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क्या भारत के ऑफिस मार्केट ने 2025 में नया रिकॉर्ड बनाया?

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क्या भारत के ऑफिस मार्केट ने 2025 में नया रिकॉर्ड बनाया?

सारांश

भारत के ऑफिस रियल एस्टेट क्षेत्र ने 2025 में एक नया रिकॉर्ड बनाया है। इस रिपोर्ट के अनुसार, देश के प्रमुख शहरों में ऑफिस स्पेस का उपयोग पिछले वर्ष की तुलना में 25 प्रतिशत बढ़ा है। जानिए इस वृद्धि के पीछे के कारण और भविष्य की संभावनाएँ।

मुख्य बातें

भारत के ऑफिस रियल एस्टेट क्षेत्र ने 2025 में नया रिकॉर्ड बनाया।
कुल 6 करोड़ 14 लाख वर्ग फुट ऑफिस स्पेस का उपयोग किया गया।
बेंगलुरु ने सबसे ज्यादा 1 करोड़ 44 लाख वर्ग फुट का उपयोग किया।
ऑफिस के किराए में बढ़ोतरी देखी गई है।
जीसीसी का हिस्सा बढ़कर 33 प्रतिशत हो गया।

नई दिल्ली, 5 जनवरी (राष्ट्र प्रेस)। भारत के ऑफिस रियल एस्टेट क्षेत्र ने 2025 में अब तक का सबसे शक्तिशाली प्रदर्शन किया है। देश के आठ प्रमुख शहरों में कुल 6 करोड़ 14 लाख वर्ग फुट कार्यालय स्थान का उपयोग हुआ, जो पिछले वर्ष की तुलना में 25 प्रतिशत अधिक है। एक रिपोर्ट के अनुसार, यह अब तक का सबसे ऊँचा स्तर है।

कमर्शियल रियल एस्टेट सर्विसेज फर्म कुशमैन एंड वेकफील्ड की रिपोर्ट में कहा गया है कि यह वृद्धि कंपनियों के बढ़ते विश्वास और बाजार की बड़ी आवश्यकताओं को पूरा करने की क्षमता के कारण हुई है। कंपनियां अपने कार्य को बढ़ाने के लिए बड़े कार्यालय स्थान ले रही हैं।

ऑफिस स्पेस के उपयोग में बेंगलुरु सबसे आगे रहा, जहां 1 करोड़ 44 लाख वर्ग फुट जगह ली गई। इसके बाद दिल्ली एनसीआर में 1 करोड़ 9 लाख वर्ग फुट ऑफिस स्पेस का उपयोग हुआ।

अतिरिक्त, मुंबई (96 लाख वर्ग फुट), हैदराबाद (91 लाख वर्ग फुट), पुणे (82 लाख वर्ग फुट), चेन्नई (70 लाख वर्ग फुट), कोलकाता (14 लाख वर्ग फुट) और अहमदाबाद (8 लाख वर्ग फुट) में भी अच्छी मांग देखी गई।

रिपोर्ट के अनुसार, चेन्नई और दिल्ली एनसीआर में पिछले वर्ष की तुलना में सबसे ज्यादा वृद्धि दर्ज की गई। चेन्नई में लगभग 187 प्रतिशत और दिल्ली एनसीआर में 82 प्रतिशत की वृद्धि हुई। इससे स्पष्ट है कि इन शहरों में ऑफिस की मांग तेजी से बढ़ रही है।

वर्ष 2025 में कुल ऑफिस लीजिंग (जीएलवी) लगभग 8 करोड़ 90 लाख वर्ग फुट रही, जिसमें से करीब 80 प्रतिशत नए ऑफिस किराए पर लिए गए। वहीं ग्लोबल कैपेबिलिटी सेंटर (जीसीसी) की हिस्सेदारी भी बढ़कर 2 करोड़ 93 लाख वर्ग फुट हो गई, जो कुल लीजिंग का लगभग 33 प्रतिशत है।

कुशमैन एंड वेकफील्ड के भारत, दक्षिण-पूर्व एशिया, मध्य-पूर्व एशिया, अफ्रीका और एशिया-प्रशांत क्षेत्र (एपेक) के ऑफिस एवं रिटेल के चीफ एक्जीक्यूटिव अंकुश जैन ने कहा कि जीसीसी के विस्तार के साथ-साथ कुल ऑफिस लीजिंग का तकरीबन एक तिहाई हिस्सा भारत में है। साथ ही टेक्नोलॉजी को तेजी से अपनाया जाना, विभिन्न क्षेत्रों की कंपनियों की मजबूत मौजूदगी और देश में उपलब्ध बड़ा प्रतिभाशाली कार्यबल भारत को 2026 और उसके बाद भी वैश्विक ऑफिस मार्केट में अपनी अग्रणी भूमिका बनाए रखने के लिए मजबूत बनाता है।

हालांकि, बाजार में नए ऑफिस की आपूर्ति अधिक रही, फिर भी मजबूत मांग के चलते खाली ऑफिस की संख्या में बड़ी गिरावट आई, जो कि अब तक की सबसे तेज वार्षिक गिरावट मानी जा रही है। अधिकांश बड़े शहरों में खाली जगह कम हुई है।

रिपोर्ट के अनुसार, देश के सभी आठ बड़े शहरों में ऑफिस के किराए में वृद्धि हुई है, जिनमें हैदराबाद और मुंबई (12-14 प्रतिशत वार्षिक) में सबसे ज्यादा बढ़ोतरी दर्ज की गई, जबकि अहमदाबाद, दिल्ली एनसीआर और चेन्नई में भी किराए में 6-9 प्रतिशत की अच्छी बढ़त देखने को मिली।

-राष्ट्र प्रेस

डीबीपी/एबीएम

संपादकीय दृष्टिकोण

बल्कि इसके पीछे की कंपनियों का विश्वास और तकनीकी विकास भी महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है। यह भारत को एक वैश्विक ऑफिस मार्केट में महत्वपूर्ण स्थान देने की दिशा में अग्रसर कर रहा है।
RashtraPress
10 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

भारत में ऑफिस स्पेस का उपयोग क्यों बढ़ रहा है?
कंपनियों के बढ़ते विश्वास और बाजार की आवश्यकताओं के कारण ऑफिस स्पेस का उपयोग बढ़ रहा है।
2025 में किस शहर ने सबसे ज्यादा ऑफिस स्पेस का उपयोग किया?
बेंगलुरु ने 2025 में सबसे ज्यादा ऑफिस स्पेस का उपयोग किया, जहां 1 करोड़ 44 लाख वर्ग फुट की जगह ली गई।
क्या ऑफिस किराए में वृद्धि हुई है?
हां, रिपोर्ट के अनुसार, सभी आठ बड़े शहरों में ऑफिस किराए में वृद्धि हुई है।
जीसीसी का क्या महत्व है?
जीसीसी का महत्व यह है कि यह कुल ऑफिस लीजिंग का लगभग एक तिहाई हिस्सा है और इसके विस्तार से भारत की वैश्विक ऑफिस मार्केट में स्थिति मजबूत होती है।
राष्ट्र प्रेस
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