आईबीएम ने भारत में पहला इंफ्रास्ट्रक्चर इनोवेशन सेंटर शुरू किया, एआई में नवाचार को बढ़ावा
सारांश
Key Takeaways
- आईबीएम का नया सेंटर एआई में नवाचार को बढ़ावा देगा।
- यह केंद्र स्थानीय और वैश्विक बाजारों के लिए तकनीकी समाधान विकसित करेगा।
- सहयोगात्मक इंजीनियरिंग हब के रूप में कार्य करेगा।
- एआई के लिए मजबूत इंफ्रास्ट्रक्चर की आवश्यकता है।
- 2025 में इंफ्रास्ट्रक्चर बजट में करीब 19%25 वृद्धि का अनुमान है।
नई दिल्ली, 5 मार्च (राष्ट्र प्रेस)। प्रमुख आईटी कंपनी आईबीएम ने आज घोषणा की है कि उसने भारत में अपना पहला इंफ्रास्ट्रक्चर इनोवेशन सेंटर स्थापित किया है। यह केंद्र कंपनी के नए इंडिया सिस्टम्स डेवलपमेंट लैब (आईएसडीएल) परिसर में स्थित है।
'संगम इंफ्रास्ट्रक्चर इनोवेशन सेंटर' के तहत भारत को एडवांस्ड इंफ्रास्ट्रक्चर इंजीनियरिंग और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) इनोवेशन का एक केंद्रीय हब बनाने के लिए आईबीएम का यह एक महत्वपूर्ण कदम है। यह केंद्र न केवल घरेलू बाजार के लिए, बल्कि वैश्विक बाजारों के लिए भी तकनीकी समाधान विकसित करने में सहायक होगा।
कंपनी के अनुसार, यह सेंटर एक सहयोगात्मक इंजीनियरिंग हब के रूप में कार्य करेगा, जिसमें आईबीएम के सिस्टम आर्किटेक्ट और इंफ्रास्ट्रक्चर विशेषज्ञ ग्राहकों, स्वतंत्र सॉफ्टवेयर विक्रेताओं, और अन्य इकोसिस्टम पार्टनर्स के साथ मिलकर एआई समाधान तैयार करेंगे।
यह केंद्र हाइब्रिड क्लाउड क्षमताओं, उन्नत इंफ्रास्ट्रक्चर तकनीकों और एआई समाधानों को एकत्रित करके सुरक्षित और स्केलेबल एंटरप्राइज एआई सिस्टम के विकास को बढ़ावा देने का लक्ष्य रखता है।
आईबीएम इंडिया और साउथ एशिया के प्रबंध निदेशक संदीप पटेल ने कहा कि भारत इस समय अपने एआई यात्रा के एक महत्वपूर्ण मोड़ पर है, और भविष्य में इंफ्रास्ट्रक्चर यह तय करेगा कि कंपनियां कितनी तेजी से और बड़े स्तर पर नवाचार कर पाती हैं।
उन्होंने कहा कि यह नया केंद्र आईबीएम की भारत के प्रति दीर्घकालिक प्रतिबद्धता को दर्शाता है और स्थानीय स्तर पर इंफ्रास्ट्रक्चर समाधान डिजाइन और बड़े पैमाने पर लागू करने की क्षमता को मजबूत करेगा।
आईबीएम इंडिया सिस्टम्स डेवलपमेंट लैब के उपाध्यक्ष सुभथरा श्रीनिवासराघवन ने कहा कि एआई उतना ही प्रभावी होता है जितना कि उसे सपोर्ट करने वाला इंफ्रास्ट्रक्चर मजबूत होता है। उन्होंने बताया कि यह केंद्र गहरी सिस्टम इंजीनियरिंग विशेषज्ञता और इकोसिस्टम सहयोग को मिलाकर ग्राहकों को बड़े स्तर पर एआई लागू करने में मदद करेगा।
पिछले वर्ष आईबीएम इंस्टीट्यूट फॉर बिजनेस वैल्यू द्वारा किए गए एक अध्ययन में यह पाया गया कि भारत की 58 प्रतिशत कंपनियों ने बढ़ती एआई मांग के चलते अपने इंफ्रास्ट्रक्चर निवेश को बढ़ाया है। अध्ययन के अनुसार, 2025 में इंफ्रास्ट्रक्चर बजट में लगभग 19 प्रतिशत की वृद्धि होने का अनुमान है और लगभग 43 प्रतिशत कंपनियां एआई सेंटर ऑफ एक्सीलेंस स्थापित कर चुकी हैं या इसकी योजना बना रही हैं।