‘भारत टैक्सी’: सारथियों को मुनाफे का मालिक बनाने की अमित शाह की योजना

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‘भारत टैक्सी’: सारथियों को मुनाफे का मालिक बनाने की अमित शाह की योजना

सारांश

केंद्रीय मंत्री अमित शाह ने ‘भारत टैक्सी’ की नई पहल का अनावरण किया, जो चालक भाई-बहनों को सम्मान के साथ मुनाफे का स्वामी बनाने पर केंद्रित है। यह योजना अगले तीन वर्षों में हर नगर निगम में लागू होगी।

Key Takeaways

  • भारत टैक्सी योजना सारथियों को मुनाफे का मालिक बनाती है।
  • सारथियों के लिए 500 रुपये के शेयर पर मालिकाना हक।
  • हर नगरपालिका निगम में अगले तीन वर्षों में ‘भारत टैक्सी’ होगी।
  • मुनाफे का 80%25 सारथियों को उनके काम के अनुसार मिलेगा।
  • सारथियों के हितों की रक्षा के लिए बोर्ड में स्थान आरक्षित।

नई दिल्ली, 23 फरवरी (राष्ट्र प्रेस)। केंद्रीय गृह और सहकारिता मंत्री अमित शाह ने सोमवार को बताया कि भारत टैक्सी केवल एक साधारण टैक्सी योजना नहीं है, बल्कि यह चालक भाइयों और बहनों को सम्मान के साथ ‘सारथी’ बनाने की एक महत्वपूर्ण पहल है। इसका मुख्य उद्देश्य ‘सारथी’ को कंपनी के लाभ का स्वामी बनाना है।

राष्ट्रीय राजधानी में भारत टैक्सी के सारथियों के साथ बातचीत के दौरान केंद्रीय मंत्री शाह ने कहा कि जो मेहनत कर रहा है, उसे ही मुनाफा मिलना चाहिए। उनका लक्ष्य टैक्सी के मालिक को समृद्ध बनाना है, और सारथी ही असल में मालिक हैं। शाह ने यह भी कहा कि सारथी भारत टैक्सी के वास्तविक मालिक हैं और मुनाफे का भी हिस्सा उन्हें मिलेगा। अगले तीन वर्षों में देश के हर नगरपालिका निगम में ‘भारत टैक्सी’ उपलब्ध होगी।

केंद्रीय मंत्री ने बताया कि भारत टैक्सी को देश की पांच प्रमुख सहकारी समितियों के साथ मिलकर स्थापित किया गया है। जैसे-जैसे सारथियों की संख्या बढ़ेगी, जो भी सारथी इसमें भागीदार बनना चाहेगा, उसे 500 रुपये के शेयर के बदले मालिकाना हक प्राप्त होगा।

शाह ने कहा कि जब भारत टैक्सी के बोर्ड ऑफ डायरेक्टर्स का चुनाव होगा, तो उसमें कुछ स्थान सारथियों के लिए भी आरक्षित रहेंगे। जब सारथी बोर्ड में शामिल हो जाएंगे, तब वे अन्य सारथियों के हितों की रक्षा के लिए खुद जिम्मेदार होंगे।

भारत टैक्सी को एक सहकारी आंदोलन के रूप में दर्शाते हुए कहा गया कि भारत टैक्सी की कुल कमाई में से बीस प्रतिशत सारथियों की पूंजी के रूप में जमा होगा, जबकि अस्सी प्रतिशत पैसे का वितरण टैक्सी द्वारा तय की गई किलोमीटर के अनुसार होगा।

शाह ने स्पष्ट किया कि प्रारंभिक तीन वर्ष भारत टैक्सी के विस्तार में बिताए जाएंगे, और उसके बाद होने वाले मुनाफे का बीस प्रतिशत भारत टैक्सी में रहेगा जबकि अस्सी प्रतिशत सारथी भाइयों को वापस किया जाएगा।

उन्होंने यह भी कहा कि भारत टैक्सी में कोई भी जानकारी छिपी हुई नहीं होगी। सारथियों को सभी सूचना नोटिफिकेशन के माध्यम से उपलब्ध कराई जाएगी जिससे ‘भारत टैक्सी’ विश्व की सबसे पारदर्शी कैब सेवा बनेगी। भारत टैक्सी में सारथियों की न्यूनतम व्यावसायिकता पर किलोमीटर की दर की एक आधार रेखा होगी। उन्होंने बताया कि भारत टैक्सी में ऑटो की कीमत, पेट्रोल की खपत और न्यूनतम मुनाफे को मिलाकर एक आधार दर तय की जाएगी, और इसके नीचे यह ऑपरेट नहीं करेगी।

शाह ने कहा कि भारत टैक्सी का उद्देश्य सारथियों की भलाई के साथ-साथ ग्राहकों के साथ अच्छे व्यवहार को भी सुनिश्चित करना है।

Point of View

जिसका उद्देश्य केवल टैक्सी सेवा को बढ़ावा देना नहीं, बल्कि सारथियों को आर्थिक रूप से सशक्त बनाना है। यह योजना सहकारी आंदोलनों की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है, जो देश के परिवहन क्षेत्र में सकारात्मक बदलाव ला सकती है।
NationPress
21/04/2026

Frequently Asked Questions

भारत टैक्सी योजना का मुख्य उद्देश्य क्या है?
इस योजना का मुख्य उद्देश्य सारथियों को मुनाफे का मालिक बनाना और उन्हें सम्मान प्रदान करना है।
भारत टैक्सी में सारथियों को कैसे भागीदारी मिलती है?
सारथियों को 500 रुपये के शेयर के बदले मालिकाना हक प्राप्त होगा।
भारत टैक्सी योजना का विस्तार कब होगा?
यह योजना अगले तीन वर्षों में देश के सभी नगरपालिका निगमों में लागू होगी।
भारत टैक्सी का मुनाफा कैसे बांटा जाएगा?
मुनाफे का बीस प्रतिशत भारत टैक्सी के खाते में रहेगा और अस्सी प्रतिशत सारथियों को उनके काम के अनुसार दिया जाएगा।
क्या भारत टैक्सी में पारदर्शिता सुनिश्चित की जाएगी?
जी हां, सभी जानकारी सारथियों को नोटिफिकेशन के माध्यम से उपलब्ध कराई जाएगी।
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