सोने और चांदी की कीमतों में तेजी जारी, डॉलर की कमजोरी से बढ़ी मांग

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सोने और चांदी की कीमतों में तेजी जारी, डॉलर की कमजोरी से बढ़ी मांग

सारांश

सोने की कीमतें लगातार तीसरे सप्ताह बढ़ती जा रही हैं। डॉलर की कमजोरी और सुरक्षित निवेश की बढ़ती मांग ने इस तेजी को समर्थन दिया है। जानिए इस हफ्ते की कीमतों का हाल और बाजार की स्थिति।

Key Takeaways

  • सोने की कीमतों में 1.65 प्रतिशत की वृद्धि हुई है।
  • अमेरिकी डॉलर की कमजोरी ने निवेशकों को आकर्षित किया है।
  • चांदी के भाव में भी हल्की तेजी देखी गई है।
  • बाजार में संतुलित लेकिन सतर्क माहौल है।
  • कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट से महंगाई कम होने की उम्मीद है।

मुंबई, 11 अप्रैल (राष्ट्र प्रेस)। इस सप्ताह सोने की कीमतों में 1.65 प्रतिशत की वृद्धि हुई है, जिससे यह लगातार तीसरे सप्ताह तेजी के दौर में बनी हुई है। सुरक्षित निवेश की बढ़ती मांग, अमेरिकी डॉलर की कमजोरी, और अमेरिका-ईरान के बीच चल रही सीजफायर वार्ता ने इस तेजी को मजबूती प्रदान की है।

सप्ताह के अंतिम कारोबारी दिन, शुक्रवार को एमसीएक्स पर सोने के जून फ्यूचर्स में 0.02 प्रतिशत की मामूली बढ़त देखी गई, जबकि चांदी के मई फ्यूचर्स में 0.01 प्रतिशत की वृद्धि हुई।

शुक्रवार को सोने के फ्यूचर्स 1,52,690 रुपए प्रति 10 ग्राम और चांदी के फ्यूचर्स 2,43,300 रुपए प्रति किलोग्राम पर कारोबार करते दिखे।

इंडिया बुलियन एंड ज्वैलर्स एसोसिएशन (आईबीजेए) के मुताबिक, 999 प्यूरिटी वाले सोने का भाव शुक्रवार को 1,50,327 रुपए प्रति 10 ग्राम रहा, जो सोमवार के 1,47,891 रुपए के स्तर से अधिक है। इसी प्रकार, 999 प्यूरिटी वाली चांदी की कीमत शुक्रवार को 2,39,934 रुपए प्रति किलोग्राम रही, जो पिछले सोमवार के 2,31,028 रुपए से अधिक है।

विश्लेषकों का कहना है कि अंतरराष्ट्रीय बाजार में कॉमेक्स पर सोना 3 प्रतिशत साप्ताहिक वृद्धि के साथ 4,787.40 डॉलर प्रति ट्रॉय औंस पर बंद हुआ। हालाँकि, 5,000 डॉलर के स्तर को मजबूत रेजिस्टेंस माना जा रहा है, जिसके पार जाने पर तेज तेजी देखने को मिल सकती है।

बाजार विशेषज्ञों का कहना है कि अमेरिका-ईरान के बीच तनाव कम होने से डॉलर पर दबाव आया है, जिससे निवेशकों ने ब्याज दरों के भविष्य के बारे में नए सिरे से आकलन करना शुरू किया है।

कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट से महंगाई कम होने की आशा है, जिससे अमेरिकी फेडरल रिजर्व द्वारा भविष्य में ब्याज दरों में कटौती की संभावना भी बढ़ी है।

इस सप्ताह कमोडिटी बाजार में संतुलित लेकिन सतर्क माहौल बना रहा, जहाँ कीमतों में स्थिरता के संकेत देखे गए, हालाँकि वैश्विक अनिश्चितता अभी भी बनी हुई है। हाल की अस्थिरता के बाद कीमती धातुओं में स्थिरता के शुरुआती संकेत भी देखने को मिल रहे हैं।

विशेषज्ञों के अनुसार, डॉलर-रुपया (यूएसडी/आईएनआर) की चाल आगे भी कीमतों को प्रभावित करेगी। हाल ही में रुपए की मजबूती ने घरेलू बाजार में कीमतों को कुछ हद तक संतुलित किया है।

अगर डॉलर फिर से मजबूत होता है या वैश्विक जोखिम बढ़ता है, तो इसका असर कीमतों पर पड़ सकता है।

एमसीएक्स पर सोने के लिए 1,48,000 से 1,46,000 रुपए का स्तर मजबूत सपोर्ट माना जा रहा है, जबकि 1,54,000 से 1,55,000 रुपए के बीच रेजिस्टेंस है।

चांदी के लिए 2,30,000 से 2,25,000 रुपए का सपोर्ट जोन बना हुआ है, जबकि गहरे स्तर पर 2,05,000 से 2,00,000 रुपए का सपोर्ट माना जा रहा है।

Point of View

यह स्पष्ट है कि सोने और चांदी की कीमतों में बढ़ोतरी वैश्विक आर्थिक परिस्थितियों और डॉलर की कमजोरी से प्रभावित हो रही है। निवेशकों को इस दिशा में ध्यान देना चाहिए।
NationPress
18/04/2026

Frequently Asked Questions

सोने की कीमतों में वृद्धि का मुख्य कारण क्या है?
सोने की कीमतों में वृद्धि का मुख्य कारण सुरक्षित निवेश की बढ़ती मांग, अमेरिकी डॉलर की कमजोरी और अमेरिका-ईरान के बीच चल रही सीजफायर वार्ता है।
क्या सोने की कीमतें और बढ़ सकती हैं?
हाँ, यदि डॉलर की मजबूती कम होती है और वैश्विक जोखिम बढ़ता है, तो सोने की कीमतों में और वृद्धि संभव है।
चांदी के दामों में क्या बदलाव आया है?
चांदी के दामों में भी हल्की वृद्धि देखी गई है, जो कि वैश्विक बाजार की स्थिति से प्रभावित हो रही है।
क्या डॉलर की कीमतों का सोने पर असर पड़ता है?
जी हाँ, डॉलर की कीमतों में बदलाव सोने की कीमतों को सीधे प्रभावित कर सकता है।
क्या हमें सोने में निवेश करना चाहिए?
यह आपके वित्तीय लक्ष्यों और बाजार की स्थिति पर निर्भर करता है। विशेषज्ञों की सलाह लेना हमेशा अच्छा होता है।
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