क्या विदर्भ ने विजय हजारे ट्रॉफी में पहली बार चैंपियन बनने का ऐतिहासिक कार्य किया?
सारांश
Key Takeaways
- विदर्भ की विजय हजारे ट्रॉफी में पहली बार जीत।
- 5 खिलाड़ियों का उत्कृष्ट प्रदर्शन।
- फाइनल में अथर्व तायडे ने शतकीय पारी खेली।
- अमन रवींद्र मोखड़े रहे शीर्ष स्कोरर।
- यश ठाकुर ने गेंदबाजी में बेहतरीन प्रदर्शन किया।
नई दिल्ली, 19 जनवरी (राष्ट्र प्रेस)। विदर्भ ने भारतीय घरेलू क्रिकेट की लिस्ट ए फॉर्मेट की सबसे प्रतिष्ठित विजय हजारे ट्रॉफी (2025-26) पर कब्जा कर लिया है। यह विदर्भ का पहला खिताब है। रविवार को खेले गए फाइनल में विदर्भ ने दो बार के चैंपियन सौराष्ट्र को हराया।
फाइनल में विदर्भ के सलामी बल्लेबाज अथर्व तायडे ने शानदार शतकीय पारी खेलकर प्लेयर ऑफ द मैच का खिताब जीता। उन्होंने इस महत्वपूर्ण मुकाबले में यादगार प्रदर्शन किया। इस टूर्नामेंट में विदर्भ के 5 खिलाड़ियों ने, जिनमें 3 बल्लेबाज और 2 गेंदबाज शामिल हैं, उत्कृष्ट खेल दिखाया और टीम को पहली बार चैंपियन बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। आइए इन खिलाड़ियों की उपलब्धियों पर एक नजर डालते हैं।
अमन रवींद्र मोखड़े ने विजय हजारे ट्रॉफी (2025-26) में सर्वाधिक रन बनाते हुए 10 मैचों में 10 पारियों में 5 शतक और 1 अर्धशतक के साथ 814 रन बनाए। उनका औसत 90.44 रहा और सर्वाधिक स्कोर नाबाद 150 रन रहा।
ध्रुव शौरी ने 9 मैचों में 9 पारियों में 2 शतक और 1 अर्धशतक लगाते हुए 515 रन बनाए। उनका औसत 73.57 रहा और सर्वाधिक स्कोर 136 रन रहा। वह सीजन के आठवें सर्वश्रेष्ठ बल्लेबाज रहे।
आर समर्थ ने भी 10 मैचों की 8 पारियों में 1 शतक और 3 अर्धशतक की मदद से 452 रन बनाए।
बल्लेबाजी में उत्कृष्टता के साथ-साथ, विदर्भ के तेज गेंदबाज यश ठाकुर ने भी शानदार प्रदर्शन किया। वह सीजन के चौथे सफल गेंदबाज रहे, जिन्होंने 9 मैचों में 19 विकेट लिए। फाइनल में उन्होंने 50 रन देकर 4 विकेट लिए।
नचिकेत भूते ने भी विदर्भ के लिए यादगार प्रदर्शन किया, जिन्होंने 9 मैचों में 18 विकेट लिए।