क्या इस देश में मुसलमान होना अब अपराध बन गया है?: वारिस पठान
सारांश
Key Takeaways
- वारिस पठान ने नमाज पढ़ने पर गिरफ्तारी का विरोध किया।
- उन्होंने धार्मिक स्वतंत्रता की बात की।
- शिवसेना पर गंभीर आरोप लगाए।
- लोकतंत्र की रक्षा की आवश्यकता को रेखांकित किया।
मुंबई, 19 जनवरी (राष्ट्र प्रेस)। उत्तर प्रदेश के बरेली में एक खाली घर में नमाज पढ़ने के दौरान पुलिस द्वारा की गई कार्रवाई को लेकर एआईएमआईएम के नेता वारिस पठान ने तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त की है। उन्होंने यह सवाल उठाया कि क्या इस देश में अब मुसलमान होना एक अपराध बन गया है।
उन्होंने समाचार एजेंसी राष्ट्र प्रेस से बातचीत में कहा कि सोशल मीडिया पर एक वीडियो वायरल हो रहा है, जिसमें लगभग 12 लोग एक घर के अंदर बिना किसी को परेशानी पहुंचाए जुमा की नमाज अदा कर रहे थे। इसके बावजूद पुलिस ने उन पर कार्रवाई करते हुए उन्हें गिरफ्तार कर लिया। हालांकि, बाद में उन्हें जमानत मिल गई। वारिस पठान ने यह सवाल किया कि किस कानून के तहत इन लोगों को गिरफ्तार किया गया।
उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि जब सड़क पर नमाज पढ़ी जाती है, तो लोगों के साथ मारपीट होती है, और अब घर के अंदर नमाज पढ़ने पर भी कार्रवाई की जा रही है। संविधान ने सभी नागरिकों को धार्मिक स्वतंत्रता दी है और हर व्यक्ति को अपने धर्म के अनुसार पूजा करने का अधिकार है।
उत्तर प्रदेश सरकार से सवाल करते हुए उन्होंने कहा कि इन लोगों को किस कानून के आधार पर गिरफ्तार किया गया है और यह कार्रवाई पूरी तरह से असंवैधानिक है। इस तरह की कार्रवाई देश के लिए ठीक नहीं है।
मुंबई की राजनीति पर वारिस पठान ने शिवसेना शिंदे गुट पर भी निशाना साधा। उन्होंने कहा कि किस तरह शिवसेना के पार्षदों को मुंबई के ताज होटल में ठहराया गया है, यह बात जनता समझ रही है। उन्होंने सवाल किया कि आखिर उन्हें वहां क्यों रखा गया और इसके पीछे क्या कारण है।
उन्होंने दावा किया कि उन्हें जानकारी मिली है कि अन्य पार्टियों के नेता भी वहां मिलने गए थे और इस मुद्दे पर चर्चा हो रही थी कि अगला मेयर कौन बनेगा। उन्होंने आशंका व्यक्त की कि शायद कोई बड़ा राजनीतिक खेल होने वाला है, जिसका खुलासा मेयर चुने जाने के बाद ही होगा।
विपक्ष में बैठने और किसी पार्टी को समर्थन देने के सवाल पर वारिस पठान ने स्पष्ट किया कि फिलहाल एआईएमआईएम विपक्ष में है और समर्थन देने का निर्णय पार्टी के सुप्रीमो का होगा।
एआईएमआईएम के नगरसेवकों के टूटने के डर पर उन्होंने कहा कि उन्हें विश्वास है कि जिन उम्मीदवारों को जनता ने वोट दिया है, वे उस विश्वास पर कायम रहेंगे।
शिवसेना और अन्य दलों द्वारा एआईएमआईएम के बढ़ते प्रभाव को खतरा बताए जाने पर उन्होंने कड़ा पलटवार किया। उन्होंने कहा कि ऐसे बयान देकर वे जनता का अपमान कर रहे हैं, जिन्होंने लोकतांत्रिक तरीके से वोट देकर उनकी पार्टी को सफल बनाया है।
उन्होंने कहा कि असली खतरा उन पार्टियों से है जो नफरत की राजनीति करती हैं और समाज को बांटने का काम करती हैं। ऐसी राजनीति से न केवल लोकतंत्र बल्कि पूरी इंसानियत को खतरा है।