क्या इस साल बसंत पंचमी पर विवाह के लिए कोई शुभ मुहूर्त नहीं है?
सारांश
Key Takeaways
- बसंत पंचमी इस साल विवाह के लिए अशुभ है।
- ग्रह-नक्षत्रों की स्थिति ने मांगलिक कार्यों को प्रभावित किया है।
- इस दिन ज्ञान और साधना के लिए शुभ है।
- ज्येष्ठ मास में भी विवाह नहीं हो सकेंगे।
नई दिल्ली, 19 जनवरी (राष्ट्र प्रेस)। बसंत पंचमी का दिन मां सरस्वती को समर्पित होता है और ज्ञान, कला और संगीत से जुड़े लोग इसे विशेष रूप से उत्साह के साथ मनाते हैं। सामान्यतः इस दिन लोग नए कार्यों की शुरुआत करते हैं, घर में पूजा करते हैं, और सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि मांगलिक कार्य जैसे विवाह, गृह प्रवेश और मुंडन जैसी रस्में भी बहुत शुभ मानी जाती हैं। इस साल 23 जनवरी को आने वाली बसंत पंचमी पर ऐसा नहीं होगा। इस वर्ष इस दिन विवाह के लिए कोई शुभ मुहूर्त नहीं बन रहा है।
धर्मशास्त्र में स्पष्ट लिखा है कि जब शुक्र या गुरु का तारा अस्त हो जाता है, तो विवाह या किसी भी मांगलिक कार्य के लिए समय अनुकूल नहीं माना जाता। इस साल बसंत पंचमी के दिन चंद्रमा मीन राशि में रहेगा, और उसके साथ पूर्व भाद्रपद नक्षत्र और परिघ योग जुड़ा हुआ है। इन सभी ग्रहों और नक्षत्रों की स्थिति के कारण यह दिन विवाह जैसे महत्वपूर्ण कार्य के लिए सही नहीं माना गया है। इसलिए जो लोग इस दिन शादी या गृह प्रवेश करने की योजना बना रहे थे, उन्हें थोड़ी प्रतीक्षा करनी होगी। भारत में लोग बसंत पंचमी को अबूझ मुहूर्त मानकर मांगलिक कार्य करते आए हैं, लेकिन इस बार परिस्थितियाँ अलग हैं।
बसंत पंचमी माघ मास के शुक्ल पक्ष की पंचमी को कहा जाता है। यही वह दिन है जब खटवांग जयंती और तक्षक पंचमी का भी संयोग होता है। आमतौर पर इस दिन पीले रंग के वस्त्र पहनने, पीले फूल चढ़ाने और पीले खाद्य पदार्थ जैसे बूंदी के लड्डू, मालपुआ, खीर और पीले चावल अर्पित करने की परंपरा है। मंदिरों में फाग महोत्सव भी इसी दिन प्रारंभ होता है, जहां भगवान को गुलाल अर्पित किया जाता है। ये सभी परंपराएँ बसंत ऋतु के आगमन और मां सरस्वती की पूजा के प्रतीक हैं।
इस बार बसंत पंचमी पर भले ही विवाह और गृह प्रवेश का मुहूर्त न बने, लेकिन यह दिन फिर भी पूजा-पाठ, ज्ञान की साधना और कला-संगीत में रुझान रखने के लिए अत्यंत शुभ है।
साथ ही, इस साल ज्येष्ठ मास में अधिक मास रहेगा, जो 17 मई से 15 जून तक चलेगा। इस दौरान भी विवाह और अन्य मांगलिक कार्य नहीं किए जा सकते। ज्येष्ठ मास के बाद शुद्ध ज्येष्ठ मास शुरू होने पर ही विवाह के लिए योग बनेंगे।