क्या सरकार की स्थिर नीतियों और 'स्टार्टअप इंडिया' ने भारत को वैश्विक निवेशकों का पसंदीदा बना दिया?

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क्या सरकार की स्थिर नीतियों और 'स्टार्टअप इंडिया' ने भारत को वैश्विक निवेशकों का पसंदीदा बना दिया?

सारांश

भारत के स्टार्टअप संस्थापकों का मानना है कि पिछले एक दशक में सरकार की स्थिर नीतियों और 'स्टार्टअप इंडिया' पहल ने देश को वैश्विक निवेशकों का पसंदीदा बना दिया है। जानें इस सफलता के पीछे की कहानी और उद्यमिता की बदलती धारणा के बारे में।

Key Takeaways

  • भारत का स्टार्टअप क्षेत्र पिछले एक दशक में तेजी से बढ़ा है।
  • सरकार की स्थिर नीतियां और 'स्टार्टअप इंडिया' पहल का महत्वपूर्ण योगदान है।
  • उद्यमिता को अब समाज में स्वीकृति मिल रही है।

नई दिल्ली, 15 जनवरी (राष्ट्र प्रेस)। भारत के प्रमुख स्टार्टअप संस्थापकों ने गुरुवार को कहा कि पिछले एक दशक में देश का स्टार्टअप क्षेत्र अभूतपूर्व रूप से आगे बढ़ा है। इसके पीछे स्थिर सरकार की नीतियां, 'स्टार्टअप इंडिया' पहल, सरकार का सहयोग और मजबूत उद्यमशीलता संस्कृति बड़ी वजह रही है।

'स्टार्टअप इंडिया' पहल के 16 जनवरी को दस साल पूरे होने जा रहे हैं। इस मौके पर उद्यमियों का मानना है कि भारत अब वैश्विक निवेशकों के लिए सबसे पसंदीदा देशों में से एक बन चुका है और देश में उद्यमिता का भविष्य काफी उज्ज्वल है।

जेरोधा के को-फाउंडर निखिल कामथ ने कहा कि भारत में स्टार्टअप्स के लिए पिछला दशक बहुत अच्छा रहा है, खासकर जब इसकी तुलना दुनिया के दूसरे हिस्सों से की जाए।

उन्होंने कहा कि नीतियों में स्थिरता और निरंतरता ने भारत को दूसरे प्रतिस्पर्धी देशों से आगे रखा है।

निखिल कामथ के अनुसार, जहां वैश्विक निवेशक यूरोप, चीन और अमेरिका को लेकर सतर्क हैं, वहीं भारत को लेकर वे अब भी सकारात्मक सोच रखते हैं।

उन्होंने कहा कि विदेश में भारत की स्टार्टअप कहानी अच्छे तरीके से बताई गई है, जिससे निवेशकों की रुचि बढ़ी है।

कामथ ने यह भी कहा कि आज भारत में उद्यमिता को समाज में स्वीकार किया जाने लगा है और युवा इसे एक आकर्षक विकल्प मानने लगे हैं।

ओयो के संस्थापक और सीईओ रितेश अग्रवाल ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ अपने अनुभव साझा करते हुए उन्हें 'स्टार्टअप प्रधानमंत्री' बताया।

उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री दूरदर्शी सोच रखने के साथ ही जमीनी स्तर पर काम को सफल बनाने पर भी पूरा ध्यान देते हैं।

रितेश अग्रवाल ने 'स्टार्टअप इंडिया' जैसी योजनाओं को समाज की सोच बदलने का श्रेय दिया। उन्होंने कहा कि अब परिवारों में भी उद्यमिता को करियर के रूप में स्वीकार किया जाने लगा है।

उन्होंने बताया कि उनकी अपनी मां ने भी उद्यमिता को तभी सम्मानजनक पेशा माना, जब सरकार ने राष्ट्रीय स्तर पर स्टार्टअप्स का समर्थन किया।

मैपमाईइंडिया के सीईओ और कार्यकारी निदेशक रोहन वर्मा ने कहा कि 'डिजिटल इंडिया' और 'स्टार्टअप इंडिया' को लेकर प्रधानमंत्री की दीर्घकालिक सोच ने युवाओं को प्रेरित किया है।

उन्होंने कहा कि ऐसा नेतृत्व आने वाली पीढ़ी के लिए मजबूत संदेश देता है और अगले दो दशकों में भारत के नवाचार क्षेत्र पर इसका गहरा प्रभाव पड़ेगा।

मीशो के को-फाउंडर संजीव बर्नवाल ने कहा कि 2014 के बाद से 'स्टार्टअप इंडिया' और 'आत्मनिर्भर भारत' जैसी योजनाओं के कारण भारत का स्टार्टअप क्षेत्र तेजी से आगे बढ़ा है।

पॉलिसीबाजार के सीईओ और को-फाउंडर याशीष दहिया ने कहा कि सरकार की 'कम सरकार, बेहतर शासन' की सोच ने स्टार्टअप्स के लिए मजबूत आधार तैयार किया है।

उन्होंने कहा कि 'स्टार्टअप इंडिया' ने देशभर में उद्यमिता की लहर पैदा की है, जो शहरों के साथ-साथ जिलों और राज्यों तक पहुंची है।

Point of View

जो कि स्थिर नीतियों और सरकार के सहयोग से संभव हुआ है। यह दर्शाता है कि कैसे युवा उद्यमी आज के दौर में सफल हो रहे हैं और भारत को वैश्विक निवेशकों के लिए एक पसंदीदा क्षेत्र बना रहे हैं।
NationPress
15/01/2026

Frequently Asked Questions

स्टार्टअप इंडिया क्या है?
स्टार्टअप इंडिया एक सरकारी पहल है जो स्टार्टअप्स को प्रोत्साहित करने और उन्हें विकसित करने के लिए बनाई गई है।
भारत में स्टार्टअप्स का भविष्य कैसा है?
भारत में स्टार्टअप्स का भविष्य उज्ज्वल है, क्योंकि सरकार ने उद्यमिता को प्रोत्साहित करने के लिए कई योजनाएँ बनाई हैं।
स्थिर नीतियों का स्टार्टअप पर क्या प्रभाव है?
स्थिर नीतियों ने स्टार्टअप्स को एक मजबूत आधार और विकास का अवसर प्रदान किया है।
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