क्या पाकिस्तान में महिलाओं की भागीदारी प्रबंधन में सबसे कम है?

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क्या पाकिस्तान में महिलाओं की भागीदारी प्रबंधन में सबसे कम है?

सारांश

पाकिस्तान कार्यस्थलों पर महिलाओं की भागीदारी के मामले में सबसे निचले पायदान पर है। आईएलओ के आंकड़ों के अनुसार, प्रबंधन में महिलाओं की हिस्सेदारी 8 प्रतिशत से भी कम है, जो विश्व स्तर पर बहुत कम है।

Key Takeaways

  • पाकिस्तान में महिलाओं की प्रबंधन में हिस्सेदारी 8 प्रतिशत से भी कम है।
  • यह स्थिति अन्य मुस्लिम देशों की तुलना में काफी खराब है।
  • महिलाओं के प्रति कार्यस्थलों पर भेदभाव की कई रूप हैं।
  • महिलाओं को निर्णय लेने में शामिल नहीं किया जाता।
  • महिलाओं के सुझावों को नजरअंदाज किया जाता है।

नई दिल्ली, 15 जनवरी (राष्ट्र प्रेस)। कार्यस्थलों पर लैंगिक प्रतिनिधित्व के संदर्भ में पाकिस्तान दुनिया के सबसे खराब प्रदर्शन करने वाले देशों में से एक बन गया है। अंतरराष्ट्रीय श्रम संगठन (आईएलओ) के आंकड़ों के अनुसार, पाकिस्तान में वरिष्ठ और मध्य प्रबंधन पदों पर महिलाओं की हिस्सेदारी 8 प्रतिशत से भी कम है।

यह आंकड़ा पाकिस्तान को अफगानिस्तान और यमन जैसे देशों के साथ वैश्विक रैंकिंग में सबसे नीचे रखता है, जबकि विश्व स्तर पर प्रबंधन पदों पर महिलाओं की औसत हिस्सेदारी लगभग 30 प्रतिशत है। यह जानकारी पाकिस्तान के अखबार डॉन की रिपोर्ट में प्रकाशित हुई है।

रिपोर्ट में पाकिस्तान की तुलना अन्य मुस्लिम-बहुल देशों से की गई है, जहां स्थिति अपेक्षाकृत बेहतर है। ब्रुनेई में प्रबंधन पदों पर महिलाओं की हिस्सेदारी 32 प्रतिशत से अधिक है, संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) में यह 23.5 प्रतिशत, ट्यूनीशिया में 26 प्रतिशत और तुर्किये में 19.1 प्रतिशत दर्ज की गई है।

रिपोर्ट के अनुसार, पाकिस्तान में कार्यस्थलों पर महिलाओं की उपस्थिति तो बढ़ी है, लेकिन उनकी वास्तविक ताकत और निर्णय लेने की भूमिका अब भी सीमित बनी हुई है।

विशेषज्ञों का कहना है कि पाकिस्तान के कार्यस्थलों पर महिलाओं के प्रति भेदभाव कई रूपों में प्रकट होता है। पारंपरिक माहौल में यह भेदभाव स्पष्ट रूप से दिखाई देता है, जहां महिलाओं को बताया जाता है कि कुछ नौकरियां उनके लिए उपयुक्त नहीं हैं या उनका मुख्य दायित्व केवल घर तक ही सीमित होना चाहिए।

आधुनिक और कॉर्पोरेट वातावरण में यह भेदभाव अधिक सूक्ष्म और 'प्रगतिशील' भाषा में छिपा होता है। महिला दिवस जैसे आयोजनों में महिलाओं को समावेश का प्रतीक बनाकर पेश किया जाता है, लेकिन उन्हें वास्तविक शक्ति या रणनीतिक निर्णयों में शामिल करने से परहेज किया जाता है।

कई दफ्तरों में सतह पर लैंगिक समानता दिखती है, लेकिन समय के साथ ऐसे पैटर्न सामने आते हैं, जहां महिलाओं से लगातार मीटिंग के नोट्स लेने, समन्वय करने या फॉलो-अप जैसे काम कराए जाते हैं, चाहे उनका पद कुछ भी हो। यह बिना वेतन और बिना मान्यता वाला 'ऑफिस हाउसवर्क' अक्सर पुरुषों को नहीं सौंपा जाता, जिससे महिलाएं नेतृत्वकर्ता के बजाय सहायक भूमिका में सीमित रह जाती हैं।

इसके अलावा, महिलाओं द्वारा दिए गए पेशेवर सुझावों को भी अक्सर नजरअंदाज कर दिया जाता है। वही सुझाव जब बाद में किसी पुरुष सहकर्मी द्वारा दोहराए जाते हैं, तो उनकी सराहना होती है। यह प्रवृत्ति महिलाओं को श्रेय से वंचित करती है और यह धारणा मजबूत करती है कि अधिकार और नेतृत्व पुरुषों की आवाज़ से ही जुड़ा है।

Point of View

यह रिपोर्ट एक गंभीर संकेत है जो दर्शाती है कि पाकिस्तान में महिलाओं की स्थिति कितनी चुनौतीपूर्ण है। हमें इस मुद्दे पर ध्यान देने की आवश्यकता है और इसे सुधारने के लिए ठोस कदम उठाने होंगे।

NationPress
15/01/2026

Frequently Asked Questions

पाकिस्तान में महिलाओं की प्रबंधन में हिस्सेदारी कितनी है?
पाकिस्तान में प्रबंधन पदों पर महिलाओं की हिस्सेदारी 8 प्रतिशत से भी कम है।
भारत में महिलाओं की प्रबंधन में हिस्सेदारी कितनी है?
भारत में प्रबंधन पदों पर महिलाओं की हिस्सेदारी औसतन 30 प्रतिशत के आसपास है।
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