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सुप्रीम कोर्ट ने अलगाववादी नेता शब्बीर अहमद शाह को टेरर फंडिंग केस में दी जमानत, 6 साल बाद मिली राहत

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सुप्रीम कोर्ट ने अलगाववादी नेता शब्बीर अहमद शाह को टेरर फंडिंग केस में दी जमानत, 6 साल बाद मिली राहत

सारांश

सुप्रीम कोर्ट ने कश्मीरी नेता शब्बीर अहमद शाह को टेरर फंडिंग मामले में जमानत दी है। शाह 2019 से हिरासत में थे। जानिए इस फैसले के पीछे की कहानी और इसके प्रभाव।

मुख्य बातें

शब्बीर अहमद शाह को जमानत मिली है।
वे 2019 से हिरासत में थे।
सुप्रीम कोर्ट ने ट्रायल की धीमी गति पर सवाल उठाए।
जमानत पर कुछ शर्तें लगाई गई हैं।
इस मामले का राजनीतिक और सामाजिक प्रभाव है।

नई दिल्ली, 12 मार्च (राष्ट्र प्रेस)। कश्मीरी अलगाववादी नेता शब्बीर अहमद शाह को टेरर फंडिंग मामले में सुप्रीम कोर्ट से जमानत मिल गई है। शब्बीर शाह पिछले चार साल से राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) की हिरासत में थे, और अब कुछ शर्तों के साथ उन्हें राहत मिली है।

दिल्ली हाईकोर्ट ने पहले उनकी जमानत याचिका को खारिज कर दिया था। इसके बाद शब्बीर शाह ने सुप्रीम कोर्ट में अपील की थी। याचिका में उन्होंने बताया कि उनकी उम्र 74 वर्ष हो चुकी है और वे इस मामले में छह साल से अधिक समय से जेल में हैं। ट्रायल में कुल 400 गवाहों में से केवल 15 की गवाही ही पूरी हुई है।

शाह पर आरोप था कि वे जम्मू-कश्मीर को भारत से अलग करने की साजिश में शामिल थे और टेरर फंडिंग में उनका हाथ था। एनआईए ने मामले में कई चार्जशीट दायर की थीं, जिनमें शाह बाद में शामिल हुए थे।

सुप्रीम कोर्ट ने सुनवाई के दौरान एनआईए से खासकर 1990 के दशक की पुरानी स्पीच पर आधारित सबूतों को लेकर कई सवाल उठाए थे। कोर्ट ने पूछा कि इतने पुराने बयानों पर अब कैसे भरोसा किया जा सकता है और 6 साल से अधिक हिरासत का ठोस आधार क्या है।

फरवरी 2026 में कोर्ट ने एनआईए को पुराने सबूतों के बजाय नए और समकालीन प्रमाण पेश करने को कहा था। सुनवाई कई बार टाली गई और अंततः शब्बीर शाह की उम्र, लंबी हिरासत और ट्रायल की धीमी गति को ध्यान में रखते हुए जमानत मंजूर कर दी गई। जमानत पर कुछ शर्तें लगाई गई हैं, जैसे कि वे जेल से बाहर रहते हुए किसी गैरकानूनी गतिविधि में शामिल नहीं होंगे और ट्रायल में सहयोग करेंगे।

संपादकीय दृष्टिकोण

इस मामले में राजनीतिक और सामाजिक दृष्टिकोण से गंभीर विचार करने की आवश्यकता है।
RashtraPress
10 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

शब्बीर अहमद शाह को कब जमानत मिली?
उन्हें 12 मार्च को सुप्रीम कोर्ट से जमानत मिली।
शब्बीर शाह पर क्या आरोप हैं?
उन्हें जम्मू-कश्मीर को भारत से अलग करने की साजिश और टेरर फंडिंग में शामिल होने का आरोप है।
शब्बीर शाह कितने समय से जेल में थे?
वे 2019 से जेल में थे, यानी लगभग 6 साल।
सुप्रीम कोर्ट ने जमानत के लिए क्या शर्तें लगाईं?
उन्हें किसी गैरकानूनी गतिविधि में शामिल नहीं होना है और ट्रायल में सहयोग करना है।
क्या एनआईए ने इस मामले में कोई चार्जशीट दायर की थी?
हाँ, एनआईए ने कई चार्जशीट दायर की थीं।
राष्ट्र प्रेस
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