क्या जीसीसी भारत के ऑफिस मार्केट का प्राइमरी ग्रोथ इंजन बन गया है, लीज में हिस्सेदारी 45 प्रतिशत पहुंच गई?

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क्या जीसीसी भारत के ऑफिस मार्केट का प्राइमरी ग्रोथ इंजन बन गया है, लीज में हिस्सेदारी 45 प्रतिशत पहुंच गई?

सारांश

क्या जीसीसी ने भारत के ऑफिस मार्केट में अपनी पकड़ मजबूत कर ली है? जानिए कैसे जीसीसी की बढ़ती मांग ने लीज में हिस्सेदारी को 45 प्रतिशत तक पहुंचा दिया है। इस रिपोर्ट में देखें, ऑफिस स्पेस की बदलती मांग और बाजार की दिशा।

Key Takeaways

  • जीसीसी ने 2025 में भारत के ऑफिस मार्केट का प्रमुख विकास इंजन बनने का दावा किया है।
  • लीज में हिस्सेदारी 45 प्रतिशत तक पहुंच गई है।
  • 2025 में 34.9 मिलियन स्क्वायर फीट ऑफिस स्पेस लीज पर लिया गया।
  • ऑफिस स्पेस की मांग में 11 प्रतिशत की वृद्धि देखी गई है।
  • आईटी सेक्टर का 38 प्रतिशत हिस्सा लीज में है।

नई दिल्ली, 19 जनवरी (राष्ट्र प्रेस)। ग्लोबल कैपेबिलिटी सेंटर्स (जीसीसी) ने 2025 में भारत के ऑफिस मार्केट में प्रमुख विकास इंजन के रूप में अपनी पहचान बनाई है, और अब कुल ऑफिस लीज में इनकी हिस्सेदारी 45 प्रतिशत तक पहुंच गई है, जो कि 2024 में 41 प्रतिशत थी। यह जानकारी सोमवार को एक रिपोर्ट में साझा की गई।

वेस्टियन की रिपोर्ट में बताया गया कि जीसीसी द्वारा 2025 में 34.9 मिलियन स्क्वायर फीट ऑफिस स्पेस लीज पर लिया गया है, जिसमें सालाना आधार पर 20 प्रतिशत की वृद्धि देखी गई है।

रिपोर्ट में यह भी कहा गया कि जीसीसी की मजबूत मांग, अनुकूल नीतिगत माहौल और एच1-बी वीजा पर प्रतिबंधों के कारण, भारतभर में ऑफिस स्पेस की लीज 2025 में ऑल-टाइम हाई 78.2 मिलियन स्क्वायर फीट तक पहुंच गई है।

ग्लोबल स्तर पर जारी आर्थिक अनिश्चितताओं और भू-राजनीतिक चुनौतियों के बावजूद, कुल मांग में सालाना आधार पर 11 प्रतिशत की वृद्धि देखी गई है, जो भारत के ऑफिस बाजार की मजबूती को दर्शाता है।

ऑफिस स्पेस लीज में आईटी सेक्टर लगातार शीर्ष पर बना हुआ है, जिसकी हिस्सेदारी कुल लीज में 38 प्रतिशत रही है। इसके बाद BFSI और फ्लेक्स स्पेस की हिस्सेदारी 14-14 प्रतिशत रही है। यह दर्शाता है कि ऑफिस स्पेस की मांग में विविधीकरण बढ़ रहा है।

2025 में ऑफिस स्पेस लीज पर लेने वाले आईटी-आईटीईएस क्षेत्र के आधे से अधिक नियोक्ता जीसीसी कंपनियां थीं।

मूल्य के हिसाब से, आईटी-आईटीईएस क्षेत्र द्वारा अधिग्रहित कुल क्षेत्रफल में जीसीसी कंपनियों का 60 प्रतिशत योगदान था, जो बाजार विस्तार में उनकी केंद्रीय भूमिका को स्पष्ट करता है।

2025 में जीसीसी कंपनियों द्वारा लीज पर लिए गए कुल क्षेत्रफल में बेंगलुरु ने 32 प्रतिशत की हिस्सेदारी के साथ शीर्ष स्थान प्राप्त किया, जबकि हैदराबाद 19 प्रतिशत के साथ दूसरे स्थान पर था।

रिपोर्ट के अनुसार, ऑफिस स्पेस की मांग में लगातार वृद्धि देखने को मिल रही है और मौजूदा गति को देखते हुए, 2026 के अंत तक यह बढ़कर 85-90 मिलियन वर्ग फुट तक पहुंचने की उम्मीद है। इस वृद्धि का मुख्य कारण जीसीसी की निरंतर मांग होगी।

Point of View

यह कहना उचित होगा कि जीसीसी की बढ़ती मांग भारत के ऑफिस मार्केट के लिए एक सकारात्मक संकेत है। यह न केवल आर्थिक विकास को दर्शाता है, बल्कि यह हमारे देश में व्यापार के लिए अनुकूल माहौल को भी रेखांकित करता है।
NationPress
19/01/2026

Frequently Asked Questions

जीसीसी का क्या महत्व है?
जीसीसी की बढ़ती मांग ने भारत के ऑफिस मार्केट में महत्वपूर्ण योगदान दिया है, जिससे लीज की हिस्सेदारी बढ़ी है।
2025 में ऑफिस लीज में वृद्धि का कारण क्या है?
मजबूत मांग, अनुकूल नीतियों और एच1-बी वीजा पर प्रतिबंधों के कारण ऑफिस लीज में वृद्धि हुई है।
आईटी सेक्टर की ऑफिस लीज में हिस्सेदारी कितनी है?
आईटी सेक्टर की हिस्सेदारी कुल लीज में 38 प्रतिशत है, जो इसे शीर्ष पर बनाए रखती है।
भारत में ऑफिस स्पेस की मांग में क्या बदलाव आ रहा है?
ऑफिस स्पेस की मांग में लगातार विविधीकरण बढ़ रहा है, जो बाजार की मजबूती का संकेत है।
क्या 2026 तक ऑफिस स्पेस की मांग बढ़ने की उम्मीद है?
जी हां, मौजूदा गति को देखते हुए 2026 के अंत तक मांग 85-90 मिलियन वर्ग फुट तक पहुंचने की उम्मीद है।
Nation Press