आईबीएम ने भारत में एआई नवाचार को बढ़ावा देने के लिए पहला इंफ्रास्ट्रक्चर इनोवेशन सेंटर खोला
सारांश
Key Takeaways
- संगम इंफ्रास्ट्रक्चर इनोवेशन सेंटर का उद्घाटन
- भारत को एआई में नवाचार का प्रमुख केंद्र बनाने की दिशा में कदम
- सुरक्षित और स्केलेबल एंटरप्राइज एआई सिस्टम का विकास
- स्थानीय और वैश्विक बाजारों के लिए तकनीकी समाधान
- कंपनियों की एआई-रेडी सिस्टम बनाने की दिशा में कार्य
नई दिल्ली, 5 मार्च (राष्ट्र प्रेस)। प्रमुख आईटी कंपनी आईबीएम ने गुरुवार को घोषणा की कि उसने भारत में अपना पहला इंफ्रास्ट्रक्चर इनोवेशन सेंटर स्थापित किया है। यह सेंटर कंपनी के नए इंडिया सिस्टम्स डेवलपमेंट लैब (आईएसडीएल) परिसर में स्थित है।
इस केंद्र का नाम 'संगम इंफ्रास्ट्रक्चर इनोवेशन सेंटर' रखा गया है, और यह भारत को उन्नत इंफ्रास्ट्रक्चर इंजीनियरिंग और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) में नवाचार का प्रमुख केंद्र बनाने के लिए आईबीएम के महत्वपूर्ण निवेश का संकेत है। यह सेंटर ना केवल घरेलू बाजार, बल्कि वैश्विक बाजारों के लिए भी तकनीकी समाधान विकसित करने में सहायक होगा।
कंपनी ने बताया कि यह सेंटर एक सहयोगात्मक इंजीनियरिंग हब के रूप में कार्य करेगा, जहाँ आईबीएम के सिस्टम आर्किटेक्ट और इंफ्रास्ट्रक्चर विशेषज्ञ ग्राहकों, स्वतंत्र सॉफ्टवेयर विक्रेताओं, वैश्विक सिस्टम इंटीग्रेटर्स, और अन्य इकोसिस्टम भागीदारों के साथ मिलकर एआई समाधान विकसित करेंगे।
यह केंद्र हाइब्रिड क्लाउड क्षमताओं, उन्नत इंफ्रास्ट्रक्चर प्रौद्योगिकियों और एआई समाधानों को एकीकृत करके सुरक्षित और स्केलेबल एंटरप्राइज एआई सिस्टम के विकास को बढ़ावा देने का उद्देश्य रखता है।
आईबीएम इंडिया और दक्षिण एशिया के प्रबंध निदेशक संदीप पटेल ने कहा कि भारत इस समय एआई के क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण मोड़ पर है और आने वाले समय में इंफ्रास्ट्रक्चर यह निर्धारित करेगा कि संस्थाएँ कितनी तेजी से और बड़े पैमाने पर नवाचार कर पाती हैं। उन्होंने कहा कि भारत के विभिन्न उद्योगों में कंपनियाँ अपने महत्वपूर्ण सिस्टम को आधुनिक बनाकर उन्हें एआई-रेडी बनाने की दिशा में कार्य कर रही हैं।
उन्होंने आगे कहा कि यह नया केंद्र भारत के प्रति आईबीएम की दीर्घकालिक प्रतिबद्धता को दर्शाता है और कंपनी को स्थानीय स्तर पर इंफ्रास्ट्रक्चर समाधान डिजाइन, विकसित और बड़े पैमाने पर लागू करने की क्षमता प्रदान करेगा, साथ ही वैश्विक नवाचार में भी योगदान देगा।
आईबीएम इंडिया सिस्टम्स डेवलपमेंट लैब की उपाध्यक्ष सुभथरा श्रीनिवासराघवन ने बताया कि एआई उतना ही प्रभावी होता है जितना मजबूत उसे समर्थन देने वाला इंफ्रास्ट्रक्चर होता है। उन्होंने कहा कि यह केंद्र गहरी सिस्टम इंजीनियरिंग विशेषज्ञता और इकोसिस्टम सहयोग को एकत्रित करके ग्राहकों को बड़े स्तर पर एआई लागू करने में मदद करेगा, साथ ही प्रदर्शन, सुरक्षा, प्रशासन और विश्वसनीयता भी सुनिश्चित करेगा।
पिछले वर्ष आईबीएम इंस्टीट्यूट फॉर बिजनेस वैल्यू द्वारा किए गए एक अध्ययन में यह पाया गया था कि भारत की 58 प्रतिशत कंपनियों ने बढ़ती एआई मांग के मद्देनजर अपने इंफ्रास्ट्रक्चर निवेश को बढ़ाया है। अध्ययन के अनुसार, 2025 में इंफ्रास्ट्रक्चर बजट में लगभग 19 प्रतिशत की वृद्धि होने का अनुमान है और लगभग 43 प्रतिशत कंपनियाँ एआई सेंटर ऑफ एक्सीलेंस स्थापित कर चुकी हैं या इसकी योजना बना रही हैं।