28 जुलाई 2026
LIVE
Get it on Google Play Download on the App Store

क्या डीप टेक स्टार्टअप्स को सरकार की छूट से फायदा होगा?

शेयर करें:
ऑडियो वॉइस लोड हो रही है…
क्या डीप टेक स्टार्टअप्स को सरकार की छूट से फायदा होगा?

सारांश

डीप टेक स्टार्टअप्स को अब सरकारी मान्यता पाने के लिए तीन सालों का इंतजार नहीं करना पड़ेगा। यह छूट भारत के नवाचार क्षेत्र को बढ़ावा देने के लिए एक महत्वपूर्ण कदम है। जानें इस निर्णय के पीछे की वजहें और इसका प्रभाव क्या होगा।

मुख्य बातें

डीप टेक स्टार्टअप्स को अब तीन साल का इंतजार नहीं करना होगा।
सरकार ने एक लाख करोड़ रुपए का आरडीआई कोष स्थापित किया है।
नवाचार करने वाले युवाओं को तेजी से आगे बढ़ने का मौका मिलेगा।
तकनीक की गुणवत्ता की जांच जारी रहेगी ।
भारत की तकनीकी क्षमताओं पर दूसरे देश भी निर्भर हो रहे हैं।

नई दिल्ली, 4 जनवरी (राष्ट्र प्रेस)। केंद्र सरकार ने डीप टेक्नोलॉजी पर कार्यरत स्टार्टअप्स के लिए एक महत्वपूर्ण निर्णय लिया है। अब इन स्टार्टअप्स को सरकारी मान्यता प्राप्त करने के लिए तीन साल तक काम करने की आवश्यकता नहीं होगी। यह छूट वैज्ञानिक और औद्योगिक अनुसंधान विभाग (डीएसआईआर) के औद्योगिक अनुसंधान और विकास प्रोत्साहन कार्यक्रम के तहत दी गई है।

रविवार को डीएसआईआर के 42वें स्थापना दिवस पर केंद्रीय मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह ने कहा कि इस निर्णय का उद्देश्य भारत के स्टार्टअप क्षेत्र को तेजी से विकसित करना है। इससे नवाचार करने वाले युवा और उद्यमी जल्दी बढ़ सकेंगे।

डॉ. जितेंद्र सिंह ने बताया कि सरकार ने पहले ही एक लाख करोड़ रुपए का अनुसंधान, विकास और नवाचार (आरडीआई) कोष स्थापित किया है, जो नई तकनीकों को बढ़ावा देने के लिए है। यह कोष उन स्टार्टअप्स के लिए है, जिन्होंने तकनीकी क्षेत्र में एक निश्चित स्तर हासिल किया है।

उन्होंने कहा कि जो नवाचारकर्ता और स्टार्टअप अभी शुरुआती दौर में हैं, उनके लिए विज्ञान और प्रौद्योगिकी विभाग, वैज्ञानिक तथा औद्योगिक अनुसंधान परिषद (सीएसआईआर) और प्रौद्योगिकी विकास बोर्ड जैसी संस्थाओं में पहले से कई योजनाएं उपलब्ध हैं। तीन साल की शर्त का हटना डीप टेक स्टार्टअप्स के लिए एक बड़ा प्रोत्साहन है, जिससे वे तेजी से आगे बढ़ सकेंगे।

मंत्री ने बताया कि पहले सीएसआईआर द्वारा स्टार्टअप्स को आर्थिक सहायता दी जाती थी, लेकिन इसके लिए कम से कम तीन साल तक काम करना अनिवार्य था। कई बार यह सहायता एक करोड़ रुपए तक होती थी।

अब सरकार ने इस तीन साल की शर्त को हटा दिया है। मंत्री ने कहा कि इसका उद्देश्य नए डीप टेक स्टार्टअप्स को जल्दी मजबूत करना है, भले ही वे अभी पूरी तरह स्थापित न हों। तकनीक की गुणवत्ता की जांच पहले की तरह जारी रहेगी।

डॉ. जितेंद्र सिंह ने कहा कि भारत अब केवल आत्मनिर्भर नहीं है, बल्कि दूसरे देश भी भारत की तकनीकी क्षमताओं पर निर्भर होने लगे हैं।

सरकार के प्रमुख वैज्ञानिक सलाहकार प्रोफेसर अजय कुमार सूद ने कहा कि तकनीकी आत्मनिर्भरता आज के समय में अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने प्रधानमंत्री द्वारा घोषित एक लाख करोड़ रुपए के अनुसंधान कोष का उल्लेख करते हुए कहा कि प्रयोगशालाओं में विकसित तकनीकों को बाजार तक पहुंचाना आवश्यक है।

उन्होंने नई तकनीकों की सही जांच के लिए राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी तत्परता मूल्यांकन ढांचा (एनटीआरएएफ) का भी उल्लेख किया। इसके अलावा, मंथन और उत्थान जैसे मंचों के माध्यम से छोटे शहरों और संस्थानों को भी नवाचार में भागीदारी का अवसर मिल रहा है।

संपादकीय दृष्टिकोण

जो युवा उद्यमियों को जल्दी आगे बढ़ने का अवसर देगा, हालांकि तकनीक की गुणवत्ता की जांच पहले की तरह जारी रहेगी।
RashtraPress
28 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

डीप टेक स्टार्टअप्स को छूट मिलने से क्या फायदा होगा?
इस छूट से स्टार्टअप्स को बिना तीन साल का इंतजार किए सरकारी मान्यता प्राप्त करने का अवसर मिलेगा, जिससे वे तेजी से बढ़ सकते हैं।
सरकार ने किस कोष की स्थापना की है?
सरकार ने एक लाख करोड़ रुपए का अनुसंधान, विकास और नवाचार (आरडीआई) कोष स्थापित किया है।
क्या यह छूट सभी स्टार्टअप्स के लिए है?
यह छूट विशेष रूप से डीप टेक स्टार्टअप्स के लिए है जो अभी शुरुआती दौर में हैं।
क्या तकनीक की गुणवत्ता की जांच नहीं होगी?
नहीं, तकनीक की गुणवत्ता की जांच पहले की तरह जारी रहेगी।
इस निर्णय का उद्देश क्या है?
इस निर्णय का उद्देश्य भारत के स्टार्टअप क्षेत्र को तेजी से विकसित करना है।
राष्ट्र प्रेस
सिलसिला

जुड़े बिंदु

इस ख़बर के पीछे की कड़ियाँ — सबसे नई पहले।

8 बिंदु
  1. नवीनतम 2 महीने पहले
  2. 3 महीने पहले
  3. 6 महीने पहले
  4. 6 महीने पहले
  5. 7 महीने पहले
  6. 8 महीने पहले
  7. 10 महीने पहले
  8. 1 साल पहले