एनआईए ने जम्मू कश्मीर के अलगाववादी नेता शब्बीर अहमद को 30 साल पुराने मामले में गिरफ्तार किया
सारांश
मुख्य बातें
नई दिल्ली, 18 अप्रैल (राष्ट्र प्रेस)। जम्मू कश्मीर के अलगाववादी नेता शब्बीर अहमद शाह को 30 साल पुराने मामले में राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) ने शुक्रवार शाम को गिरफ्तार किया है। मार्च में उन्हें दो मामलों में जमानत मिली थी।
1996 में पुलिसकर्मियों पर हमले के आरोप में एनआईए की श्रीनगर शाखा ने शब्बीर अहमद शाह को गिरफ्तार कर दिल्ली के पटियाला हाउस कोर्ट में पेश किया। कोर्ट से तीन दिनों की ट्रांजिट रिमांड लेकर शब्बीर शाह को एनआईए जम्मू कश्मीर ले गई। मार्च में सुप्रीम कोर्ट और पटियाला हाउस कोर्ट ने अलग-अलग मामलों में शब्बीर को जमानत दी थी। 39 साल तक हिरासत और नजरबंद रहने के बाद उन्हें जमानत मिली थी।
सुप्रीम कोर्ट ने शब्बीर अहमद शाह को टेरर फंडिंग मामले में 12 मार्च को जमानत दी थी। पहले दिल्ली हाईकोर्ट ने उनकी जमानत याचिका खारिज कर दी थी, जिसके खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में अपील की गई थी। शब्बीर शाह ने अपनी याचिका में कहा कि उनकी उम्र अब 74 वर्ष हो चुकी है और वे इस मामले में छह साल से अधिक समय से जेल में हैं। ट्रायल में कुल 400 गवाह हैं, जिनमें से केवल 15 की ही गवाही पूरी हुई है।
शाह पर आरोप था कि वे जम्मू-कश्मीर को भारत से अलग करने की साजिश में शामिल थे और टेरर फंडिंग में उनका हाथ था। एनआईए ने इस मामले में कई चार्जशीट दाखिल की थीं, जिसमें बाद में शाह को शामिल किया गया।
पटियाला हाउस कोर्ट ने 28 मार्च को शब्बीर अहमद शाह को धनशोधन (मनी लॉन्ड्रिंग) मामले में जमानत दी थी। शब्बीर को वर्ष 2019 में एनआईए ने टेरर फंडिंग से जुड़े मामले में गिरफ्तार किया था। इस आधार पर प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने उनके खिलाफ धनशोधन का केस दर्ज किया था। विशेष एनआईए जज प्रशांत शर्मा की कोर्ट ने एक लाख रुपये के निजी मुचलके और समान राशि के बॉंड पर जमानत मंजूर की थी।