भारत का ब्रॉडबैंड यूजर बेस 10 साल में 6 करोड़ से 100 करोड़ पहुँचा, 6जी में होगा वैश्विक नेतृत्व: सिंधिया
सारांश
मुख्य बातें
केंद्रीय संचार मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने 8 अक्टूबर 2026 को घोषणा की कि भारत ने पिछले एक दशक में अपना ब्रॉडबैंड उपभोक्ता आधार लगभग 6 करोड़ से बढ़ाकर 100 करोड़ (1 बिलियन) तक पहुँचा दिया है। नई दिल्ली के यशोभूमि में आयोजित इंडिया मोबाइल कांग्रेस (IMC) 2026 के 10वें संस्करण को संबोधित करते हुए उन्होंने इसे देश की डिजिटल यात्रा में ऐतिहासिक परिवर्तन बताया और कहा कि भारत अब 6जी तकनीक के क्षेत्र में वैश्विक नेतृत्व करने की दिशा में आगे बढ़ रहा है।
मुख्य घोषणाएँ और आँकड़े
सिंधिया ने बताया कि भारत आज दुनिया में सबसे सस्ती मोबाइल डेटा सेवाओं वाले देशों में शामिल है और देश में 1 जीबी डेटा की औसत कीमत करीब ₹8 है। उन्होंने कहा, "डेटा की लागत में हर कमी और उपयोग में हर बढ़ोतरी ने करोड़ों भारतीयों को जोड़ने, सृजन करने और नवाचार करने का अवसर दिया है।" उनके अनुसार डिजिटल कनेक्टिविटी आज सामाजिक और आर्थिक बदलाव का सबसे बड़ा माध्यम बन चुकी है।
6जी में नेतृत्व का संकल्प
सिंधिया ने स्पष्ट किया कि भारत का लक्ष्य अब केवल तकनीकी मानकों को अपनाने वाला देश बने रहना नहीं है, बल्कि वैश्विक तकनीकी मानक तय करने वाला देश बनना है। उन्होंने कहा, "हम 4जी में पीछे थे, 5जी में दुनिया के साथ हैं और 6जी में नेतृत्व करेंगे।" यह बयान ऐसे समय में आया है जब भारत का 5जी नेटवर्क विस्तार अभी भी कई ग्रामीण क्षेत्रों में जारी है और 6जी के लिए वैश्विक मानक निर्धारण प्रक्रिया अंतरराष्ट्रीय दूरसंचार संघ (ITU) में शुरुआती चरण में है।
प्रधानमंत्री मोदी का विज़न और IMC 2026 का उद्घाटन
सिंधिया ने इन उपलब्धियों का श्रेय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 2014 के उस विज़न को दिया, जिसमें एक कनेक्टेड, डिज़ाइन नेतृत्व वाले और तकनीकी रूप से अग्रणी भारत की कल्पना की गई थी। उन्होंने कहा कि पिछले दस वर्षों में भारत ने जो उपलब्धियाँ हासिल की हैं, वे कई अन्य देशों के लिए बहुत अधिक समय माँगती। गौरतलब है कि इससे पहले गुरुवार को प्रधानमंत्री मोदी ने स्वयं IMC 2026 का उद्घाटन किया, जिसका स्वागत सिंधिया ने किया।
IMC 2026 का आयोजन
इंडिया मोबाइल कांग्रेस 2026 का आयोजन 7 से 10 अक्टूबर तक नई दिल्ली के यशोभूमि में किया जा रहा है। इसे दूरसंचार विभाग (DoT) और सेल्युलर ऑपरेटर्स एसोसिएशन ऑफ इंडिया (COAI) संयुक्त रूप से आयोजित कर रहे हैं। यह आयोजन भारत के दूरसंचार क्षेत्र की प्रगति को वैश्विक मंच पर प्रदर्शित करने का प्रमुख वार्षिक मंच बन चुका है।
आम जनता और उद्योग पर असर
विशेषज्ञों के अनुसार ब्रॉडबैंड उपभोक्ता आधार का 100 करोड़ के पार जाना भारत के डिजिटल अर्थव्यवस्था लक्ष्यों के लिए महत्वपूर्ण पड़ाव है। सस्ते डेटा ने ई कॉमर्स, डिजिटल भुगतान, ऑनलाइन शिक्षा और स्वास्थ्य सेवाओं की पहुँच को ग्रामीण भारत तक विस्तारित किया है। अब 6जी के लिए भारत की तैयारी यह तय करेगी कि देश अगली पीढ़ी की तकनीक में उपभोक्ता बनेगा या नवाचारक।