क्या बीआईएस ने 2025 में 600 से अधिक नए मानक विकसित किए और 9,700 नए लाइसेंस जारी किए?

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क्या बीआईएस ने 2025 में 600 से अधिक नए मानक विकसित किए और 9,700 नए लाइसेंस जारी किए?

सारांश

वर्ष 2025 भारतीय मानक ब्यूरो (बीआईएस) के लिए महत्वपूर्ण रहा, जिसमें 600 नए मानक विकसित हुए और 9,700 नए लाइसेंस जारी किए गए। यह विकास आयुष, रोबोटिक्स, एआई जैसे क्षेत्रों में है। जानें, इस उपलब्धि का क्या मतलब है!

Key Takeaways

  • बीआईएस ने 600 नए मानक विकसित किए।
  • कुल मानकों की संख्या 23,293 हो गई।
  • 9,700 नए लाइसेंस जारी किए गए।
  • डिजिटल तकनीक का प्रभावी उपयोग।
  • उपभोक्ताओं को गुणवत्ता सुनिश्चित करना।

नई दिल्ली, 7 जनवरी (राष्ट्र प्रेस)। वर्ष 2025 भारतीय मानक ब्यूरो (बीआईएस) के लिए एक महत्वपूर्ण वर्ष रहा। बीआईएस के महानिदेशक संजय गर्ग ने कहा कि इस साल बीआईएस ने 600 से अधिक नए मानक विकसित किए हैं। इस विकास के साथ देश में मानकों की कुल संख्या बढ़कर 23,293 हो गई है। ये मानक आयुष, रोबोटिक्स, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, पर्यावरण, और नई उभरती तकनीकों से जुड़े हैं।

संजय गर्ग ने बताया कि उत्पाद प्रमाणन के क्षेत्र में भी उल्लेखनीय वृद्धि हुई है। तेज प्रक्रिया वाली सर्टिफिकेशन स्कीम के तहत आने वाले प्रोडक्ट्स की संख्या 758 से बढ़कर 1,288 हो गई है।

साल 2025 में लगभग 9,700 नए लाइसेंस जारी किए गए, जिनमें से अधिकांश लाइसेंस 30 दिनों के भीतर प्रदान किए गए। इसके साथ ही देश में कुल प्रोडक्ट सर्टिफिकेशन लाइसेंसों की संख्या 51,500 से अधिक हो गई है।

वर्ष 2025 में पहली बार 124 नए उत्पादों को बीआईएस के अनिवार्य सर्टिफिकेशन के तहत लाया गया, जिससे प्रमाणित उत्पादों की कुल संख्या 1,437 से अधिक हो गई। इनमें नोट गिनने की मशीनें और मशीनों की सुरक्षा से जुड़ी ढलाई मशीनें शामिल हैं, जिन्हें भारतीय रिजर्व बैंक और अंतरराष्ट्रीय मानकों के अनुसार तैयार किया गया है।

79वें बीआईएस स्थापना दिवस पर संजय गर्ग ने बताया कि बीआईएस ने डिजिटल तकनीक का प्रभावी उपयोग किया है। इसके लिए मानक ऑनलाइन पोर्टल, आसान लाइसेंस प्रक्रिया, तेज परीक्षण लाइसेंस, समूह आधारित परीक्षण केंद्र और मजबूत जांच सुविधाएं शुरू की गईं। इसके चलते 98 प्रतिशत आसान प्रक्रिया वाले और 85 प्रतिशत सामान्य प्रक्रिया वाले लाइसेंस 30 दिनों में जारी हो रहे हैं।

केंद्रीय मंत्री प्रह्लाद जोशी ने कहा कि बीआईएस लगातार अपने मानकों में सुधार कर रहा है और अंतरराष्ट्रीय स्तर की अच्छी प्रक्रियाओं को अपना रहा है। अब भारतीय मानक केवल पुराने क्षेत्रों तक सीमित नहीं हैं, बल्कि नवीकरणीय ऊर्जा, विद्युत वाहन, स्मार्ट इन्फ्रास्ट्रक्चर, डिजिटल तकनीक, हरित उत्पाद, और यहां तक कि बम निष्क्रिय करने की प्रणाली और इलेक्ट्रिक एग्रीकल्चर ट्रैक्टर जैसे नए क्षेत्रों में भी फैल गए हैं।

केंद्रीय मंत्री ने कहा कि पिछले 10 वर्षों में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में बीआईएस में बड़ा बदलाव आया है। अब बीआईएस केवल नियम लागू करने वाली संस्था नहीं रही, बल्कि गुणवत्ता को बढ़ावा देने वाली संस्था बन गई है।

सरकार के व्यापार में आसानी के लक्ष्य के तहत बीआईएस ने नियमों को सरल बनाया है। छोटे उद्योगों और प्रयोगशालाओं को शुल्क में छूट दी गई है।

उन्होंने कहा कि सूक्ष्म उद्योगों को 80 प्रतिशत, छोटे उद्योगों को 50 प्रतिशत और मध्यम उद्योगों को 20 प्रतिशत तक वार्षिक शुल्क में राहत दी जाती है। इसके साथ ही उपभोक्ताओं को अच्छी गुणवत्ता का सामान मिले, इसके लिए बाजार की निगरानी भी मजबूत की गई है।

Point of View

मैं यह कह सकता हूं कि बीआईएस की ये उपलब्धियां भारतीय मानकों को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्रतिस्पर्धी बनाने के लिए बहुत महत्वपूर्ण हैं। यह न केवल उद्योगों के लिए बल्कि उपभोक्ताओं के लिए भी गुणवत्ता सुनिश्चित करता है।
NationPress
08/01/2026

Frequently Asked Questions

बीआईएस का मुख्य उद्देश्य क्या है?
बीआईएस का उद्देश्य मानकों को विकसित करना और उत्पादों की गुणवत्ता को सुनिश्चित करना है।
बीआईएस ने 2025 में कितने मानक विकसित किए?
बीआईएस ने 2025 में 600 नए मानक विकसित किए।
बीआईएस के लाइसेंस कितने दिनों में जारी होते हैं?
आसान प्रक्रिया वाले 98 प्रतिशत लाइसेंस 30 दिनों में जारी होते हैं।
क्या बीआईएस ने डिजिटल तकनीक का उपयोग किया है?
बीआईएस ने डिजिटल तकनीक का प्रभावी उपयोग किया है, जिससे प्रक्रिया को सरल बनाया गया है।
केंद्रीय मंत्री प्रह्लाद जोशी ने बीआईएस के बारे में क्या कहा?
केंद्रीय मंत्री ने कहा कि बीआईएस लगातार अपने मानकों को बेहतर बना रहा है।
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