क्या राजा भैया की पत्नी भानवी सिंह के मामले में दिल्ली हाईकोर्ट चार महीने में फैसला देगा?
सारांश
Key Takeaways
- सुप्रीम कोर्ट ने दिल्ली हाईकोर्ट को निर्देश दिया है कि चार महीने में फैसला सुनाए।
- भानवी सिंह की शिकायत पर घरेलू हिंसा का मामला दर्ज हुआ है।
- राजा भैया और भानवी अलग रह रहे हैं और तलाक का मामला भी चल रहा है।
- मामले में सुरक्षा मांग पर कोर्ट ने ध्यान देने का भरोसा दिया है।
नई दिल्ली, 19 जनवरी (राष्ट्र प्रेस)। उत्तर प्रदेश के प्रतापगढ़ जिले की कुंडा सीट से विधायक रघुराज प्रताप सिंह, जिन्हें राजा भैया के नाम से जाना जाता है, और उनकी पत्नी भानवी सिंह से संबंधित घरेलू हिंसा के मामले में सुप्रीम कोर्ट ने सोमवार को महत्वपूर्ण निर्देश दिए। सर्वोच्च न्यायालय ने दिल्ली हाईकोर्ट को निर्देश दिया है कि वह इस मामले में निचली अदालत द्वारा जारी समन पर लगी रोक से संबंधित याचिका पर चार महीने के भीतर फैसला सुनाए।
यह मामला भानवी सिंह द्वारा दायर घरेलू हिंसा की शिकायत से संबंधित है। उन्होंने यह याचिका दिल्ली की निचली अदालत में दायर की थी, जो अब भी लंबित है। निचली अदालत ने इस मामले में राजा भैया को समन जारी किया था, लेकिन बाद में दिल्ली हाईकोर्ट ने 2024 में इन समनों पर रोक लगा दी थी।
सुनवाई के दौरान सुप्रीम कोर्ट ने मामले की मेरिट यानी तथ्यों और आरोपों पर कोई टिप्पणी नहीं की। हालांकि, यह स्पष्ट किया गया कि लंबे समय से लंबित इस विवाद को देखते हुए हाईकोर्ट को समन पर रोक से संबंधित मुद्दे पर समयबद्ध तरीके से निर्णय लेना चाहिए। सुप्रीम कोर्ट ने दिल्ली हाईकोर्ट को चार महीने के भीतर इस मामले में अंतिम फैसला करने का निर्देश दिया।
घरेलू हिंसा की मुख्य याचिका अब भी दिल्ली की निचली अदालत में विचाराधीन है। हाईकोर्ट द्वारा समन पर लगाई गई रोक के कारण आगे की कार्यवाही बाधित हो रही थी।
यह मामला भानवी सिंह की शिकायत पर दर्ज हुआ था, जिसमें उन्होंने लंबे समय से शारीरिक और मानसिक प्रताड़ना का आरोप लगाया है। दोनों अलग रह रहे हैं और तलाक का केस भी चल रहा है। भानवी ने पहले भी कई बार सुरक्षा और न्याय की गुहार लगाई है। कोर्ट ने मामले की गंभीरता को देखते हुए सुरक्षा मांग पर ध्यान देने का भरोसा दिया। राजा भैया की ओर से अभी कोर्ट में कोई जवाब नहीं आया है।