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क्या आईबीएम 2030 तक 50 लाख भारतीय युवाओं को एआई, साइबर सुरक्षा और क्वांटम में प्रशिक्षित करेगा?

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क्या आईबीएम 2030 तक 50 लाख भारतीय युवाओं को एआई, साइबर सुरक्षा और क्वांटम में प्रशिक्षित करेगा?

सारांश

आईबीएम की नई पहल भारत में तकनीकी शिक्षा के क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण कदम है। 2030 तक 50 लाख भारतीय युवा उन्नत तकनीकों में प्रशिक्षित होंगे, जो उन्हें भविष्य के कार्यबल में शामिल करने का मौका देगा। यह कार्यक्रम आईबीएम स्किल्सबिल्ड के तहत चलाया जाएगा।

मुख्य बातें

आईबीएम ने 2030 तक 50 लाख युवाओं को प्रशिक्षित करने की योजना बनाई है।
यह पहल आईबीएम स्किल्सबिल्ड के तहत संचालित होगी।
कार्यक्रम का उद्देश्य तकनीकी शिक्षा को सुलभ बनाना है।
छात्रों को व्यावहारिक अनुभव प्रदान करने के लिए गतिविधियाँ आयोजित की जाएँगी।
यह पहल भारत में एआई और क्वांटम तकनीक में नेतृत्व स्थापित करने के लिए है।

नई दिल्ली, 19 दिसंबर (राष्ट्र प्रेस)। आईबीएम ने शुक्रवार को भारत में कौशल विकास हेतु एक महत्वपूर्ण पहल की घोषणा की है। इस पहल के अंतर्गत, आईबीएम 2030 तक 50 लाख भारतीय छात्रों और युवाओं को आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई), साइबर सुरक्षा और क्वांटम कंप्यूटिंग जैसी तकनीकों में प्रशिक्षित करेगा।

यह कार्यक्रम आईबीएम स्किल्सबिल्ड के माध्यम से संचालित होगा, जिसका उद्देश्य देश में एक भविष्य के लिए तैयार कार्यबल का निर्माण करना है और छात्रों और वयस्कों को डिजिटल और नौकरी केंद्रित कौशल तक आसान पहुंच प्रदान करना है।

आईबीएम ने कहा कि इस योजना के तहत उन्नत तकनीक की शिक्षा को अधिक समावेशी और सुलभ बनाने का प्रयास किया जाएगा, जिसमें स्कूल, विश्वविद्यालय और व्यावसायिक प्रशिक्षण संस्थानों में एआई और उभरती तकनीकों की शिक्षा का विस्तार शामिल है।

आईबीएम, ऑल इंडिया काउंसिल फॉर टेक्निकल एजुकेशन (एआईसीटीई) जैसी संस्थाओं के साथ सहयोग करके एआई-केंद्रित पाठ्यक्रम, शिक्षक प्रशिक्षण, हैकथॉन और इंटर्नशिप जैसी गतिविधियों को बढ़ावा देगा, जिसका मुख्य उद्देश्य छात्रों और शिक्षकों को व्यावहारिक अनुभव प्रदान करना है।

आईबीएम के चेयरमैन और सीईओ अरविंद कृष्णा ने कहा कि भारत में एआई और क्वांटम तकनीक में वैश्विक नेतृत्व की क्षमता है। उन्होंने बताया कि इस योजना से युवाओं को नई चीजें सीखने, नवाचार करने और देश के विकास में सहायता करने का अवसर मिलेगा।

आईबीएम स्कूलों में एआई शिक्षा को सशक्त बना रहा है। वरिष्ठ माध्यमिक छात्रों के लिए एआई पाठ्यक्रम विकसित किया जा रहा है और शिक्षकों को एआई प्रोजेक्ट कुकबुक, शिक्षक मार्गदर्शिका और समझाने वाले मॉड्यूल जैसी सामग्री प्रदान की जा रही है। इसका उद्देश्य छात्रों को कंप्यूटेशनल सोच और जिम्मेदार एआई की समझ प्रदान करना है।

इस योजना का मुख्य भाग आईबीएम स्किल्सबिल्ड है, जो दुनिया के सबसे बड़े और आसान डिजिटल शिक्षा प्लेटफार्मों में से एक है। यह 1,000 से अधिक पाठ्यक्रम प्रदान करता है, जिनमें एआई, साइबर सुरक्षा, क्वांटम कंप्यूटिंग, क्लाउड, डेटा और नौकरी से जुड़े कौशल शामिल हैं।

संपादकीय दृष्टिकोण

जो देश की विकास यात्रा में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी। आईबीएम का यह कदम शिक्षा के क्षेत्र में समावेशिता को बढ़ावा देने और युवाओं को वैश्विक स्तर पर प्रतिस्पर्धी बनाने के लिए है। यह निश्चित रूप से भारत की तकनीकी क्षमता को बढ़ाने में सहायक होगा।
RashtraPress
27 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

आईबीएम की इस पहल का उद्देश्य क्या है?
इसका उद्देश्य 2030 तक 50 लाख भारतीय युवाओं को एआई , साइबर सुरक्षा और क्वांटम कंप्यूटिंग में प्रशिक्षित करना है।
आईबीएम स्किल्सबिल्ड क्या है?
आईबीएम स्किल्सबिल्ड एक डिजिटल शिक्षा प्लेटफार्म है, जो विभिन्न तकनीकी पाठ्यक्रम प्रदान करता है।
क्या यह कार्यक्रम सभी छात्रों के लिए उपलब्ध है?
हाँ, यह कार्यक्रम स्कूलों, विश्वविद्यालयों और व्यावसायिक प्रशिक्षण संस्थानों के छात्रों के लिए उपलब्ध है।
इस पहल से युवाओं को क्या लाभ होगा?
युवाओं को नई तकनीकी कौशल सीखने और रोजगार के अवसरों में वृद्धि का लाभ मिलेगा।
आईबीएम किस संस्थाओं के साथ सहयोग कर रहा है?
आईबीएम , ऑल इंडिया काउंसिल फॉर टेक्निकल एजुकेशन (एआईसीटीई) जैसी संस्थाओं के साथ सहयोग कर रहा है।
राष्ट्र प्रेस
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