अमेजन ने बेंगलुरु में खोला एशिया का दूसरा सबसे बड़ा कार्यालय; 7,000 कर्मचारियों के लिए अवसर
सारांश
Key Takeaways
- अमेजन का नया कार्यालय बेंगलुरु में खोला गया है।
- इसमें 7,000 कर्मचारियों के लिए कार्यक्षेत्र है।
- यह 12 मंजिला भवन 11 लाख वर्ग फुट में फैला है।
- कंपनी ने 40 अरब डॉलर से अधिक का निवेश किया है।
- यह नए परिसर का उद्देश्य कार्बन उत्सर्जन को कम करना है।
नई दिल्ली, 23 फरवरी (राष्ट्र प्रेस)। अमेरिकी तकनीकी दिग्गज अमेजन ने सोमवार को बेंगलुरु में एशिया का अपना दूसरा सबसे बड़ा कार्यालय खोलने की जानकारी दी।
कंपनी ने एक आधिकारिक बयान में बताया कि यह 12 मंजिला भवन 11 लाख वर्ग फुट क्षेत्र में फैला है और भारत में ई-कॉमर्स, संचालन, भुगतान, प्रौद्योगिकी और विक्रेता सेवाओं के लिए 7,000 से अधिक कर्मचारियों को समर्पित है।
कर्नाटक के लघु एवं मध्यम उद्योग एवं अवसंरचना विकास मंत्री एम.बी. पाटिल ने उद्घाटन समारोह में कहा, “बेंगलुरु में अमेजन का निरंतर निवेश भारत की वैश्विक प्रौद्योगिकी और नवाचार के केंद्र के रूप में बढ़ती भूमिका को दर्शाता है। अमेजन जैसे बड़े परिसर स्थानीय पारिस्थितिकी तंत्र को मजबूत करते हैं और उच्च गुणवत्ता वाली नौकरियों का सृजन करते हैं। हम ऐसे दीर्घकालिक निवेशों का स्वागत करते हैं जो हमारे कार्यबल के लिए नए अवसर उत्पन्न करते हैं।”
यह नया कैंपस अमेजन के भारत में निरंतर निवेश का एक हिस्सा है। कंपनी ने पहले ही भारत में 40 अरब डॉलर से अधिक का निवेश किया है और 2030 तक 35 अरब डॉलर के अतिरिक्त निवेश की योजना बनाई है।
कंपनी ने कहा कि यह परिसर केम्पेगौड़ा अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे से 15 किलोमीटर दूर है और इसे टीमों को एकत्र करने और सहयोग, लचीलापन, शिक्षा और कल्याण को बढ़ावा देने के लिए डिज़ाइन किया गया है।
अमेजन इंडिया के कंट्री मैनेजर समीर कुमार ने कहा, “यह शहर पिछले कई वर्षों से हमारी प्रारंभिक प्रौद्योगिकी और व्यावसायिक टीमों का घर रहा है, और आज भी यह नवाचार और प्रतिभा का प्रमुख केंद्र बना हुआ है।”
कर्मचारियों के लिए बास्केटबॉल और पिकलबॉल कोर्ट, एक एम्फीथिएटर, हरे-भरे लॉन और सामुदायिक बाहरी स्थानों जैसी विभिन्न मनोरंजन सुविधाएं उपलब्ध हैं।
कंपनी ने बताया कि दो मंजिलों पर स्थित कैफेटेरिया में वैश्विक व्यंजनों की एक विस्तृत श्रृंखला परोसी जाती है।
कंपनी ने आगे कहा कि इस परियोजना में जिम्मेदार सामग्री स्रोत, कार्यालय संपत्तियों का पुन: उपयोग और उच्च दक्षता वाली प्रणालियां शामिल हैं, जिनका उद्देश्य कार्बन उत्सर्जन को कम करना है।