क्या एफटीए के तहत यूरोपीय गाड़ियों पर आयात शुल्क में होगी कटौती?

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क्या एफटीए के तहत यूरोपीय गाड़ियों पर आयात शुल्क में होगी कटौती?

सारांश

भारत यूरोपीय संघ के साथ प्रस्तावित मुक्त व्यापार समझौते के तहत यूरोपीय गाड़ियों पर आयात शुल्क में कटौती करने की योजना बना रहा है। इससे भारतीय बाजार में लग्जरी कारों की कीमतें कम हो सकती हैं। जानिए इस निर्णय का क्या अर्थ है और कैसे यह भारतीय ऑटोमोबाइल उद्योग को प्रभावित करेगा।

मुख्य बातें

यूरोपीय गाड़ियों पर आयात शुल्क 40 प्रतिशत करने की योजना।
15,000 यूरो से अधिक की गाड़ियों पर नया शुल्क लागू होगा।
इलेक्ट्रिक वाहनों को पहले 5 वर्षों में लाभ नहीं मिलेगा।
भारत का कार बाजार तीसरा सबसे बड़ा है।
यूरोपीय निर्माताओं को अधिक प्रतिस्पर्धा का सामना करना होगा।

नई दिल्ली, 26 जनवरी (राष्ट्र प्रेस)। भारत यूरोपीय संघ (ईयू) के साथ चल रहे फ्री ट्रेड एग्रीमेंट (एफटीए) के अंतर्गत यूरोपीय गाड़ियों पर आयात शुल्क को 40 प्रतिशत तक कम करने की योजना बना रहा है, जबकि वर्तमान में यह 110 प्रतिशत है। यह जानकारी विभिन्न रिपोर्ट्स में प्रकाशित हुई है।

रिपोर्टों के अनुसार, 15,000 यूरो (भारतीय रुपयों में लगभग 16.3 लाख रुपए) से अधिक की कारों पर यह नया शुल्क लागू होगा।

इस शुल्क को आने वाले वर्षों में 10 प्रतिशत तक घटाने की संभावना है। हालांकि, इस एफटीए में ब्रिटेन के साथ हुए एफटीए की तरह पूरी तरह से निर्मित गाड़ियों के आयात पर एक सीमा रहेगी।

सूत्रों के अनुसार, भारत ने यूरोप से सालाना 2 लाख ईंधन वाली गाड़ियों का आयात करने पर सहमति जताई है, लेकिन एफटीए के सामने आने के बाद इसमें बदलाव संभव है।

हालांकि, इलेक्ट्रिक वाहनों को पहले पांच वर्षों में इस नीति का लाभ नहीं मिलेगा, क्योंकि सरकार घरेलू कंपनियों के निवेश की रक्षा करना चाहती है।

भारत, जो वर्तमान में अमेरिका और चीन के बाद दुनिया का तीसरा सबसे बड़ा कार बाजार है, सबसे अधिक संरक्षित बाजारों में से एक बना हुआ है।

भारत में पूरी तरह से निर्मित कारों पर आयात शुल्क 70 प्रतिशत से लेकर 110 प्रतिशत तक है, इस नीति की कई वैश्विक ऑटो कंपनियों ने आलोचना की है।

आयात करों में कटौती से यूरोपीय कार निर्माताओं को भारत में अपने आयातित मॉडलों की कीमतों को अधिक प्रतिस्पर्धी बनाए रखने में मदद मिलेगी।

इसी प्रकार, इससे उन्हें स्थानीय विनिर्माण निवेश पर निर्णय लेने से पहले भारतीय बाजार में नए वाहनों का परीक्षण करने में भी सहायता मिलेगी।

यह प्रस्तावित शुल्क कटौती उस समय में हो रही है जब यूरोपीय आयोग की अध्यक्ष उर्सुला वॉन डेर लेयेन चार दिवसीय भारत दौरे पर हैं।

यूरोपीय नेताओं द्वारा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ शिखर वार्ता करने की संभावना है।

संपादकीय दृष्टिकोण

बल्कि यह उपभोक्ताओं के लिए भी फायदेमंद होगा। हालांकि, इसे लेकर कुछ चिंताएँ भी हैं, जैसे कि घरेलू उत्पादकों की सुरक्षा। हमें संतुलन बनाने की आवश्यकता है ताकि हम ग्लोबल मार्केट में प्रतिस्पर्धी बने रहें।
RashtraPress
13 मई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

एफटीए से भारतीय बाजार पर क्या प्रभाव पड़ेगा?
एफटीए से आयात शुल्क में कमी होने से यूरोपीय गाड़ियों की कीमतें कम होंगी, जिससे भारतीय उपभोक्ताओं को सस्ती लग्जरी कारें मिलेंगी।
क्या इलेक्ट्रिक वाहनों को भी इस नीति का लाभ मिलेगा?
नहीं, प्रारंभिक पांच वर्षों में इलेक्ट्रिक वाहनों को इस नीति का लाभ नहीं मिलेगा।
राष्ट्र प्रेस