क्या डीजीसीए ने फ्लाइट में पावर बैंक के इस्तेमाल पर रोक लगाई है?
सारांश
Key Takeaways
- डीजीसीए ने पावर बैंक के उपयोग पर रोक लगाई है।
- लिथियम बैटरियों के आग लगने के खतरे को ध्यान में रखा गया।
- पावर बैंक केवल हैंड बैगेज में रखे जा सकते हैं।
- एयरलाइनों को सुरक्षा नियमों का पालन करने का निर्देश दिया गया।
- यात्रियों की सुरक्षा सबसे पहले है।
नई दिल्ली, 4 जनवरी (राष्ट्र प्रेस)। नागर विमानन महानिदेशालय (डीजीसीए) ने रविवार को बताया कि उड़ान के दौरान यात्रियों को पावर बैंक का उपयोग अपने मोबाइल फोन या किसी अन्य इलेक्ट्रॉनिक उपकरण को चार्ज करने के लिए नहीं करना चाहिए।
डीजीसीए ने स्पष्ट किया कि लिथियम बैटरियों वाले पावर बैंकों से आग लगने का खतरा होता है, इसलिए यह निर्णय यात्रियों की सुरक्षा को ध्यान में रखकर लिया गया है।
एक आधिकारिक बयान में, विमानन नियामक ने कहा कि उड़ान के दौरान गैजेट्स को चार्ज करने के लिए किसी भी स्थिति में पावर बैंक का उपयोग नहीं किया जा सकता, चाहे वह एयरक्राफ्ट की सीट में लगे पावर सॉकेट से ही क्यों न हो।
यह निर्णय दुनिया के विभिन्न देशों में हुए उन घटनाओं के बाद लिया गया है, जिनमें विमानों में चार्जिंग के दौरान लिथियम बैटरियां अत्यधिक गर्म हो गईं या उनमें आग लग गई। इन मामलों ने विमान यात्रा की सुरक्षा को लेकर चिंताओं को बढ़ा दिया है।
डीजीसीए ने पहले नवंबर में एक खतरनाक सामान संबंधी चेतावनी जारी की थी, जिसमें कहा गया था कि पावर बैंक और अतिरिक्त लिथियम बैटरियां केवल हैंड बैगेज में रखी जा सकती हैं। इन्हें ओवरहेड केबिन में रखने की अनुमति नहीं है, क्योंकि वहां आग लगने पर उसे जल्दी पहचानना और बुझाना मुश्किल होता है।
डीजीसीए के अनुसार, आजकल रिचार्ज होने वाले उपकरणों में लिथियम बैटरियों का अधिक उपयोग हो रहा है। इसी कारण हवाई यात्रा के दौरान यात्रियों के पास पावर बैंक और अतिरिक्त बैटरियों की संख्या भी बढ़ गई है। डीजीसीए ने चेतावनी दी कि ये बैटरियां आग लगने का कारण बन सकती हैं और उड़ान की सुरक्षा के लिए गंभीर खतरा पैदा कर सकती हैं।
नियामक संस्था ने बताया कि अगर लिथियम बैटरियां ओवरहेड स्टोरेज या कैरी-ऑन बैग में छुपी रहती हैं, तो धुआं या आग के शुरुआती संकेत दिखाई नहीं देते। इससे आपात स्थिति में तुरंत कार्रवाई करना मुश्किल हो जाता है और खतरा बढ़ सकता है।
डीजीसीए ने सभी एयरलाइनों को निर्देश दिया है कि वे यात्रियों द्वारा लाई जाने वाली लिथियम बैटरियों से जुड़े सुरक्षा जोखिमों की दोबारा जांच करें और सख्त सुरक्षा नियम लागू करें, ताकि बैटरी से जुड़ी आग की घटनाओं को रोका जा सके।
इसके साथ ही, डीजीसीए ने केबिन क्रू को बेहतर प्रशिक्षण देने पर भी जोर दिया है, ताकि वे आग या धुएं के संकेत जल्दी पहचान सकें और सही कदम उठा सकें। एयरलाइनों को यह भी सुनिश्चित करने को कहा गया है कि विमान में आग बुझाने के पर्याप्त उपकरण और सुरक्षा सामान मौजूद हों।
डीजीसीए ने एयरलाइनों को यह भी निर्देश दिया है कि वे यात्रियों को नए नियमों की जानकारी घोषणाओं और अन्य माध्यमों से स्पष्ट रूप से दें, ताकि सभी यात्री इन नियमों का पालन करें।
डीजीसीए ने कहा कि ये सभी कदम यात्रियों की सुरक्षा को मजबूत करने और हवाई यात्रा के दौरान लिथियम बैटरी से होने वाले खतरों को कम करने के लिए आवश्यक हैं।