कम करने की रणनीति का हिस्सा है। जानिए इस परिवर्तन के पीछे के कारण और भारत में एप्पल के बढ़ते कदमों के बारे में।

मुख्य बातें

एप्पल भारत में आईफोन 17 का उत्पादन कर रहा है।
भारत में टाटा और फॉक्सकॉन के साथ साझेदारी।
उत्पादन में 60 प्रतिशत की वृद्धि।
भारत का ग्लोबल मैन्युफैक्चरिंग हब बनने का सफर।
बाजार हिस्सेदारी में सुधार।

नई दिल्ली, 20 अगस्त (राष्ट्र प्रेस)। एप्पल अपने मैन्युफैक्चरिंग प्रयासों को बढ़ाते हुए भारत में अपकमिंग आईफोन 17 सीरीज के सभी मॉडल का उत्पादन कर रहा है, जिसमें पहली बार हाई-एंड प्रो वर्जन भी शामिल है।

यह पहली बार है जब कंपनी हर नए आईफोन वेरिएंट का निर्माण भारत में करने जा रही है। इस कदम को चीन पर निर्भरता कम करने और अमेरिकी टैरिफ जोखिमों से सुरक्षा की कंपनी की रणनीति का एक महत्वपूर्ण हिस्सा माना जा रहा है।

सूत्रों के अनुसार, एप्पल ने आईफोन 17 का उत्पादन अपनी पांच स्थानीय फैक्ट्रियों में कर दिया है, जिनमें से दो ने हाल ही में कार्य शुरू किया है। हालांकि, सूत्रों ने बताया है कि प्रो मॉडल की यूनिट का उत्पादन कम होने की संभावना है।

तमिलनाडु के होसुर में टाटा समूह का नया प्लांट और बेंगलुरु हवाई अड्डे के पास फॉक्सकॉन का बड़ा नया केंद्र इस विस्तार के केंद्र में हैं।

एप्पल के प्रमुख भागीदारों में से एक के रूप में तेजी से उभरी टाटा से उम्मीद है कि अगले दो वर्षों में भारत के लगभग आधे आईफोन उत्पादन को संभालेगी।

फॉक्सकॉन ने बेंगलुरु के पास देवनहल्ली में अपने नए 2.8 अरब डॉलर के प्लांट में आईफोन 17 यूनिट्स का उत्पादन शुरू कर दिया है।

यह प्लांट अब चेन्नई यूनिट के समांतर कार्य कर रहा है, जो चीन के बाहर फॉक्सकॉन की दूसरी सबसे बड़ी आईफोन फैक्ट्री है।

कंपनी ने इस वर्ष की शुरुआत में झटके से उबरते हुए उत्पादन को सुचारू रूप से चलाने के लिए ताइवान और अन्य स्थानों से विशेषज्ञों को बुलाया।

इस वर्ष अप्रैल से जुलाई के बीच, भारत से 7.5 अरब डॉलर मूल्य के आईफोन निर्यात किए गए, जबकि पिछले वित्त वर्ष में यह आंकड़ा 17 अरब डॉलर था।

मार्च में समाप्त हुए वित्त वर्ष में, एप्पल ने भारत में लगभग 22 अरब डॉलर मूल्य के आईफोन असेंबल किए, जो पिछले वर्ष की तुलना में 60 प्रतिशत की वृद्धि दर्शाता है।

इस तकनीकी दिग्गज द्वारा इस वर्ष उत्पादन को बढ़ाकर 6 करोड़ आईफोन करने की योजना है, जबकि 2024-25 में यह लगभग 3.5-4 करोड़ आईफोन होने का अनुमान है।

एप्पल के सीईओ टिम कुक ने हाल ही में कंपनी की सप्लाई चेन में भारत की बढ़ती भूमिका को रेखांकित किया।

उन्होंने जुलाई में आय रिपोर्ट के दौरान खुलासा किया कि जून 2025 में अमेरिका में बिकने वाले अधिकांश आईफोन भारत में बने थे।

विश्लेषकों का कहना है कि एप्पल के इस बदलाव ने भारत को एक ग्लोबल मैन्युफैक्चरिंग हब के रूप में स्थापित किया है।

भारत के अपने स्मार्टफोन बाजार में भी एप्पल की उपस्थिति लगातार बढ़ रही है। 2025 की पहली छमाही में शिपमेंट 21.5 प्रतिशत बढ़कर 59 लाख यूनिट हो गया, जिसमें आईफोन 16 सबसे अधिक शिप किया जाने वाला मॉडल बनकर उभरा।

जून तिमाही में, भारत में एप्पल के शिपमेंट में सालाना आधार पर लगभग 20 प्रतिशत की वृद्धि हुई, जिससे इसकी बाजार हिस्सेदारी 7.5 प्रतिशत हो गई।

उद्योग विशेषज्ञ बेंगलुरु फैक्ट्री के शुभारंभ और व्यापक विनिर्माण बदलाव को एप्पल की विविधीकरण रणनीति में एक प्रमुख मील का पत्थर मानते हैं।

संपादकीय दृष्टिकोण

यह देश वैश्विक सप्लाई चेन का एक महत्वपूर्ण हिस्सा बनता जा रहा है। ऐसे में एप्पल का यह कदम भारतीय अर्थव्यवस्था के लिए एक सकारात्मक संकेत है।
RashtraPress
13 मई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

एप्पल आईफोन 17 मॉडल कब लॉन्च होगा?
एप्पल ने अभी तक आईफोन 17 के लॉन्च की आधिकारिक तारीख की घोषणा नहीं की है, लेकिन उम्मीद है कि यह जल्द ही बाजार में आएगा।
क्या आईफोन 17 भारत में उपलब्ध होगा?
हाँ, एप्पल भारत में आईफोन 17 के सभी मॉडल का उत्पादन करेगा, जिससे यह यहाँ आसानी से उपलब्ध होगा।
आईफोन का उत्पादन भारत में क्यों किया जा रहा है?
आईफोन का उत्पादन भारत में करने का उद्देश्य चीन पर निर्भरता को कम करना और अमेरिकी टैरिफ जोखिमों से सुरक्षा है।
एप्पल का भारत में उत्पादन कितने प्रतिशत बढ़ा है?
पिछले वर्ष की तुलना में एप्पल का उत्पादन भारत में 60 प्रतिशत बढ़ा है।
भारत में एप्पल की बाजार हिस्सेदारी कितनी है?
भारत में एप्पल की बाजार हिस्सेदारी लगभग 7.5 प्रतिशत है।
राष्ट्र प्रेस
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