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क्या भारत-ईयू एफटीए में आयात शुल्कों की कमी से छोटी लग्जरी कार मार्केट को बढ़ावा मिलेगा?

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क्या भारत-ईयू एफटीए में आयात शुल्कों की कमी से छोटी लग्जरी कार मार्केट को बढ़ावा मिलेगा?

सारांश

क्या भारत और यूरोपीय संघ के बीच प्रस्तावित एफटीए से छोटी लग्जरी कारों की बिक्री में वृद्धि होगी? बीएमडब्ल्यू इंडिया के सीईओ हरदीप सिंह बरार ने इस पर महत्वपूर्ण जानकारी साझा की है। जानें इस समझौते के प्रभावों के बारे में।

मुख्य बातें

भारत और ईयू के बीच प्रस्तावित एफटीए से आयात शुल्क में कमी संभव है।
छोटी लग्जरी कार बाजार को बढ़ावा मिलेगा।
बीएमडब्ल्यू ने भारतीय बाजार में टेक्नोलॉजी और इन्वेस्टमेंट को बढ़ाने की बात की है।
आपूर्ति श्रृंखलाओं को मजबूत करने की आवश्यकता है।
उपभोक्ताओं को लाभ होगा।

नई दिल्ली, 26 जनवरी (राष्ट्र प्रेस)। भारत और यूरोपीय संघ (ईयू) के बीच प्रस्तावित फ्री ट्रेड एग्रीमेंट (एफटीए) में आयात शुल्क में कमी से देश में छोटी लग्जरी गाड़ियों के बाजार में वृद्धि की संभावनाएं बढ़ सकती हैं। यह जानकारी बीएमडब्ल्यू ग्रुप इंडिया के प्रेसिडेंट और सीईओ हरदीप सिंह बरार ने सोमवार को साझा की।

बरार ने बताया कि भारत में लग्जरी कार सेगमेंट वर्तमान में समग्र यात्री वाहन बाजार का केवल एक प्रतिशत है, और अगर आयात शुल्क में कमी होती है, तो इसमें वृद्धि की संभावना काफी बढ़ जाएगी।

उन्होंने कहा, “भारत न केवल एक बड़ा बाजार है, बल्कि यह वैश्विक स्तर पर प्रतिस्पर्धा के लिए तैयार एक अर्थव्यवस्था भी बन रहा है, जो सुधारों और नीतियों से समर्थित है।”

बरार ने कहा कि भारत-यूरोपीय संघ मुक्त व्यापार समझौता दोनों पक्षों के लिए एक ऐतिहासिक कदम होगा, जिससे व्यापार को बढ़ावा मिलेगा और प्रौद्योगिकी एवं नवाचार का आदान-प्रदान होगा।

उन्होंने कहा, “यह समझौता एक मील का पत्थर साबित होगा, जिससे व्यापार और प्रौद्योगिकी के क्षेत्रों में गहराई आएगी, जिससे दोनों पक्षों को लाभ होगा।”

ऑटोमोटिव उद्योग के दृष्टिकोण से, बरार ने कहा कि समझौते में ऐसे प्रावधान शामिल होने चाहिए जो लग्जरी वाहनों की मांग का समर्थन करें और आपूर्ति श्रृंखला को मजबूत करें।

बरार ने बताया कि पूर्णतः निर्मित इकाइयों (सीबीयू) पर सीमा शुल्क में कमी से आयातित लग्जरी कारों की पहुंच बढ़ेगी और भारत में बाजार का विस्तार होगा।

हाल ही में, सीबीयू देश में बीएमडब्ल्यू की कुल बिक्री का लगभग पांच प्रतिशत है।

उन्होंने आगे कहा, “यदि पूर्णतः निर्मित इकाइयों पर सीमा शुल्क कम किया जाता है, तो यह भारत में लग्जरी कार बाजार के विस्तार में मदद करेगा।”

बरार ने कहा कि लग्जरी कारों पर शुल्क में कमी से उपभोक्ताओं को लाभ होगा और नॉन-लग्जरी कार बनाने वाली कंपनियों पर इसका कोई असर नहीं पड़ेगा, क्योंकि भारत के यात्री वाहन बाजार में लग्जरी वाहनों का हिस्सा बहुत कम है।

संपादकीय दृष्टिकोण

तो भारतीय बाजार में लग्जरी वाहनों की पहुंच बढ़ सकती है, जो उपभोक्ताओं के लिए लाभकारी साबित होगा। हालांकि, इसे संतुलित तरीके से लागू करने की आवश्यकता होगी ताकि सभी हितधारकों का ध्यान रखा जा सके।
RashtraPress
11 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

भारत-ईयू एफटीए से क्या होगा?
आयात शुल्कों में कमी से लग्जरी कारों के बाजार में वृद्धि की संभावना है।
बीएमडब्ल्यू इंडिया के सीईओ ने क्या कहा?
हरदीप सिंह बरार ने कहा कि यह समझौता भारतीय अर्थव्यवस्था के लिए महत्वपूर्ण है।
भारत में लग्जरी कारों का बाजार कितना बड़ा है?
लग्जरी कार सेगमेंट वर्तमान में भारत के यात्री वाहन बाजार का केवल एक प्रतिशत है।
राष्ट्र प्रेस
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