वित्त वर्ष 26 में आईपीओ के माध्यम से धन जुटाने में फाइनेंशियल सेक्टर की 34 प्रतिशत हिस्सेदारी

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वित्त वर्ष 26 में आईपीओ के माध्यम से धन जुटाने में फाइनेंशियल सेक्टर की 34 प्रतिशत हिस्सेदारी

सारांश

वित्त वर्ष 26 में आईपीओ के जरिए फंडिंग जुटाने में फाइनेंशियल सेक्टर ने 34 प्रतिशत हिस्सेदारी के साथ सबसे आगे स्थान प्राप्त किया है। इस रिपोर्ट से निवेशकों की बढ़ती संख्या और बाजार की गतिविधियों का भी पता चलता है।

मुख्य बातें

फाइनेंशियल सेक्टर ने आईपीओ के माध्यम से 34 प्रतिशत की हिस्सेदारी हासिल की।
99 कंपनियों ने मेनबोर्ड आईपीओ के जरिए 1,65,036 करोड़ रुपए जुटाए।
एसएमई सेक्टर में 105 आईपीओ की लिस्टिंग हुई।
फरवरी 2026 में पंजीकृत निवेशकों की संख्या 12.8 करोड़ हो गई।
महाराष्ट्र ने 2 करोड़ यूनिक पंजीकृत निवेशकों का आंकड़ा पार किया।

मुंबई, २४ मार्च (राष्ट्र प्रेस)। वित्त वर्ष २६ में इनिशियल पब्लिक ऑफरिंग (आईपीओ) के माध्यम से निवेश के लिए धन जुटाने में फाइनेंशियल सेक्टर ने सबसे अधिक योगदान दिया है। चालू वित्त वर्ष के अप्रैल-फरवरी की अवधि में कुल फंडिंग में इसकी हिस्सेदारी ३४ प्रतिशत रही। यह जानकारी एनएसई द्वारा मंगलवार को प्रकाशित रिपोर्ट में साझा की गई।

एनएसई की 'मार्केट प्लस' रिपोर्ट में उल्लेख किया गया है, "वित्त वर्ष २६ में आईपीओ के जरिए धन जुटाने में फाइनेंशियल सेक्टर ने ३४ प्रतिशत की हिस्सेदारी के साथ प्रमुखता हासिल की। इसके बाद कंज्यूमर डिस्क्रिशनरी की हिस्सेदारी ३१ प्रतिशत और इंडस्ट्रियल की हिस्सेदारी ११ प्रतिशत रही है।"

एसएमई सेगमेंट में आईपीओ के जरिए धन जुटाने में इंडस्ट्रियल सेक्टर ने ३६ प्रतिशत की हिस्सेदारी के साथ शीर्ष स्थान प्राप्त किया। इसके बाद कंज्यूमर डिस्क्रिशनरी की हिस्सेदारी २३ प्रतिशत और मटेरियल की हिस्सेदारी १० प्रतिशत थी।

एनएसई के अनुसार, वित्त वर्ष २६ के अप्रैल-फरवरी अवधि में मेनबोर्ड आईपीओ के माध्यम से ९९ कंपनियों ने १,६५,०३६ करोड़ रुपए जुटाए हैं। पूरे वित्त वर्ष २५ में ७९ कंपनियों ने मेनबोर्ड आईपीओ के जरिए १,६२,५१७ करोड़ रुपए जुटाए थे।

हालांकि, एसएमई सेगमेंट में आईपीओ गतिविधियों में कमी देखी गई है और वित्त वर्ष २६ में कुल १०५ एसएमई आईपीओ की लिस्टिंग हुई, जिसमें कंपनियों ने ५,१२१ करोड़ रुपए जुटाए। वित्त वर्ष २५ में १६३ एसएमई आईपीओ आए थे और उन्होंने ७,१११ करोड़ रुपए की राशि जुटाई।

इसके अलावा, रिपोर्ट में बताया गया कि एनएसई के पास पंजीकृत निवेशकों की संख्या फरवरी २०२६ में बढ़कर १२.८ करोड़ हो गई है। अप्रैल २०२५ से फरवरी २०२६ की अवधि में औसतन १३.६ लाख निवेशक प्रति माह बाजार से जुड़े हैं।

महाराष्ट्र फरवरी २०२६ में २ करोड़ यूनिक पंजीकृत निवेशकों का आंकड़ा पार करने वाला पहला राज्य बन गया और कुल निवेशक आधार में १५.७ प्रतिशत हिस्सेदारी के साथ अग्रणी बना रहा।

एनएसई ने बताया कि निवेशक आधार भौगोलिक रूप से केंद्रित बना हुआ है, जिसमें शीर्ष पाँच राज्य - महाराष्ट्र, उत्तर प्रदेश, गुजरात, पश्चिम बंगाल और राजस्थान - की कुल आधार में ४८ प्रतिशत हिस्सेदारी है।

संपादकीय दृष्टिकोण

बल्कि यह भी संकेत देती है कि निवेशकों की संख्या में वृद्धि हो रही है।
RashtraPress
13 मई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

फाइनेंशियल सेक्टर की आईपीओ में हिस्सेदारी कितनी थी?
वित्त वर्ष 26 में फाइनेंशियल सेक्टर की आईपीओ में हिस्सेदारी 34 प्रतिशत रही।
कितनी कंपनियों ने मेनबोर्ड आईपीओ के जरिए धन जुटाया?
वित्त वर्ष 26 में 99 कंपनियों ने मेनबोर्ड आईपीओ के जरिए 1,65,036 करोड़ रुपए जुटाए।
एसएमई आईपीओ में कितनी कंपनियों ने धन जुटाया?
वित्त वर्ष 26 में 105 एसएमई आईपीओ की लिस्टिंग हुई, जिसमें कंपनियों ने 5,121 करोड़ रुपए जुटाए।
निवेशकों की संख्या कितनी है?
फरवरी 2026 में एनएसई के पास पंजीकृत निवेशकों की संख्या 12.8 करोड़ हो गई।
राज्यों में निवेशक आधार का वितरण कैसा है?
महाराष्ट्र, उत्तर प्रदेश, गुजरात, पश्चिम बंगाल और राजस्थान जैसे शीर्ष पांच राज्यों की कुल आधार में 48 प्रतिशत हिस्सेदारी है।
राष्ट्र प्रेस
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